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एक पखवारे में फुंक गए अलग अलग क्षमता के 112 ट्रांसफार्मर
Updated Wed, 04 Oct 2017 11:32 PM IST
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40 हजार आबादी को नहीं मिल रही बिजली
अंबेडकरनगर। भीषण गर्मी, उस पर बदतर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था। अकबरपुर नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में पखवारे भर में ही अलग-अलग क्षमता के 112 ट्रांसफार्मर फुंक गए। इनमें से लगभग 50 ट्रांसफार्मरों को अब तक बदला नहीं जा सका है। इससे संबंधित क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी प्रभावित हो रही है।
उधर जर्जर उपकरणों के चलते न सिर्फ अकबरपुर नगर बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को रोस्टर के अनुसार बिजली नहीं मिल पा रही है। इससे एक तरफ जहां लोगों को भीषण गर्मी के दौर से गुजरना पड़ रहा है, वहीं किसानों के सामने धान की सिंचाई की समस्या भी खड़ी हो रही है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली बिल तो लगातार बढ़ रहा है लेकिन सुचारु बिजली उपलब्ध कराने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध कराने को लेकर पावर कारपोरेशन के दावे जिले में पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं।
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जर्जर उपकरणों के सहारे विद्युत आपूर्ति कराने का खामियाजा आमतौर पर उपभोक्ताओं को ही भुगतना पड़ रहा है। सुचारु विद्युत आपूर्ति में सबसे बड़ी बाधा गुणवत्ताविहीन ट्रांसफार्मर बन रहे हैं। इसके चलते ही ट्रांसफार्मर आए दिन फुंक रहे हैं।
अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पखवारे भर में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग क्षमता के 112 ट्रांसफार्मर फुंक गए। इनमें 10 केवी के 18, 16 केवीए के 8, 25 केवीए के 72, 63 केवीए के 5, 100 केवीए के 4, 250 केवीए के 3 व 400 केवीए के 2 ट्रांसफार्मर शामिल हैं।
इनमें से भीटी, महरुआ, जलालपुर, राजेसुल्तानपुर, जहांगीरगंज व आलापुर में लगभग 50 ट्रांसफार्मर अब तक नहीं बदले जा सके हैं। इसके चलते संबंधित ट्रांसफार्मर से जुड़ी लगभग 40 हजार आबादी को अंधेरे में ही रात गुजारने को मजबूर होना पड़ रहा है।
इतना ही नहीं उपभोक्ताओं को रोस्टर के अनुसार भी बिजली नहीं मिल पा रही है। जर्जर उपकरणों के चलते बार-बार ट्रिपिंग होती रहती है। अकबरपुर नगर को ही बमुश्किल 18 घंटे की बिजली मिल रही है।
भीटी तहसील क्षेत्र के रामपुर हरिनंदन, कसड़ा, हीड़ी पकड़िया, बरामदपुर जरियारी, लोकनाथपुर, मीरपुर, मंशापुर, कुर्चा, पांती, पतौना, रघुनाथपुर, नरसिंहदासपुर, बरई पुरवा, सेहरा जलालपुर, पलईपुर, मथानी व जैमलपुर आदि गांव के लोगों कहना है कि उन्हें बमुश्किल दो से तीन घंटे की ही बिजली मिल पा रही है।
उधर बदतर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था का दंश किसानों को भी झेलना पड़ रहा है। किसान क्रांतिकुमार सिंह, गौरीशंकर, अफजल, अनिल, प्रिंस, समर बहादुर, नीरज ने कहा कि बारिश न होने व सुचारु बिजली न मिलने से धान की फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। इससे फसल के चौपट होने की आशंका है।
पावर कारपोरेशन के अधिशाषी अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि जो बिजली ऊपर से मिल रही है, उसका सुचारु ढंग से वितरण किया जा रहा है। जर्जर हो चुके उपकरणों को बदले जाने का कार्य कराया जा रहा है। ट्रांसफार्मरों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
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अंबेडकरनगर। भीषण गर्मी, उस पर बदतर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था। अकबरपुर नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में पखवारे भर में ही अलग-अलग क्षमता के 112 ट्रांसफार्मर फुंक गए। इनमें से लगभग 50 ट्रांसफार्मरों को अब तक बदला नहीं जा सका है। इससे संबंधित क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी प्रभावित हो रही है।
उधर जर्जर उपकरणों के चलते न सिर्फ अकबरपुर नगर बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को रोस्टर के अनुसार बिजली नहीं मिल पा रही है। इससे एक तरफ जहां लोगों को भीषण गर्मी के दौर से गुजरना पड़ रहा है, वहीं किसानों के सामने धान की सिंचाई की समस्या भी खड़ी हो रही है।
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उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली बिल तो लगातार बढ़ रहा है लेकिन सुचारु बिजली उपलब्ध कराने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध कराने को लेकर पावर कारपोरेशन के दावे जिले में पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं।
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जर्जर उपकरणों के सहारे विद्युत आपूर्ति कराने का खामियाजा आमतौर पर उपभोक्ताओं को ही भुगतना पड़ रहा है। सुचारु विद्युत आपूर्ति में सबसे बड़ी बाधा गुणवत्ताविहीन ट्रांसफार्मर बन रहे हैं। इसके चलते ही ट्रांसफार्मर आए दिन फुंक रहे हैं।
अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पखवारे भर में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग क्षमता के 112 ट्रांसफार्मर फुंक गए। इनमें 10 केवी के 18, 16 केवीए के 8, 25 केवीए के 72, 63 केवीए के 5, 100 केवीए के 4, 250 केवीए के 3 व 400 केवीए के 2 ट्रांसफार्मर शामिल हैं।
इनमें से भीटी, महरुआ, जलालपुर, राजेसुल्तानपुर, जहांगीरगंज व आलापुर में लगभग 50 ट्रांसफार्मर अब तक नहीं बदले जा सके हैं। इसके चलते संबंधित ट्रांसफार्मर से जुड़ी लगभग 40 हजार आबादी को अंधेरे में ही रात गुजारने को मजबूर होना पड़ रहा है।
इतना ही नहीं उपभोक्ताओं को रोस्टर के अनुसार भी बिजली नहीं मिल पा रही है। जर्जर उपकरणों के चलते बार-बार ट्रिपिंग होती रहती है। अकबरपुर नगर को ही बमुश्किल 18 घंटे की बिजली मिल रही है।
भीटी तहसील क्षेत्र के रामपुर हरिनंदन, कसड़ा, हीड़ी पकड़िया, बरामदपुर जरियारी, लोकनाथपुर, मीरपुर, मंशापुर, कुर्चा, पांती, पतौना, रघुनाथपुर, नरसिंहदासपुर, बरई पुरवा, सेहरा जलालपुर, पलईपुर, मथानी व जैमलपुर आदि गांव के लोगों कहना है कि उन्हें बमुश्किल दो से तीन घंटे की ही बिजली मिल पा रही है।
उधर बदतर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था का दंश किसानों को भी झेलना पड़ रहा है। किसान क्रांतिकुमार सिंह, गौरीशंकर, अफजल, अनिल, प्रिंस, समर बहादुर, नीरज ने कहा कि बारिश न होने व सुचारु बिजली न मिलने से धान की फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। इससे फसल के चौपट होने की आशंका है।
पावर कारपोरेशन के अधिशाषी अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि जो बिजली ऊपर से मिल रही है, उसका सुचारु ढंग से वितरण किया जा रहा है। जर्जर हो चुके उपकरणों को बदले जाने का कार्य कराया जा रहा है। ट्रांसफार्मरों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।