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यमुनापार में एक साथ तीन हिरनों की मौत से हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 13 Jul 2015 01:51 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। यमुनापार के खीरी में एक साथ तीन-तीन हिरनों की मौत हो गई। ग्रामीणों से मिली इस सूचना से वन विभाग में हड़कंप मच गया। रेंजर की अगुवाई में पहुंची वन विभाग की टीम ने दो हिरनों का शव बरामद उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि इनमें से एक हिरन की मौत कुत्तों के हमले में हुुई, जबकि दूसरे की मौत स्वाभाविक है। बहरहाल हिरनों की मौत की असली वजह का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा।
खीरी क्षेत्र के ककराही गांव के कुछ लोग जंगल की ओर गए तो उन्हें दो हिरन मरे पड़े मिले। ग्रामीणों ने हिरन की मौत की जानकारी वन विभाग को दी तो रेंजर आरएन यादव के साथ विभागीय टीम मौके पर पहुंची और हिरनों के शव को कब्जे में ले लिया। लिखापढ़ी कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। दोनों हिरनों की मौत को लेकर रेंजर का कहना है कि एक हिरन की मौत कुत्तों के हमले में हुई, जबकि दूसरे हिरन की मौत स्वाभाविक रूप से हुई है।
मामले में जहां एक तरफ ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने तीन हिरन के शव देखे हैं, वहीं रेंजर का कहना है कि दो हिरनों के शव बरामद किए गए हैं।
तीसरे हिरन का शव बरामद नहीं हो पाया है। हिरनों का शिकार किए जाने की संभावना से रेंजर ने इंकार किया है। उनका तर्क है कि यदि यह शिकारियों की करतूत होती तो वे हिरनों का शव ले जाते।
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प्रभागीय वनाधिकारी मनोज खरे का कहना है कि प्रतिबंधित श्रेणी के वन्य जीवों में शामिल हिरनों की मौत दुखद है। रेंजर की ओर से हिरनों की मौत की जानकारी दी गई है। शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है ताकि हिरनों की मौत के असली कारणों का पता लगाया जा सके। ज्ञात हो कि यमुनापार केकई इलाकों में काले हिरण बहुतायत में पाए जाते हैं। इन हिरणों के संरक्षण को लेकर वन विभाग की ओर से कई योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। हिरनों का शिकार न होने पाए इसके लिए विभागीय टीमें शिकारियों पर नजर भी रखती हैं।
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खीरी क्षेत्र के ककराही गांव के कुछ लोग जंगल की ओर गए तो उन्हें दो हिरन मरे पड़े मिले। ग्रामीणों ने हिरन की मौत की जानकारी वन विभाग को दी तो रेंजर आरएन यादव के साथ विभागीय टीम मौके पर पहुंची और हिरनों के शव को कब्जे में ले लिया। लिखापढ़ी कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। दोनों हिरनों की मौत को लेकर रेंजर का कहना है कि एक हिरन की मौत कुत्तों के हमले में हुई, जबकि दूसरे हिरन की मौत स्वाभाविक रूप से हुई है।
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मामले में जहां एक तरफ ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने तीन हिरन के शव देखे हैं, वहीं रेंजर का कहना है कि दो हिरनों के शव बरामद किए गए हैं।
तीसरे हिरन का शव बरामद नहीं हो पाया है। हिरनों का शिकार किए जाने की संभावना से रेंजर ने इंकार किया है। उनका तर्क है कि यदि यह शिकारियों की करतूत होती तो वे हिरनों का शव ले जाते।
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प्रभागीय वनाधिकारी मनोज खरे का कहना है कि प्रतिबंधित श्रेणी के वन्य जीवों में शामिल हिरनों की मौत दुखद है। रेंजर की ओर से हिरनों की मौत की जानकारी दी गई है। शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है ताकि हिरनों की मौत के असली कारणों का पता लगाया जा सके। ज्ञात हो कि यमुनापार केकई इलाकों में काले हिरण बहुतायत में पाए जाते हैं। इन हिरणों के संरक्षण को लेकर वन विभाग की ओर से कई योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। हिरनों का शिकार न होने पाए इसके लिए विभागीय टीमें शिकारियों पर नजर भी रखती हैं।