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शराब बंदी के बगैर योग बेअसर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 18 Jul 2016 01:58 AM IST
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नीतीश कुमार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने रविवार को इलाहाबाद के फूलपुर में आयोजित जनसभा में केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए समाज को शराब मुक्त बनाने का संदेश दिया। फूलपुर के भुलई का पुरा गांव स्थित मैदान पर मुख्यमंत्री ने योग को शराब बंदी के बगैर बेअसर बताया। कहा कि बिहार खुशहाली की राह पर है यूपी को भी उसी ढर्रे पर चलना होगा। उन्होंने किसानों के मुद्दे को भी उठाया। कहा कि किसानों के हो रहे नुकसान से मुक्ति दिलाने के लिए नीलगायों पर लगाम लगाना होगा। इस दौरान उन्होंने मोदी सरकार पर भी कई सवाल खड़े किए। उत्तर प्रदेश चुनाव को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पूर्वांचल में यह तीसरी जनसभा है।
जदयू के राजनैतिक सम्मेलन के दौरान आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री के तकरीबन 55 मिनट के भाषण में नीतीश कुमार ने 35 मिनट तक शराब बंदी और उसके दुष्प्रभाव पर ही अपनी बात केंद्रित रखी और पीएम नरेंद्र मोदी को निशाने पर रखा। कहा कि योग व्यक्तिगत मामला है। यहां लोग वर्षों से करते आए हैं। बोले कि शराब पीने से फेफड़े पर असर पड़ेगा तो इसमें योग क्या कर सकेगा। सुशासन बाबू नीतीश कुमार ने कहा कि हम तो यूपी के सीएम अखिलेश जी से भी कहेंगे कि हिम्मत करिए और शराब बंद कराइए। कहा कि अगर यूपी में शराब बंदी हुई तो इसका पूरे देश पर व्यापक असर होगा।
इसके बाद पूरे देश में शराब बंदी को कोई नहीं रोक पाएगा। उन्होेंने ऐटा में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के प्रति संवेदना जताई। कहा कि शराब बंदी की शुरुआत गुजरात से हुई। तब प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री थे। अब वे प्रधानमंत्री हैं तो उन्हें पूरे देश में शराब बंद कराने के लिए आगे आना होगा। भाजपा शासित राज्यों में तो कम से कम कराना ही होगा। उन्होंने पीएम मोदी पर चुटकी भी ली। कहा कि बनारस के लोग कहते हैं कि चुनाव से पहले पीएम मोदी कहते थे कि मां गंगा ने मुझे बुलाया है, लेकिन आज बात पूरी तरह उलट गई है। मां गंगा उन्हें खोज रही है कि कहां हैं, हमारे मोदी जी।
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चुनाव के बाद मां गंगा भी भूला दी गईं। कहा कि लोगों की भावनाओं को उभारकर वोट लिया गया लेकिन कुछ दिया नहीं गया। युवाओं को रोजगार, काला धन और किसानों के हित की बातें भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र तक सीमित होकर रह गई। यूपी ने इतना बड़ा जनादेश दिया लेकिन यहां की हालत सबसे ज्यादा खराब है। उन्होंने फसलों को नुकसान करने वाली नीलगाय का मामला उठाया। कहा कि अगर किसानों की फसलों को नीलगायों से बचाया नहीं जा सकता तो फिर उन्हें नष्ट होने वाली फसल के बदले मुआवजा दिया जाए। उन्होंने यूपी को नीलगायों से मुक्ति दिलाने की मांग की। कहा कि विधानसभा चुनाव आने वाला है यूपी की जनता मन बनाए तो बहुत कुछ हो सकता है।
अपने संबोधन के दौरान बिहार के सीएम नीतीश ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को भी नहीं छोड़ा। कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले हमने तो उन्हें माला पहनाकर अपना नेता मान लिया था लेकिन वह भाजपा के डर से भाग निकले। कहा कि मुलायम सिंह लोहिया जी का नाम लेते हैं लेकिन उनके विचारों पर नहीं चलते। बोले कि अगर मुलायम सिंह लोहिया जी के हिमायती हैं तो यूपी में शराब बंदी लागू करके दिखाएं। कहा कि सिर्फ होर्डिंग्स और भवन बनाने से विचार का प्रचार नहीं होता। विचारों को अपने निजी जीवन में भी लाना होगा। कहा कि हम अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं कर सकते।
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जदयू के राजनैतिक सम्मेलन के दौरान आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री के तकरीबन 55 मिनट के भाषण में नीतीश कुमार ने 35 मिनट तक शराब बंदी और उसके दुष्प्रभाव पर ही अपनी बात केंद्रित रखी और पीएम नरेंद्र मोदी को निशाने पर रखा। कहा कि योग व्यक्तिगत मामला है। यहां लोग वर्षों से करते आए हैं। बोले कि शराब पीने से फेफड़े पर असर पड़ेगा तो इसमें योग क्या कर सकेगा। सुशासन बाबू नीतीश कुमार ने कहा कि हम तो यूपी के सीएम अखिलेश जी से भी कहेंगे कि हिम्मत करिए और शराब बंद कराइए। कहा कि अगर यूपी में शराब बंदी हुई तो इसका पूरे देश पर व्यापक असर होगा।
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इसके बाद पूरे देश में शराब बंदी को कोई नहीं रोक पाएगा। उन्होेंने ऐटा में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के प्रति संवेदना जताई। कहा कि शराब बंदी की शुरुआत गुजरात से हुई। तब प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री थे। अब वे प्रधानमंत्री हैं तो उन्हें पूरे देश में शराब बंद कराने के लिए आगे आना होगा। भाजपा शासित राज्यों में तो कम से कम कराना ही होगा। उन्होंने पीएम मोदी पर चुटकी भी ली। कहा कि बनारस के लोग कहते हैं कि चुनाव से पहले पीएम मोदी कहते थे कि मां गंगा ने मुझे बुलाया है, लेकिन आज बात पूरी तरह उलट गई है। मां गंगा उन्हें खोज रही है कि कहां हैं, हमारे मोदी जी।
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चुनाव के बाद मां गंगा भी भूला दी गईं। कहा कि लोगों की भावनाओं को उभारकर वोट लिया गया लेकिन कुछ दिया नहीं गया। युवाओं को रोजगार, काला धन और किसानों के हित की बातें भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र तक सीमित होकर रह गई। यूपी ने इतना बड़ा जनादेश दिया लेकिन यहां की हालत सबसे ज्यादा खराब है। उन्होंने फसलों को नुकसान करने वाली नीलगाय का मामला उठाया। कहा कि अगर किसानों की फसलों को नीलगायों से बचाया नहीं जा सकता तो फिर उन्हें नष्ट होने वाली फसल के बदले मुआवजा दिया जाए। उन्होंने यूपी को नीलगायों से मुक्ति दिलाने की मांग की। कहा कि विधानसभा चुनाव आने वाला है यूपी की जनता मन बनाए तो बहुत कुछ हो सकता है।
अपने संबोधन के दौरान बिहार के सीएम नीतीश ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को भी नहीं छोड़ा। कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले हमने तो उन्हें माला पहनाकर अपना नेता मान लिया था लेकिन वह भाजपा के डर से भाग निकले। कहा कि मुलायम सिंह लोहिया जी का नाम लेते हैं लेकिन उनके विचारों पर नहीं चलते। बोले कि अगर मुलायम सिंह लोहिया जी के हिमायती हैं तो यूपी में शराब बंदी लागू करके दिखाएं। कहा कि सिर्फ होर्डिंग्स और भवन बनाने से विचार का प्रचार नहीं होता। विचारों को अपने निजी जीवन में भी लाना होगा। कहा कि हम अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं कर सकते।