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कोटेदारों तक खाद्यान्न पहुंचाने में ठेकेदारों ने नहीं दिखायी रुचि

Wed, 28 Jun 2017 01:35 AM IST
Updated Wed, 28 Jun 2017 01:35 AM IST
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कोटेदारों तक खाद्यान्न पहुंचाने में ठेकेदारों ने नहीं दिखायी रुचि
डोर स्टेप डिलेवरी योजना नहीं चढ़ी परवान
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राशन गोदाम तक पहुंचाने के लिए ठेकेदारों ने नहीं किया आवेदन

अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। गोदामों से अनाज की ढुलाई के लिए एक भी ठेकेदार के सामने नहीं आने से शासन की डोर स्टेप डिलेवरी योजना जिले में अब तक प्रारंभ ही नहीं हो सकी है। नतीजा यह है कि गोदामों से पूर्व की तरह कोटेदार की ओर से ही राशन की उठान की जा रही है। ऐसे में सरकार की अनाज चोरी रोकने की मंशा जिले में पूरी नहीं हो पा रही है।
बहुचर्चित खाद्य घोटाला सामने आने के बाद गत दिनों प्रदेश सरकार ने अनाज चोरी रोकने के लिए डोर स्टेप डिलेवरी योजना का संचालन किए जाने की घोषणा की थी। इसके तहत मुख्य गोदाम से ठेकेदारों को राशन की उठान कर कोटे तक पहुंचाना है। पूर्व में मुख्य गोदाम से ब्लॉक व ग्राम पंचायतस्तर पर स्थित गोदाम तक अनाज पहुंचाया जाता था। इसके बाद इन गोदामों से संबंधित कोटेदार राशन की उठान करता था। इसके लिए कोटेदारों को 10 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान भी किया जाता है। इस व्यवस्था में विभागीय अधिकारी, अनाज माफियाओं व ठेकेदारों की मिलीभगत से रास्ते में ही अनाज पर हाथ साफ कर दिए जाने के मामले अक्सर सामने आते रहे हैं। कोटेदारों की ओर से घटतौली की शिकायत की जाती रही, लेकिन इस तरफ कभी कोई ध्यान नहीं दिया गया। नतीजा यह रहता कि इसका खामियाजा राशनकार्ड धारकों को भुगतना पड़ रहा है।
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इसे गंभीरता से लेते हुए ही शासन ने डोर स्टेप डिलेवरी योजना का संचालन किए जाने की घोषणा की थी। प्रभारी खाद्य विपणन अधिकारी प्रदीप तिवारी ने बताया कि योजना के तहत गत दिवस विभाग ने रूट चार्ट तैयार कर शासन को भेजा था। शासन के निर्देश पर जिले में टेंडर प्रक्रिया भी प्रारंभ हुई, लेकिन एक भी इसके लिए आवेदन नहीं हुआ। कारण यह कि रूट चार्ट के अनुसार गोदाम से कोटे तक राशन पहुंचाने के लिए चयनित ठेकेदार को 65 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान दिया जाना सुनिश्चित किया गया है। ठेकेदारों ने इस धनराशि को कम मानते हुए आवेदन नहीं किया। इसके चलते ही योजना की शुरुआत जिले में नहीं हो सकी है।
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कोटेदार की ओर से ही उठाया जा रहा राशन
जिले में एक भी ठेकेदार की ओर से टेंडर नहीं डालने के चलते योजना जिले में नहीं शुरू हो सकी है। ऐसे में गोदामों से कोटेदारों की ओर से ही राशन की उठान पूर्व की तरह की जा रही है।
नीलेश उत्पल, जिलापूर्ति अधिकारी
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