Prayagraj : शहादत दिवस पर पदयात्रा निकाली, आजाद को भारत रत्न दिलाने के लिए अभिनेता मुकेश खन्ना ने उठाई आवाज
अभिनेता मुकेश खन्ना के नेतृत्व में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के शहादत दिवस के अवसर पर विशाल आजाद यात्रा आनंद भवन से प्रारंभ हुई। कर्नलगंज, कटरा, मनमोहन पार्क होते हुए यात्रा का समापन चंद्रशेखर आजाद पार्क स्थित आजाद की प्रतिमा के समक्ष हुआ।
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शक्तिमान और भीष्म पितामह जैसे किरदारों के जरिए लोकप्रिय हुए अभिनेता मुकेश खन्ना चंद्रशेखर आजाद के शहादत दिवस पर जयहिंद अभियान की ओर से निकली गई यात्रा के जरिए शहादत का गौरव गान किया गया। यह यात्रा आनंद भवन से मनमोहन पार्क होते हुए आजाद पार्क स्थित चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा तक निकाली गई। प्रतिमा स्थल पर पहुंचकर लोगों ने अमर शहीद को पुष्प अर्पित कर उनकी शहादत को याद किया।
इसके बाद विज्ञान परिषद में अभिनेता मुकेश खन्ना ने इस यात्रा से जुड़े पहलुओं को साझा किया। यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने प्रयागराज जयहिंद अभियान पर रोशनी डाली। प्रयागराज की धरती को नमन करते हुए इसे बौद्धिक वीरों की धरती बताया। उन्होंने अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद को अबतक भारतरत्न न दिए जाने पर रोष जताया। कहा कि चंद्रशेखर आजाद को भारतरत्न देने से हिंदू -मुस्लिम दोनों तबकों को खुशी होगी। इसलिए इस विषय पर राजनीति न करके सरकार को चंद्रशेखर आजाद को भारतरत्न से सम्मानित कर उनकी शहादत को नमन करना चाहिए। अगर सरकार जयहिंद अभियान की ये मांगें नहीं मानती है, तो हम सांविधानिक रूप से अखंड सत्याग्रह का मार्ग अपनाएंगे।
एक सवाल पर उन्होंने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ही फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे। उन्होंने खुद को मोदी की कई नीतियों का आलोचक बताया। कहा कि युवाओं को सिर्फ चली आ रही बातों पर विश्वास नहीं कर लेना चाहिए। उन्हें अपनी कसौटियों पर कस कर ही स्वीकार करना चाहिए। हमें जरूरत है कि अपने इतिहास को अपनी नजरों से परखें और जो गलत लगे उसे कहने से न डरें। हमारे देश का हर व्यक्ति जब अपने काम के प्रति ईमानदार और तार्किक हो जाएगा तो यह अपने आप ही विश्वगुरु हो जाएगा।
किसी को बार बार कहना नहीं पड़ेगा कि हम कभी विश्वगुरु थे। फिल्म इंडस्ट्री में चल रही उथल-पुथल पर कहा कि उन्होंने अपने स्वाभिमान के साथ कभी समझौता नहीं किया। इससे वॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियों से उनका निरंतर विरोध ही रहा। इस रौरान इंदौर हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति अनिल वर्मा की पुस्तक शहादत का वो दिन का विमोचन किया गया। इस मौके पर मुंबई से आई जयहिंद की टीम एशिया के सबसे लंबे व्यक्ति का खिताब जीतने वाले धर्मेंद्र प्रताप सिंह,दीपक त्रिपाठी,गोपाल सिंह,अनिल वर्मा उपस्थित थे।
छह लोगों को मिला आजाद सम्मान
इससे पहले आनंद घिल्डियाल आनू, श्रीनारायण यादव, डॉ. अनिल वर्मा, डॉ. शांति चौधरी, डॉ. ओम प्रकाश शुक्ला, अनुराधा को आजाद सम्मान से नवाजा गया।