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योगी जी, पुराने कार्यकर्ताओं की हो रही उपेक्षा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 22 Jul 2018 12:57 AM IST
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नीलम करवरिया
- फोटो : सोशल मीडिया
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भाजपा में दूसरे दलों से आए नेताओं के बढ़ते वर्चस्व और पार्टी के पुराने एवं निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा से नाराज पूर्व विधायक उदयभान करवरिया ने सीएम योगी आदित्यनाथ का चिट्ठी भेजी है। पत्र में उन्होंने पार्टी के पुराने नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की पीड़ा व्यक्त की है। कहा, ‘मैं नैनी जेल में बंद हूं। यहां मिलने के लिए आने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को यही शिकायत रहती है कि राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद भी पार्टी के मूल कार्यकर्ताओं को तवज्जो नहीं दी जा रही है’।
‘नया नौ दिन, पुराना सौ दिन’ विषयक पत्र में उदयभान ने लिखा, ‘जब डॉ. मुरली मनोहर जोशी इलाहाबाद के सांसद और बाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री थे, तब सूबे में भी भाजपा सरकार थी और राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री थे। उस वक्त भी काफी संख्या में दूसरे दलों के लोग पार्टी में शामिल हुए। इनका वर्चस्व बढ़ा और सरकार एवं संगठन में उनका असर दिखने लगा। नतीजतन, आगे चलकर केंद्र और प्रदेश दोनों जगह भाजपा की सरकार चली गई। सरकार के जाते ही विभिन्न दलों से आए ये लोग वापस चले गए, सिर्फ निष्ठावान कार्यकर्ता ही पार्टी में डटे रहे’। उदयभान ने लिखा, ‘बाद में मैंने निष्ठावान कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया और इन्होंने केंद्र एवं प्रदेश में भाजपा सरकार लाने के लिए जीतोड़ मेहनत की। केंद्र में सरकार बनने के बाद जब प्रदेश में भी भाजपा सरकार के बनने का नंबर आया तो एक बार फिर से दूसरे दलों के लोगों ने पार्टी ज्वाइन कर ली। अब फिर से वे हावी हो रहे हैं और निष्ठावान कार्यकर्ता अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं’। वहीं इस संबंध में जब भाजपा के नगर अध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने कहा, ‘मुझे इस पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है, इसलिए इस संबंध में कुछ भी बोलना सही नहीं है।’
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‘नया नौ दिन, पुराना सौ दिन’ विषयक पत्र में उदयभान ने लिखा, ‘जब डॉ. मुरली मनोहर जोशी इलाहाबाद के सांसद और बाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री थे, तब सूबे में भी भाजपा सरकार थी और राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री थे। उस वक्त भी काफी संख्या में दूसरे दलों के लोग पार्टी में शामिल हुए। इनका वर्चस्व बढ़ा और सरकार एवं संगठन में उनका असर दिखने लगा। नतीजतन, आगे चलकर केंद्र और प्रदेश दोनों जगह भाजपा की सरकार चली गई। सरकार के जाते ही विभिन्न दलों से आए ये लोग वापस चले गए, सिर्फ निष्ठावान कार्यकर्ता ही पार्टी में डटे रहे’। उदयभान ने लिखा, ‘बाद में मैंने निष्ठावान कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया और इन्होंने केंद्र एवं प्रदेश में भाजपा सरकार लाने के लिए जीतोड़ मेहनत की। केंद्र में सरकार बनने के बाद जब प्रदेश में भी भाजपा सरकार के बनने का नंबर आया तो एक बार फिर से दूसरे दलों के लोगों ने पार्टी ज्वाइन कर ली। अब फिर से वे हावी हो रहे हैं और निष्ठावान कार्यकर्ता अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं’। वहीं इस संबंध में जब भाजपा के नगर अध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने कहा, ‘मुझे इस पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है, इसलिए इस संबंध में कुछ भी बोलना सही नहीं है।’
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