फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   रस्म अदायगी से आगे नहीं बढ़ पा रहा सर्व शिक्षा अभियान

रस्म अदायगी से आगे नहीं बढ़ पा रहा सर्व शिक्षा अभियान

Sun, 08 Apr 2018 10:48 PM IST
Updated Sun, 08 Apr 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
रस्म अदायगी से आगे नहीं बढ़ पा रहा सर्व शिक्षा अभियान
अंबेडकरनगर। परिषदीय स्कूलों में बच्चों का नामांकन कराने को लेकर सर्व शिक्षा अभियान फर्ज अदायगी से आगे नहीं बढ़ पा रहा। यूं तो स्कूलों की तरफ से जागरूकता रैलियां निकाली जा रहीं, लेकिन वह सिर्फ फोटो खिंचाने व रस्म अदायगी तक ही सीमित है। अध्यापकों ने नजदीकी गांवों में डोर टू डोर जाने से कन्नी काट रखा है। खंड शिक्षा अधिकारी व न्याय पंचायत समन्वयक भी गांवों में जाकर अभिभावकों व गणमान्य नागरिकों को अधिकाधिक नामांकन के लिए प्रेरित करते नहीं दिख रहे। इन सब के चलते ही गत वर्ष से अधिक नामांकन करा पाना शिक्षा विभाग के लिए बड़ी चुनौती है।
विज्ञापन

शासन स्तर से भले ही परिषदीय स्कूलों के बच्चों को लेकर तमाम योजनाएं चलायी जा रही हों, लेकिन इसके बावजूद छात्र संख्या अपेक्षित गति से नहीं बढ़ पा रही है। इसके बावजूद सार्थक प्रयास होते नजर नहीं आते। सर्व शिक्षा अभियान के नाम पर स्कूलों द्वारा औपचारिकता निभाने के लिए रैलियां तो निकाली जा रहीं, लेकिन अध्यापकों द्वारा संबंधित गांवों में घर घर जाकर बच्चों का नामांकन कराने के लिए अभिभावकों को प्रेरित करने की जिम्मेदारी नहीं निभाई जा रही। न ही ऐसी कोई मुहिम विभागीय अधिकारी चला सके हैं। खंड शिक्षा अधिकारी व न्याय पंचायत समन्वयकों का भी पूरा जोर सिर्फ इक्का दुक्का रैलियों में शामिल होने तथा फोटो खिंचवाने तक ही सीमित होकर रह गया है। इसी का नतीजा है कि ऐसे सारे अभियान का कोई असर छात्र संख्या पर नहीं पड़ रहा। यह हाल तब है जब परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को एमडीएम के अलावा निशुल्क पुस्तक, बैग, ड्रेस, जूते-मोजे आदि की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ग्रामीणों को इन योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही बेहतर शिक्षा देने का जो भरोसा शिक्षकों को दिलाना चाहिए उस तरफ उनका ध्यान ही नहीं है।
विज्ञापन

जिले में 1353 प्राथमिक व 520 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। गत वर्ष इन विद्यालयों में कुल 2 लाख 10 हजार 800 बच्चे पंजीकृत थे। इस बार इस संख्या में बढ़ोत्तरी होनी चाहिए। इसमें कितनी बढ़ोत्तरी हो पाई है, इसका जवाब आने वाले दिनों में ही मिल पाएगा। हालांकि विभाग का जो रुख है, उससे इस अभियान में सफलता मिलने की ज्यादा उम्मीद नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पंजीयन के लिए कम पहुंच रहे बच्चे
ग्रामीण क्षेत्रों में अभी खेती का कार्य चल रहा है। इसके चलते ही छात्र विद्यालय कम पहुंच रहे हैं। अभिभावकों से संपर्क साधा जा रहा है। पंजीयन के लिए आश्वासन भी मिल रहा है। उच्च प्राथमिक विद्यालय बरधाभिउरा की प्रधानाध्यापिका हुसना खातून ने बताया कि 12 बच्चों के पंजीयन हुए हैं। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय वैरमपुर बरवां के लिपिक अशोक वर्मा के मुताबिक उनके यहां इस सत्र में 17 बच्चों ने अब तक पंजीयन कराया है। प्राथमिक विद्यालय अरियौना की प्रधानाध्यापिका रेखा पांडेय ने बताया कि अब तक 7 बच्चों का पंजीयन हुआ है। अभी इतनी ही संख्या में बच्चे पंजीयन के लिए आए थे, लेकिन आधार कार्ड न होने के कारण अभी पंजीयन नहीं हो पाया। उन्हें आधार कार्ड बनवाकर जल्द देने को कहा गया है।


ईंट भट्ठों पर भी चल रहा अभियान
परिषदीय विद्यालयों में छात्र-संख्या बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षक लगातार डोर-टू-डोर अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं। स्कूल चलो अभियान रैली निकल रही है। ईंट-भट्ठों व अन्य बड़े प्रतिष्ठानों पर जहां कार्य चल रहा है वहां अभिभावकों से संपर्क साधा जाएगा। उनसे भी बच्चों का पंजीयन विद्यालय में कराने का आह्वान किया जाएगा। डीएम अखिलेश सिंह 9 अप्रैल को जिला मुख्यालय के प्राथमिक विद्यालय से स्कूल चलो रैली रवाना करेंगे। इसमें परिषदीय स्कूलों द्वारा बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही योजनाओं के बारे में भी अभिभावकों को जानकारी दी जाएगी। -अतुल कुमार सिंह, बीएसए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed