आपने गंदगी फैलाई, हुई रेलवे की कमाई
उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के स्टेशनों में ‘मोदी इफेक्ट’ दिखना शुरू हो गया है। पीएम का निर्देश है कि रेलवे स्टेशन पर साफ-सफाई में संबंधित रेलवे जोन कोई कोर कसर न छोड़ें। बस, इसके बाद रेलवे स्टेशनों पर साफ सफाई के काम में तेजी आई और गंदगी फैलाने वालों की धरपकड़ शुरू हुई। वर्ष 2015 में मंडल के इलाहाबाद, कानपुर, अलीगढ़, इटावा, मिर्जापुर, फिरोजाबाद आदि स्टेशनों पर चले अभियान से रेलवे ने गंदगी फैलाने वालों से 50 लाख रुपये से ज्यादा की वसूली की।
पीएम मोदी की ओर से गांधी जयंती पर झाड़ू उठाने के बाद रेलवे में भी साफ सफाई के लिए विशेष अभियान शुरू हुआ। उत्तर मध्य रेलवे में समय-समय पर अफसरों के नेतृत्व में सफाई अभियान चला। अब संत निरंकारी मंडल के स्वयंसेवक भी सहयोग देने लगे है। उधर रेलवे की ओर से अभियान के बाद भी बहुत से यात्री रेलवे स्टेशनों पर गंदगी फैलाने से बाज नहीं आये तो उनकी धरपकड़ शुरू की गई। रेलवे के चेकिंग स्टाफ, आरपीएफ के साथ प्रमुख स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की भी मदद ली गई।
जनवरी से दिसंबर 2015 के बीच मंडल के इलाहाबाद, चुनार, मिर्जापुर, फतेहपुर, कानपुर, इटावा, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, टूंडला, अलीगढ़, हाथरस, खुर्जा आदि स्टेशनों पर कुल 19703 यात्रियों को गंदगी फैलाने के आरोप में पकड़ा गया। आगरा और झांसी मंडल में भी गंदगी फैलाने के आरोप में हजारों यात्री पकड़े गए। यात्रियों से मौके पर ही 50 लाख 71 हजार 760 रुपये का जुर्माना वसूला गया। रेलवे अफसरों की माने तो गंदगी फैलाने वाले सर्वाधिक यात्री इलाहाबाद और कानपुर में पकड़े गए।
‘यात्रियों को चाहिए कि वे स्टेशन परिसर को स्वच्छ बनाने में सहयोग करे। रेलवे की ओर से अब समय-समय पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर जुर्माना वसूला जाता है। अभियान आगे भी जारी रहेगा।’ 00 बिजय कुमार, सीपीआरओ, एनसीआर