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उफनाई सरयू की चपेट में आए आलापुर के नौ पुरवे
Updated Sun, 19 Aug 2018 11:05 PM IST
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राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। उफनाई सरयू नदी के रौद्ररूप ने आलापुर तहसील अंतर्गत माझा कम्हरिया व अराजी देवारा ग्राम पंचायत के नौ पुरवों को अपनी चपेट में ले लिया है। सभी नौ पुरवों तक पानी पहुंचने से लगभग 3 हजार की आबादी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। सबसे अधिक मुश्किल अराजी देवारा ग्राम पंचायत के ग्रामीणों के समक्ष खड़ी हो गई है। यहां के चार पुरवों करिया लोनिया का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा, हंसू का पूरा व सिद्धनाथ चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है। इन पुरवों का मुख्य सड़क से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। ऐसे में इन पुरवों के ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा बाढ़ के पानी से लगभग 500 बीघा फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई। इससे मवेशियों के समक्ष चारे का संकट खड़ा हो गया है। इसे देखते हुए रविवार को कैंप लगाकर दोनों ग्राम पंचायतों के 99 पशुपालकों में 5 किग्रा. प्रति मवेशी के अनुसार भूसे का वितरण किया गया।
सरयू नदी के उफान ने माझा कम्हरिया व अराजी देवारा ग्राम पंचायत में कहर बरपाना शुरू कर दिया है। बाढ़ का पानी दोनों ग्राम पंचायतों के पुरवों के अंदर तक पहुंचने लगा है। इससे संबंधित ग्राम पंचायत की लगभग 3 हजार आबादी के समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। सबसे अधिक मुश्किल अराजी देवारा ग्राम पंचायत के चार पुरवों करिया लोनिया का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा, हंसू का पूरा व सिद्धनाथ के ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा है। दरअसल चारों पुरवे बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर चुके हैं। इन पुरवों का अन्य क्षेत्रों से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। रविवार को अमर उजाला टीम ने जब बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा। करिया लोनिया का पूरा निवासी संतलाल का छप्परनुमा घर पूरी तरह जलमग्न मिला। प्रसाद कुर्मी का पूरा गांव निवासिनी मिनका देवी सिर पर सब्जी व आटा लादकर घुटने तक पानी में घुसकर घर जा रही थी। पूछने पर मिनका ने बताया कि बच्चों का पेट भरने के लिए खाद्य सामग्रियों की व्यवस्था तो करनी ही है। इसी प्रकार माझा कम्हरिया ग्राम पंचायत के पांच पुरवों कल्लू का पूरा, नौका पूरा, सत्यनरायन का पूरा, पटपरवा व बद्री का पुरवा तक पानी पहुंच गया है।
आवागमन के लिए लगाई गई नाव
उफनाई सरयू नदी से सबसे अधिक अराजी देवारा के चार पुरवे करिया लोनिया का पूरा, हंसू का पूरा व सिद्धनाथ प्रभावित हुए हैं। चारों तरफ बाढ़ का पानी पहुंच गया है, इससे मुख्य सड़क से इन पुरवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। ग्रामीणों को आवागमन में किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए दो नावों को पानी में शनिवार देर शाम ही उतार दिया गया। इसके अलावा इसी ग्राम पंचायत के प्रसाद कुर्मी का पूरा में भी रविवार देर शाम को एक नाव उतार दी गई। तहसीलदार सुदामा वर्मा ने बताया कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो नावों की संख्या बढ़ा दी जाएगी।
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पशुपालकों में हुआ भूसे का वितरण
पशुपालन विभाग के तत्वावधान में रविवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय कम्हरिया परिसर में तहसीलदार सुदामा वर्मा की अध्यक्षता में कैंप लगाकर पशुपालकों में भूसे का वितरण किया गया। माझा कम्हरिया व अराजी देवारा ग्राम पंचायत के पुरवों के निकट बाढ़ का पानी पहुंचने से मवेशियों के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। इसे देखते हुए रविवार को प्रति पशु पांच किग्रा भूसा पशुपालकों को उपलब्ध कराया गया। डॉ. अम्बरीश ने बताया कि उन्हीं पशुपालकों को भूसा उपलब्ध कराया गया, जिन्होंने बरसात का मौसम शुरू होने से पहले अपने मवेशियों को गला घोंटू रोग से बचने के लिए टीका लगवाया था। बताया कि कुल 99 पशुपालकों को भूसा उपलब्ध कराया गया। इसमें अराजी देवारा के 54 व माझा कम्हरिया के 45 पशुपालक शामिल रहे।
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सरयू नदी के उफान ने माझा कम्हरिया व अराजी देवारा ग्राम पंचायत में कहर बरपाना शुरू कर दिया है। बाढ़ का पानी दोनों ग्राम पंचायतों के पुरवों के अंदर तक पहुंचने लगा है। इससे संबंधित ग्राम पंचायत की लगभग 3 हजार आबादी के समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। सबसे अधिक मुश्किल अराजी देवारा ग्राम पंचायत के चार पुरवों करिया लोनिया का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा, हंसू का पूरा व सिद्धनाथ के ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा है। दरअसल चारों पुरवे बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर चुके हैं। इन पुरवों का अन्य क्षेत्रों से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। रविवार को अमर उजाला टीम ने जब बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा। करिया लोनिया का पूरा निवासी संतलाल का छप्परनुमा घर पूरी तरह जलमग्न मिला। प्रसाद कुर्मी का पूरा गांव निवासिनी मिनका देवी सिर पर सब्जी व आटा लादकर घुटने तक पानी में घुसकर घर जा रही थी। पूछने पर मिनका ने बताया कि बच्चों का पेट भरने के लिए खाद्य सामग्रियों की व्यवस्था तो करनी ही है। इसी प्रकार माझा कम्हरिया ग्राम पंचायत के पांच पुरवों कल्लू का पूरा, नौका पूरा, सत्यनरायन का पूरा, पटपरवा व बद्री का पुरवा तक पानी पहुंच गया है।
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आवागमन के लिए लगाई गई नाव
उफनाई सरयू नदी से सबसे अधिक अराजी देवारा के चार पुरवे करिया लोनिया का पूरा, हंसू का पूरा व सिद्धनाथ प्रभावित हुए हैं। चारों तरफ बाढ़ का पानी पहुंच गया है, इससे मुख्य सड़क से इन पुरवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। ग्रामीणों को आवागमन में किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए दो नावों को पानी में शनिवार देर शाम ही उतार दिया गया। इसके अलावा इसी ग्राम पंचायत के प्रसाद कुर्मी का पूरा में भी रविवार देर शाम को एक नाव उतार दी गई। तहसीलदार सुदामा वर्मा ने बताया कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो नावों की संख्या बढ़ा दी जाएगी।
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पशुपालकों में हुआ भूसे का वितरण
पशुपालन विभाग के तत्वावधान में रविवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय कम्हरिया परिसर में तहसीलदार सुदामा वर्मा की अध्यक्षता में कैंप लगाकर पशुपालकों में भूसे का वितरण किया गया। माझा कम्हरिया व अराजी देवारा ग्राम पंचायत के पुरवों के निकट बाढ़ का पानी पहुंचने से मवेशियों के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। इसे देखते हुए रविवार को प्रति पशु पांच किग्रा भूसा पशुपालकों को उपलब्ध कराया गया। डॉ. अम्बरीश ने बताया कि उन्हीं पशुपालकों को भूसा उपलब्ध कराया गया, जिन्होंने बरसात का मौसम शुरू होने से पहले अपने मवेशियों को गला घोंटू रोग से बचने के लिए टीका लगवाया था। बताया कि कुल 99 पशुपालकों को भूसा उपलब्ध कराया गया। इसमें अराजी देवारा के 54 व माझा कम्हरिया के 45 पशुपालक शामिल रहे।