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Ambedkar Nagar News: खाद वितरण न करने पर 12 सचिव निलंबित, छह का रोका वेतन
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सहकारी संघ जलालपुर समिति पर लटकता ताला। संवाद
अंबेडकरनगर। जिले में साधन सहकारी समितियों के सचिवों की हड़ताल से खाद वितरण बंद है। रबी की बोआई का समय नजदीक होने के बावजूद किसानों को समितियों से डीएपी, यूरिया और बीज नहीं मिल पा रहे हैं। खाद के लिए किसान समितियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन ताला बंद मिलने पर मायूस लौटना पड़ रहा है। मजबूरी में उन्हें निजी दुकानों से महंगे दाम पर खाद खरीदनी पड़ रही है। इस बीच, उर्वरक वितरण न करने पर एआर कोऑपरेटिव ने 12 सचिवों को निलंबित कर दिया है, जबकि छह अन्य का वेतन रोक दिया गया है।
जिले में 92 सहकारी समितियों पर 75 सचिव तैनात हैं। 22 अक्तूबर से सचिवों की हड़ताल जारी है। इसके चलते कई समितियों पर पिछले कई दिनों से ताले लटके हैं। विभाग का कहना है कि खाद और बीज उपलब्ध होने के बावजूद वितरण नहीं हो पा रहा है। इससे आलू, सरसों और अन्य रबी फसलों की बोआई की तैयारी कर रहे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
एआर कोऑपरेटिव ने बहोरिकपुर, पिगरियावां भीटी, सिझौली, महरुआ गोला, सुमेरपुर, औरंगनगर, देवरिया पंडित, मडहरा पकड़ी भियांव, खजुरी करौंदी जलालपुर, मखदूमनगर टांडा, उतरेथू, जगुई, भीटी, मालीपुर, रेवई, बसईया और गंगासागर समितियों से संबंधित 12 सचिवों को निलंबित किया है। वहीं, बी पैक्स अशरफपुर पचाउख अकबरपुर, लालापुर, लोदीपुर अकबरपुर, बड़ागांव काजी टांडा, जियापुर और केशवपुर समितियों के छह सचिवों का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है। इन समितियों के खुले मिलने के बावजूद खाद वितरण न करने का आरोप है।
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एआर कोऑपरेटिव राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि उर्वरक वितरण न करने के आरोप में 12 सचिवों को निलंबित किया गया है। छह सचिवों का वेतन रोका गया है। बुधवार को बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति बेवाना समेत कई समितियों को खुलवाकर किसानों को खाद वितरित कराई गई।
समितियों के चक्कर काट रहे किसान
बुधवार को अकबरपुर सहकारी क्रय-विक्रय समिति पर ताला लटका मिला। खाद लेने पहुंचे किसान निराश होकर लौट गए। सहकारी संघ जलालपुर का गेट भी बंद मिला। रबी सीजन में गेहूं, जौ, चना, मटर और बरसीम की बोआई के लिए किसानों को बीज के साथ डीएपी और यूरिया की जरूरत है। इसके अलावा आलू और सरसों की बोआई भी शुरू हो गई है। समितियां बंद होने से किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है।
महंगे दाम पर मिल रही खाद
जलालपुर के खालिसपुर गोदाम निवासी उमाकांत मौर्य ने बताया कि धान की कटाई के बाद आलू और सरसों की बोआई शुरू हो गई है, लेकिन खाद न मिलने से परेशानी हो रही है। निजी दुकानों पर डीएपी की एक बोरी 1,800 से 2,000 रुपये में मिल रही है, जबकि सहकारी समिति पर यही बोरी 1,300 रुपये में मिल जाती है। इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
फसल बोआई हुई मुश्किल
जलालपुर के उसरहा निवासी श्यामसुंदर ने बताया कि उनके एक रिश्तेदार को खाद की जरूरत है। सहकारी संघ जलालपुर पहुंचने पर सचिवों की हड़ताल के कारण समिति बंद मिली। उन्होंने कहा कि सरसों और आलू की बोआई चल रही है। इसके बाद गेहूं की बोआई के लिए भी डीएपी और यूरिया की जरूरत होगी। ऐसे में हड़ताल से किसानों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
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जिले में 92 सहकारी समितियों पर 75 सचिव तैनात हैं। 22 अक्तूबर से सचिवों की हड़ताल जारी है। इसके चलते कई समितियों पर पिछले कई दिनों से ताले लटके हैं। विभाग का कहना है कि खाद और बीज उपलब्ध होने के बावजूद वितरण नहीं हो पा रहा है। इससे आलू, सरसों और अन्य रबी फसलों की बोआई की तैयारी कर रहे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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एआर कोऑपरेटिव ने बहोरिकपुर, पिगरियावां भीटी, सिझौली, महरुआ गोला, सुमेरपुर, औरंगनगर, देवरिया पंडित, मडहरा पकड़ी भियांव, खजुरी करौंदी जलालपुर, मखदूमनगर टांडा, उतरेथू, जगुई, भीटी, मालीपुर, रेवई, बसईया और गंगासागर समितियों से संबंधित 12 सचिवों को निलंबित किया है। वहीं, बी पैक्स अशरफपुर पचाउख अकबरपुर, लालापुर, लोदीपुर अकबरपुर, बड़ागांव काजी टांडा, जियापुर और केशवपुर समितियों के छह सचिवों का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है। इन समितियों के खुले मिलने के बावजूद खाद वितरण न करने का आरोप है।
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एआर कोऑपरेटिव राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि उर्वरक वितरण न करने के आरोप में 12 सचिवों को निलंबित किया गया है। छह सचिवों का वेतन रोका गया है। बुधवार को बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति बेवाना समेत कई समितियों को खुलवाकर किसानों को खाद वितरित कराई गई।
समितियों के चक्कर काट रहे किसान
बुधवार को अकबरपुर सहकारी क्रय-विक्रय समिति पर ताला लटका मिला। खाद लेने पहुंचे किसान निराश होकर लौट गए। सहकारी संघ जलालपुर का गेट भी बंद मिला। रबी सीजन में गेहूं, जौ, चना, मटर और बरसीम की बोआई के लिए किसानों को बीज के साथ डीएपी और यूरिया की जरूरत है। इसके अलावा आलू और सरसों की बोआई भी शुरू हो गई है। समितियां बंद होने से किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है।
महंगे दाम पर मिल रही खाद
जलालपुर के खालिसपुर गोदाम निवासी उमाकांत मौर्य ने बताया कि धान की कटाई के बाद आलू और सरसों की बोआई शुरू हो गई है, लेकिन खाद न मिलने से परेशानी हो रही है। निजी दुकानों पर डीएपी की एक बोरी 1,800 से 2,000 रुपये में मिल रही है, जबकि सहकारी समिति पर यही बोरी 1,300 रुपये में मिल जाती है। इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
फसल बोआई हुई मुश्किल
जलालपुर के उसरहा निवासी श्यामसुंदर ने बताया कि उनके एक रिश्तेदार को खाद की जरूरत है। सहकारी संघ जलालपुर पहुंचने पर सचिवों की हड़ताल के कारण समिति बंद मिली। उन्होंने कहा कि सरसों और आलू की बोआई चल रही है। इसके बाद गेहूं की बोआई के लिए भी डीएपी और यूरिया की जरूरत होगी। ऐसे में हड़ताल से किसानों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।