{"_id":"59a6f70d4f1c1b45738b47d7","slug":"15041144511-ambedkar-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंगनबाड़ी केन्द्र निर्माण में धांधली की पीडब्लूडी टीम करेगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंगनबाड़ी केन्द्र निर्माण में धांधली की पीडब्लूडी टीम करेगी जांच
Updated Wed, 30 Aug 2017 11:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आंगनबाड़ी केन्द्र भवन निर्माण में धांधली की होगी जांच
अंबेडकरनगर। आंगनबाड़ी केंद्र बहोरिकपुर के निर्माण में मानक की अनदेखी किए जाने की शिकायत पर सीडीओ ने जांच पीडब्ल्यूडी टीम को सौंपी है। अकबरपुर विकास खंड के बहोरिकपुर गांव में सात लाख 52 हजार रुपये की लागत से बनने वाले आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कार्यदायी संस्था आरईएस द्वारा कराया जा रहा है।
गौरतलब है कि किराए के भवन में संचालित हो रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को अपना भवन दिलाने के लिए नए वित्तीय वर्ष में शासन से जिले में 99 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कराए जाने की संस्तुति दी थी। सात लाख 52 हजार रुपये की लागत से बनने वाले प्रत्येक केंद्र के निर्माण के लिए दो लाख रुपये बाल विकास विभाग, एक लाख 6 हजार रुपये पंचायतराज व शेष धनराशि मनरेगा योजना के तहत दिए जाने का प्राविधान रखा गया। 99 आंगनबाड़ी केंद्रों में 47 का निर्माण कार्यदायी संस्था पीडब्लूडी व 54 केंद्रों के निर्माण की जिम्मेदारी आरईएस को दी गई। निर्माण में धनराशि बाधा न हो, इसके लिए बाल विकास विभाग द्वारा कार्यदायी संस्थाओं को धनराशि उपलब्ध भी करा दी गई। मौजूदा समय में पीडब्लूडी द्वारा 10 व आरईएस द्वारा 20 केंद्रों का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ तो शुरुआती दौर से ही निर्माण में मानक की अनदेखी किए जाने की शिकायतें सामने आने लगीं। गत दिवस ही अकबरपुर विकास खंड के बहोरिकपुर गांव के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर शिकायती पत्र सौंपा था। इसमें कहा गया कि गांव में कार्यदायी संस्था आरईएस द्वारा कराए जा रहे निर्माण में न सिर्फ पीली ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है, बल्कि मानक की भी अनदेखी की जा रही है। कहा गया कि जब इसकी शिकायत कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से की गई, तो किसी प्रकार की गंभीरता नहीं दिखाई गई। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए सीडीओ ओपी आर्य ने पूरे मामले की जांच पीडब्लूडी को सौंप दी है। सीडीओ ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कदम उठाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। आंगनबाड़ी केंद्र बहोरिकपुर के निर्माण में मानक की अनदेखी किए जाने की शिकायत पर सीडीओ ने जांच पीडब्ल्यूडी टीम को सौंपी है। अकबरपुर विकास खंड के बहोरिकपुर गांव में सात लाख 52 हजार रुपये की लागत से बनने वाले आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कार्यदायी संस्था आरईएस द्वारा कराया जा रहा है।
गौरतलब है कि किराए के भवन में संचालित हो रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को अपना भवन दिलाने के लिए नए वित्तीय वर्ष में शासन से जिले में 99 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कराए जाने की संस्तुति दी थी। सात लाख 52 हजार रुपये की लागत से बनने वाले प्रत्येक केंद्र के निर्माण के लिए दो लाख रुपये बाल विकास विभाग, एक लाख 6 हजार रुपये पंचायतराज व शेष धनराशि मनरेगा योजना के तहत दिए जाने का प्राविधान रखा गया। 99 आंगनबाड़ी केंद्रों में 47 का निर्माण कार्यदायी संस्था पीडब्लूडी व 54 केंद्रों के निर्माण की जिम्मेदारी आरईएस को दी गई। निर्माण में धनराशि बाधा न हो, इसके लिए बाल विकास विभाग द्वारा कार्यदायी संस्थाओं को धनराशि उपलब्ध भी करा दी गई। मौजूदा समय में पीडब्लूडी द्वारा 10 व आरईएस द्वारा 20 केंद्रों का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
विज्ञापन
निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ तो शुरुआती दौर से ही निर्माण में मानक की अनदेखी किए जाने की शिकायतें सामने आने लगीं। गत दिवस ही अकबरपुर विकास खंड के बहोरिकपुर गांव के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर शिकायती पत्र सौंपा था। इसमें कहा गया कि गांव में कार्यदायी संस्था आरईएस द्वारा कराए जा रहे निर्माण में न सिर्फ पीली ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है, बल्कि मानक की भी अनदेखी की जा रही है। कहा गया कि जब इसकी शिकायत कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से की गई, तो किसी प्रकार की गंभीरता नहीं दिखाई गई। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए सीडीओ ओपी आर्य ने पूरे मामले की जांच पीडब्लूडी को सौंप दी है। सीडीओ ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कदम उठाया जाएगा।
विज्ञापन