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मार्च से उठाएंगे जनपदवासी एनएच मार्ग पर फर्राटा भरने का लुत्फ

Lucknow Bureau Updated Sun, 14 Jan 2018 10:33 PM IST
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अंबेडकरनगर। जनपदवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। जिले से होकर गुजर रहे एनएच 232 पर मार्च माह से ही वाहन फर्राटा भरने लगेंगे। दरअसल फेज 1 का काम लगभग 92 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। दो बाईपास व एक रेलवे ओवरब्रिज का आंशिक कार्य बाकी है, जिसे दो माह में पूरा कर लिया जाएगा। एनएच निर्माण पूरा हो जाने से अंबेडकरनगर के अलावा बस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली आदि जनपदों के लोगों को आवागमन में बडे़ पैमाने पर सुविधा प्राप्त होगी। कई जिलों की दूरियां आपस में सिमट जाएंगी। डीजल व पेट्रोल की बचत के साथ ही समय की भी बचत लोगों को होने लगेगी।
जिला मुख्यालय समेत निकटवर्ती बाजारों में जाम के संकट से निजात मिलने के साथ ही आवागमन के मामले में जनपदवासियों की बड़ी उम्मीद पूरी होने जा रही है। टांडा से लेकर बांदा तक 4 वर्ष पूर्व 285 किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे के निर्माण की घोषणा हुई थी। हैदराबाद की कंपनी गोकुल कृष्णा कंस्ट्रक्शन को निर्माण की जिम्मेदारी एनएचएआई ने दी। पहले फेज में टांडा से रायबरेली तक का निर्माण रखा गया। वर्ष 2014 के अप्रैल माह में निर्माण कार्य शुरू हुआ। तमाम व्यवधान के बीच रह-रहकर निर्माण गति भी पकड़ता रहा। बीते एक वर्ष में मार्ग निर्माण में खासी तेजी आई। अब निर्माण पूरा होने के कगार पर पहुंच गया है। अकबरपुर में बाईपास के निकट लगभग 800 मीटर भूमि का अधिग्रहण होना शेष रह गया था। गत दिवस एसडीएम सदर विवेक मिश्र के नेतृत्व में टीम ने जाकर संबंधित भूमि पर कार्यदायी संस्था को कब्जा दिला दिया। मालीपुर मार्ग पर ओवरब्रिज के निकट सर्विस मार्ग निर्माण के लिए जिस परिषदीय स्कूल का भवन आडे़ आ रहा था। उसके लिए भी अलग से भूमि खरीद ली गई है। शनिवार को ही डीएम अखिलेश सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम ने संबंधित विद्यालय की भूमि व एनएच निर्माण कार्य का जायजा लिया।
इन दो कार्यों की वजह से ही अब एनएच निर्माण कार्य पूरा करने को और गति मिल गई। पूर्व में इसका निर्माण नवंबर 2017 में पूर्ण कर लेने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन भूमि संबंधी विवाद के कारण निर्धारित अवधि में काम पूरा नही हो सका। अब मार्च 2018 तक निर्माण पूरा कर लेने की तैयारी है। इस नेशनल हाईवे में जिले की सीमा टांडा से लेकर अकबरपुर होते हुए महरुआ तक कुल लगभग 36 किलोमीटर है। टांडा से सुल्तानपुर होते हुए रायबरेली तक जो पहला फेज है, वह 160 किलोमीटर लंबा है। यह पूरा फेज मार्च तक पूरा हो जाएगा, जिसके बाद इस दूरी में सभी तरह के वाहन फर्राटा भरते हुए चल सकेंगे।

मिलेगी जाम से निजात, सिमटेंगी दूरियां
एनएच 232 का निर्माण पूरा होने से जिला मुख्यालय पर लगने वाले जाम से काफी हद तक छुटकारा मिलेगा। टांडा, बसखारी, जलालपुर व मालीपुर की तरफ से आने वाले वाहन शहर में प्रवेश किए बगैर ही सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, इलाहाबाद, रायबरेली व मध्य प्रदेश आदि के लिए निकल जाएंगे। इसके साथ ही निर्माण पूरा होते ही कई जिलों की दूरियां भी आपस में सिमट जाएंगी।

आंशिक कार्य बाकी
टांडा से रायबरेली तक के 160 किलोमीटर लंबे मार्ग में सिर्फ मालीपुर तक बाईपास तथा सुल्तानपुर जिले की सेमरी के पास बाईपास निर्माण का आंशिक कार्य बाकी हैं। दोनों स्थानों पर ही काम शुरू करा दिया गया है। सुल्तानपुर में रेलवे ओवरब्रिज का भी थोड़ा काम बचा है। यह तीनों काम दो माह में पूरा कर मार्ग आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। -सीएम द्विवेदी, परियोजना डायरेक्टर नेशनल हाईवे

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