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विद्युत आपूर्ति की बदहाली से बढ़ी उपभोक्ताओं की मुश्किल
Updated Tue, 18 Jul 2017 11:47 PM IST
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बिजली आपूर्ति की बदहाली से बढ़ी उपभोक्ताओं की मुश्किल
- 40 हजार आबादी को नहीं मिल पा रही रोस्टर के अनुरूप बिजली
- अधिकारियों से की जाती शिकायत पर नहीं होती सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
महरुआ। स्थानीय उपकेंद्र से जुड़े करीब 40 हजार की आबादी को समुचित विद्युत आपूर्ति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लगभग एक पखवारे से बदतर विद्युत आपूर्ति के चलते किसानों को धान की रोपाई में भी दिक्कत आर रही है। प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे की विद्युत आपूर्ति घोषणा किए जाने के बाद भी इस उपकेन्द्र के उपभोक्ताओं को 7 से 8 घंटे की सुचारु विद्युत आपूर्ति मिल पाना मुहाल है। कर्मचारियों से शिकायत होती है, तो वह ऊपर से ही आपूर्ति न मिलने का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी पूर कर लेते हैं।
महरुआ उपकेन्द्र से 35 गांव से अधिक के उपभोक्ताओं को बिजली दी जाती है। करीब एक पखवारे से इस उपकेन्द्र से जुड़े उपभोक्ताओं को सुचारु विद्युत आपूर्ति का लाभ नहीं मिल रहा है। शासन ने ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 18 घंटे की विद्युत आपूर्ति दिए जाने की घोषणा के बावजूद इसका पालन नहीं हो पा रहा है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। 18 घंटे की जगह उपभोक्ताओं को महज 7 से 8 घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। मौजूदा समय में धान की रोपाई का दौर चल रहा है। इससे किसानों को विद्युत मोटर चलाने की काफी जरूरत है। विद्युत आपूर्ति ठीक ढंग से न मिलने के कारण किसान खेतों में पानी नहीं भर पा रहे हैं। इससे रोपाई का कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
इस उपकेन्द्र से हीड़ी पकड़िया, बरामदपुर, जरियारी, महरुआ, मंशापुर, कुर्चा, आदमपुर तिंदौली, मंशापुर, सिलावट, जैतूपुर सहित करीब 35 गांवों के उपभोक्ताओं को आपूर्ति होती है। महरुआ के हरिभान सिंह व अभिमन्यु ने कहा कि विभागीय लापरवाही के चलते किसानों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। धान की रोपाई का कार्य चल रहा है, ऐसे में उन्हें आपूर्ति नहीं मिलेगी तो दोहरी मार झेलनी पड़ेगी। विभाग को अविलंब आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करना चाहिए। कहा कि यदि जल्द ही आपूर्ति में सुधार नहीं आया तो उपभोक्ताओं को मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ेगा। उधर जेई गयादीन का कहना है कि जो आपूर्ति ऊपर से मिलती है, वह उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जा रही है।
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- 40 हजार आबादी को नहीं मिल पा रही रोस्टर के अनुरूप बिजली
- अधिकारियों से की जाती शिकायत पर नहीं होती सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
महरुआ। स्थानीय उपकेंद्र से जुड़े करीब 40 हजार की आबादी को समुचित विद्युत आपूर्ति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लगभग एक पखवारे से बदतर विद्युत आपूर्ति के चलते किसानों को धान की रोपाई में भी दिक्कत आर रही है। प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे की विद्युत आपूर्ति घोषणा किए जाने के बाद भी इस उपकेन्द्र के उपभोक्ताओं को 7 से 8 घंटे की सुचारु विद्युत आपूर्ति मिल पाना मुहाल है। कर्मचारियों से शिकायत होती है, तो वह ऊपर से ही आपूर्ति न मिलने का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी पूर कर लेते हैं।
महरुआ उपकेन्द्र से 35 गांव से अधिक के उपभोक्ताओं को बिजली दी जाती है। करीब एक पखवारे से इस उपकेन्द्र से जुड़े उपभोक्ताओं को सुचारु विद्युत आपूर्ति का लाभ नहीं मिल रहा है। शासन ने ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 18 घंटे की विद्युत आपूर्ति दिए जाने की घोषणा के बावजूद इसका पालन नहीं हो पा रहा है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। 18 घंटे की जगह उपभोक्ताओं को महज 7 से 8 घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। मौजूदा समय में धान की रोपाई का दौर चल रहा है। इससे किसानों को विद्युत मोटर चलाने की काफी जरूरत है। विद्युत आपूर्ति ठीक ढंग से न मिलने के कारण किसान खेतों में पानी नहीं भर पा रहे हैं। इससे रोपाई का कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
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इस उपकेन्द्र से हीड़ी पकड़िया, बरामदपुर, जरियारी, महरुआ, मंशापुर, कुर्चा, आदमपुर तिंदौली, मंशापुर, सिलावट, जैतूपुर सहित करीब 35 गांवों के उपभोक्ताओं को आपूर्ति होती है। महरुआ के हरिभान सिंह व अभिमन्यु ने कहा कि विभागीय लापरवाही के चलते किसानों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। धान की रोपाई का कार्य चल रहा है, ऐसे में उन्हें आपूर्ति नहीं मिलेगी तो दोहरी मार झेलनी पड़ेगी। विभाग को अविलंब आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करना चाहिए। कहा कि यदि जल्द ही आपूर्ति में सुधार नहीं आया तो उपभोक्ताओं को मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ेगा। उधर जेई गयादीन का कहना है कि जो आपूर्ति ऊपर से मिलती है, वह उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जा रही है।
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