प्रयागराज में रोजगार सेवक की गला रेतकर हत्या, पहाड़ी पर धड़ से काफी दूर मिला सिर
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खीरी थाना क्षेत्र के लालतारा गांव निवासी ईंट-भट्ठा संचालक सत्येंद्र उर्फ संजय शुक्ला की रविवार रात नृशंस हत्या कर दी गई। हत्यारों ने मौत के घाट उतारने के बाद उसका सिर धड़ से काटकर अलग कर दिया। पुलिस उसकी तलाश करती हुई सलैया पहाड़ी पर पहुंची तो वहां धड़ और सिर अलग-अलग पड़े मिले।
परिजनों ने एक हफ्ते पहले हुए विवाद में हत्या का शक जताते हुए गांव के ही पांच लोगों को नामजद किया है। आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। सत्येंद्र (34) लालतारा गांव में ही इंटरलॉकिंग ईंट का भट्ठा चलाता था। साथ ही वह थाना क्षेत्र स्थित दीघलो गांव में रोजगार सेवक भी था।
सत्येंद्र पत्नी गायत्री, पिता व दो बच्चों के साथ लालतारा स्थित नए बने घर में रहता था, जबकि बहेरा स्थित उसके पैतृक निवास पर चाचा का परिवार रहता है। रविवार शाम वह अपने चाचा भगवत प्रसाद शुक्ला के साथ दावत में शामिल होने गया था। वहां से रात 9:00 बजे के करीब दोनों वापस बहेरा स्थित घर पहुंचे।
रात होने के कारण सत्येंद्र ने वहीं रुकने का फैसला किया। वह कपड़े बदल कर सोने जा ही रहा था कि तभी उसके मोबाइल पर फोन आया। वह बाइक लेकर घर से निकल गया। बहुत देर तक वापस ना आने पर परिवार वालों ने उसकी पत्नी को फोन किया तो पता चला कि वह वहां भी नहीं पहुंचा है। इसके बाद उसकी खोजबीन शुरू हुई।
बहुत देर तक तलाश के बाद भी कुछ पता नहीं चला तो पुलिस को सूचना दी गई। खीरी पुलिस ने नंबर सर्विलांस पर लगवाया तो उसकी लोकेशन सलैया पहाड़ी पर मिली। तलाश करते हुए पुलिस सलैया पहाड़ी पहुंची तो वहां पहले मोबाइल और फिर कुछ दूर पर बाइक पड़ी मिली। आगे बढ़ने पर सत्येंद्र की क्षत-विक्षत लाश मिली जिसे देख पुलिस वाले स्तब्ध रह गए।
हत्यारों ने उसका सिर काटकर अलग कर दिया था, जो घर से करीब 20 मीटर की दूरी पर पड़ा मिला। सूचना मिली तो परिवार वाले भी आ गए। सुबह होते-होते वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जुट गए। जांच पड़ताल के बाद पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एक हफ्ते पहले हुआ था विवाद
भट्ठा संचालक की हत्या में उसके चचेरे भाई अविनाश उर्फ धर्मेंद्र शुक्ला ने लालतारा गांव के रहने वाले पांच लोगों पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। इनमें महताब अली, सद्दाम, शहबान, उमेश यादव और आदर्श तिवारी शामिल हैं। आरोप है कि एक हफ्ते पहले मृतक सत्येंद्र के ड्राइवर सोनू को किसी बात को लेकर आरोपियों ने पीट दिया था। जानकारी पर सत्येंद्र ने मामले की शिकायत पुलिस से की थी।मामले में पुलिस न सिर्फ आरोपियों को थाने ले गई थी बल्कि उनका शांतिभंग में चालान भी किया था। चचेरे भाई ने आशंका जताई है कि उसी खुन्नस को लेकर सत्येंद्र की हत्या की गई। प्रकरण में एसपी यमुनापार दीपेंद्र नाथ चौधरी का कहना है कि नामजद सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। इसके अलावा कुछ अन्य संदिग्धों को भी उठाया गया है। सभी से पूछताछ की जा रही है।