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अपहरण व दुष्कर्म के आरोपी को 10 वर्ष का कारावास
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अंबेडकरनगर। लगभग 10 वर्ष पुराने बालिका के अपहरण व दुष्कर्म मामले में अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर अलग-अलग धाराओं में 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। आदेश में कहा गया कि जुर्माने की रकम न अदा करने पर आरोपी को एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
वर्ष 2012 में एक व्यक्ति ने टांडा कोतवाली में दर्ज कराए मुकदमे में बताया कि उसकी नाबालिग पुत्री को छज्जापुर निवासी अनुज कुमार कहीं अपहृत कर ले गया। पुलिस ने केस दर्ज कर बालिका को खोजा। इसके बाद दुष्कर्म की धारा भी बढ़ा दी गई। आरोपी को जेल भेज दिया गया। इस बीच मामला सत्र परीक्षण के लिए अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट फरीदा बेगम के समक्ष प्रस्तुत हुआ।
अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता दिलीप कुमार सिंह ने न्यायालय के समक्ष कई साक्ष्य एवं गवाह प्रस्तुत किए। इसके आधार पर न्यायाधीश ने आरोपी को अलग-अलग धाराओं में 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। आदेश में कहा कि जुर्माने की 70 प्रतिशत रकम पीड़िता को बतौर प्रतिकर दी जाएगी। यदि दोषी ने जुर्माने की रकम न अदा की गई तो उसे एक वर्ष के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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वर्ष 2012 में एक व्यक्ति ने टांडा कोतवाली में दर्ज कराए मुकदमे में बताया कि उसकी नाबालिग पुत्री को छज्जापुर निवासी अनुज कुमार कहीं अपहृत कर ले गया। पुलिस ने केस दर्ज कर बालिका को खोजा। इसके बाद दुष्कर्म की धारा भी बढ़ा दी गई। आरोपी को जेल भेज दिया गया। इस बीच मामला सत्र परीक्षण के लिए अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट फरीदा बेगम के समक्ष प्रस्तुत हुआ।
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अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता दिलीप कुमार सिंह ने न्यायालय के समक्ष कई साक्ष्य एवं गवाह प्रस्तुत किए। इसके आधार पर न्यायाधीश ने आरोपी को अलग-अलग धाराओं में 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। आदेश में कहा कि जुर्माने की 70 प्रतिशत रकम पीड़िता को बतौर प्रतिकर दी जाएगी। यदि दोषी ने जुर्माने की रकम न अदा की गई तो उसे एक वर्ष के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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