{"_id":"5957eaff4f1c1b0f658b470f","slug":"149893406420-ambedkar-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी को लेकर पहले दिन बाजार में दिखा ऊहापोह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी को लेकर पहले दिन बाजार में दिखा ऊहापोह
Updated Sun, 02 Jul 2017 02:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीएसटी पर बाजार दिखा ढुलमुल
अंबेडकरनगर। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स लागू होने के पहले दिन उपभोक्ताओं से लेकर व्यापारियों तक में ऊहापोह का दौर दिखाई पड़ा। दैनिक उपयोग की तमाम चीजों के सस्ती होने की उम्मीद लगाए उपभोक्ता बाजार पहुंचे तो उन्हें निराश होना पड़ा। कारण यह कि घोषणा के बावजूद न तो डायबिटीज से जुड़ी दवाएं इंसुलिन के दाम कम हुए और न ही स्कूल बैग, कलम, कलर, बुक्स व विभिन्न प्रकार के कागजात के दामों में कोई कमी आई। दैनिक उपयोग से जुड़ी वस्तुओं टूथपेस्ट, साबुन, तेल, केक व अगरबत्ती आदि के दाम भी कम होने के बजाय पुराने दर से ही बिक रहे थे। तो खाने के सामान के दामों में भी कोई कमी नहीं दिखी। कुछ उपभोक्ता ऐसे भी थे जिन्हें घरेलू सामान की थोक में खरीदारी करनी थी लेकिन जीएसटी का असर सामने आने में दो-तीन दिन लगने की उम्मीद में उन्होंने खरीदारी टाल दी। उधर व्यापारियों में भी इसे लेकर खासा असमंजस दिखा। कई जगह या तो बिल नहीं दिया गया या सामान की बिक्री पुराने दर पर ही की गई। पहितीपुर में रसोईगैस लेने पहुंचे उपभोक्ता विदित चतुर्वेदी ने बताया कि एजेंसी से रसोईगैस नहीं मिल पाई। जीएसटी के प्रभाव को देखते हुए यहां अभी दाम तय नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स लागू होने के पहले दिन उपभोक्ताओं से लेकर व्यापारियों तक में ऊहापोह का दौर दिखाई पड़ा। दैनिक उपयोग की तमाम चीजों के सस्ती होने की उम्मीद लगाए उपभोक्ता बाजार पहुंचे तो उन्हें निराश होना पड़ा। कारण यह कि घोषणा के बावजूद न तो डायबिटीज से जुड़ी दवाएं इंसुलिन के दाम कम हुए और न ही स्कूल बैग, कलम, कलर, बुक्स व विभिन्न प्रकार के कागजात के दामों में कोई कमी आई। दैनिक उपयोग से जुड़ी वस्तुओं टूथपेस्ट, साबुन, तेल, केक व अगरबत्ती आदि के दाम भी कम होने के बजाय पुराने दर से ही बिक रहे थे। तो खाने के सामान के दामों में भी कोई कमी नहीं दिखी। कुछ उपभोक्ता ऐसे भी थे जिन्हें घरेलू सामान की थोक में खरीदारी करनी थी लेकिन जीएसटी का असर सामने आने में दो-तीन दिन लगने की उम्मीद में उन्होंने खरीदारी टाल दी। उधर व्यापारियों में भी इसे लेकर खासा असमंजस दिखा। कई जगह या तो बिल नहीं दिया गया या सामान की बिक्री पुराने दर पर ही की गई। पहितीपुर में रसोईगैस लेने पहुंचे उपभोक्ता विदित चतुर्वेदी ने बताया कि एजेंसी से रसोईगैस नहीं मिल पाई। जीएसटी के प्रभाव को देखते हुए यहां अभी दाम तय नहीं हो पाया है।