फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   10 lakh books reached for the children of council schools

परिषदीय स्कूलों के बच्चों के लिए 10 लाख पुस्तकें पहुंचीं

Thu, 16 Sep 2021 11:38 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 16 Sep 2021 11:38 PM IST
विज्ञापन
10 lakh books reached for the children of council schools
अंबेडकरनगर। जिले के 1873 परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे लगभग पौने दो लाख छात्र-छात्राओं के लिए खुशखबरी है। उन्हें शिक्षा हासिल करने में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जिले में 14 लाख पुस्तकों के सापेक्ष 10 लाख किताबें पहुंच चुकी हैं। यह पुस्तकें सत्यापन के बाद बीआरसी कार्यालय से सीधे संबंधित विद्यालयों में भेज दी गई हैं। शेष पुस्तकें भी शीघ्र ही जिले में पहुंचने की संभावना है। उधर, परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को समय पर जूता, मोजा, ड्रेस व स्वेटर उपलब्ध हो सके, इसके लिए इस बार इसकी राशि सीधे अभिभावक के खाते में भेजी जाएगी। इसे लेकर शिक्षा विभाग ने तैयारियां शासन के निर्देश पर शुरू कर दी हैं।
विज्ञापन

परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को शिक्षा हासिल करने में किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो और उन्हें भी कॉन्वेंट विद्यालय की तरह ही सभी जरूरी सुविधाएं मिल सकें, इसके लिए शासन की ओर से विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है, जिसका लाभ छात्र-छात्राओं को मिल भी रहा है। कोरोना संकट के चलते बंद चल रहे विद्यालय बीते दिनों खुले, तो शासन की प्राथमिकता में था कि आने वाले छात्र-छात्राओं के हाथों में नई पुस्तकें हों, जिससे वे आगे की पढ़ाई सुचारु रूप से जारी रख सकें। जिले में मौजूदा समय में 1873 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1353 प्राथमिक, जबकि 520 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इन स्कूलों में लगभग एक लाख 73 हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा हासिल कर रहे हैं।
विज्ञापन

बीएसए कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले को 14 लाख पुस्तकों की आवश्यकता थी। इसकी तुलना में बीते दिनों 10 लाख पुस्तकें जिले को उपलब्ध हो गईं। इन पुस्तकों के सत्यापन के बाद उन्हें बीआरसी कार्यालय भेज दिया गया, जहां से छोटे वाहन से उन्हें संबंधित विद्यालयों को भेज दिया गया। बताया गया कि पूर्व में संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक या फिर शिक्षक बीआरसी कार्यालय जाकर पुस्तकें अपने स्कूल ले जाया करते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। छात्र-छात्राओं को जल्द से जल्द पुस्तकें मिल सकें, इसके लिए बीआरसी कार्यालय से सीधे विद्यालयों को पुस्तकें पहुंचाई जा रही हैं। अनुमान है कि शीघ्र ही शेष पुस्तकें भी जिले को उपलब्ध हो जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

अभिभावकों के खाते में भेजी जाएगी ड्रेस, स्वेटर व बैग की राशि
नए शिक्षा सत्र पर परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को ड्रेस, स्वेटर, जूता, मोजा व बैग उपलब्ध कराया जाता है। 15 सितंबर को शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर निर्देशित किया कि वर्ष 2021-22 में निशुल्क यूनीफार्म, स्वेटर, स्कूल बैग एवं जूता, मोजा क्रय के संबंध में राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे छात्र-छात्राओं के अभिभावक के खाते में भेजी जाएगी। इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी किए जाने का निर्देश दिया। इस संबंध में अभिभावकों के खाते की विस्तृत जानकारी को विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाए। साथ ही आधार से लिंक भी कराने का निर्देश दिया। विलयन के बाद पूर्व के आईएफसी कोड के अलावा नया आईएफएससी कोड को भी अपलोड किए जाने का निर्देश दिया। बताते चलें कि पूर्व में स्कूल में ही विद्यालय प्रबंध समिति के माध्यम से छात्र-छात्राओं को यह सभी सामग्री उपलब्ध कराई जाती थी।

पूरी की जा रहीं तैयारियां
स्कूल बैग, स्वेटर, ड्रेस व जूता, मोजा की राशि अभिभावकों के खाते में भेजी जा सके, इसके लिए सभी तैयारियों को तेज कर दिया गया है। इस संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है।
-भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed