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और अब एशियन गेम्स में देश के लिए पदक लाने के संकल्प में जुटीं अरुणिमा
Updated Mon, 11 Jun 2018 10:32 PM IST
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अंबेडकरनगर। इसी वर्ष जकार्ता में होने वाले एशियन गेम्स में भागीदारी की तरफ पद्मश्री अरुणिमा सिन्हा ने मजबूती से कदम बढ़ा दिया है। वे एशियन गेम्स में भागीदारी तय करने के लिए पेरिस रवाना हो गई हैं। जहां हैंडी स्पोर्टस ओपन गेम में वे भाग लेंगी। पैरा ओलंपिक संघ की देखरेख में होने वाले इस आयोजन में भागीदारी को लेकर अरुणिमा काफी उत्साहित हैं। उनका कहना है कि इसमें भागीदारी करने से मैने एशियन गेम्स में भागीदारी का जो संकल्प लिया है, उसे पूरा करने में मदद मिलेगी।
ट्रेन हादसे में पैर गवाने वाली अकबरपुर निवासिनी पद्मश्री अरुणिमा सिन्हा एक के बाद एक नया रिकार्ड अपने नाम करतीं जा रही हैं। दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर वे विश्व की ऐसी पहली दिव्यांग महिला बनी थीं, जिन्हें यह सफलता हासिल हुई थी। अरुणिमा ने कई अन्य देशों की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं पर भी तिरंगा लहराने में सफलता पायी है। मूलरूप से खिलाड़ी रहीं अरुणिमा इन सफलताओं के बाद भी खेल को लेकर लगातार जुड़ाव बनाए हुए हैं। उन्नाव में दिव्यांग खेल एकेडमी स्थापना की कोशिशों में जुटीं अरुणिमा का लक्ष्य अब एशियन गेम्स में भारत के लिए पदक लाना है। देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान में से एक पद्मश्री तथा प्रदेश के सर्वोच्च सम्मान यश भारती से सम्मानित हो चुकीं अरुणिमा अमर उजाला फाउंडेशन के लिए भी बढ़ चढ़कर कार्य करती रही हैं। अरुणिमा ने बीते दिनों आयोजित नेशनल पैरागेम्स में रजत हासिल करने की उपलब्धि पायी थी। वे पिछले लगभग एक वर्ष से एशियन गेम्स की तैयारी में जुटी हैं। इसी कड़ी में वे सोमवार को पेरिस फ्रांस के लिए रवाना हुईं। वहां 11 जून से लेकर 16 जून तक आयोजित हो रहे एनडी स्पोर्टस ओपन खेलों में वे भागीदारी करेंगी। अरुणिमा 14 जून को वहां अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।
पेरिस रवाना होने से पहले अमर उजाला से खास बातचीत में अरुणिमा ने कहा कि वे सदैव देश के लिए कुछ करना चाहती हैं। ऐसा करना है जिससे और भी युवक युवती इस राह पर आगे बढ़ सकें। इसी वर्ष अक्तूबर में जकार्ता में होने वाले एशियन गेम्स को लेकर उत्साहित अरुणिमा ने कहा कि पेरिस में होने जा रहे आयोजन से उनके इस दावे को काफी मजबूती मिलेगी। अरुणिमा ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि वे जकार्ता में होने वाले एशियन गेम्स में पदक लाने में कामयाब होंगी।
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ट्रेन हादसे में पैर गवाने वाली अकबरपुर निवासिनी पद्मश्री अरुणिमा सिन्हा एक के बाद एक नया रिकार्ड अपने नाम करतीं जा रही हैं। दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर वे विश्व की ऐसी पहली दिव्यांग महिला बनी थीं, जिन्हें यह सफलता हासिल हुई थी। अरुणिमा ने कई अन्य देशों की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं पर भी तिरंगा लहराने में सफलता पायी है। मूलरूप से खिलाड़ी रहीं अरुणिमा इन सफलताओं के बाद भी खेल को लेकर लगातार जुड़ाव बनाए हुए हैं। उन्नाव में दिव्यांग खेल एकेडमी स्थापना की कोशिशों में जुटीं अरुणिमा का लक्ष्य अब एशियन गेम्स में भारत के लिए पदक लाना है। देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान में से एक पद्मश्री तथा प्रदेश के सर्वोच्च सम्मान यश भारती से सम्मानित हो चुकीं अरुणिमा अमर उजाला फाउंडेशन के लिए भी बढ़ चढ़कर कार्य करती रही हैं। अरुणिमा ने बीते दिनों आयोजित नेशनल पैरागेम्स में रजत हासिल करने की उपलब्धि पायी थी। वे पिछले लगभग एक वर्ष से एशियन गेम्स की तैयारी में जुटी हैं। इसी कड़ी में वे सोमवार को पेरिस फ्रांस के लिए रवाना हुईं। वहां 11 जून से लेकर 16 जून तक आयोजित हो रहे एनडी स्पोर्टस ओपन खेलों में वे भागीदारी करेंगी। अरुणिमा 14 जून को वहां अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।
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पेरिस रवाना होने से पहले अमर उजाला से खास बातचीत में अरुणिमा ने कहा कि वे सदैव देश के लिए कुछ करना चाहती हैं। ऐसा करना है जिससे और भी युवक युवती इस राह पर आगे बढ़ सकें। इसी वर्ष अक्तूबर में जकार्ता में होने वाले एशियन गेम्स को लेकर उत्साहित अरुणिमा ने कहा कि पेरिस में होने जा रहे आयोजन से उनके इस दावे को काफी मजबूती मिलेगी। अरुणिमा ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि वे जकार्ता में होने वाले एशियन गेम्स में पदक लाने में कामयाब होंगी।
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