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यादव सिंह के सहयोगी आरोप मुक्ति कीअ र्जी नामंजूूर
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यादव सिंह के सहयोगी इंजीनियर को आरोपों से मुक्ति नहीं
प्रयागराज। करोड़ों रुपये के नोएडा भूमि आवंटन घोटाले के आरोपी चीफ इंजीनियर यादव सिंह के सहयोगी सहायक प्रोजेक्ट इंजीनियर सुनील कुमार अग्रवाल को हाईकोर्ट ने आरोप मुक्त करने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने सीबीआई अदालत को चुनौती देने वाली उनकी याचिका भी खारिज कर दी है। नोएडा भूमि आवंटन घोटाले में याची का कहना था कि चार्जशीट दाखिल करने से पहले सीबीआई ने धारा 197 (लोक सेवक के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति) के तहत सरकार से अनुमति नहीं ली है। याचिका पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने सुनवाई की।
सीबीआई के अधिवक्ता का कहना था कि याची सेवानिवृत्त हो चुका है। राज्य सरकार से चार्जशीट दाखिल करने के लिए अनुमति लेना बाध्यकारी नहीं है। कोर्ट ने याचिका पर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है। नोएडा में 954.38 करोड़ के भूमि आवंटन घोटाले के आरोप में चीफ इंजीनियर यादव सिंह सहित कई अधिकारियों के खिलाफ 16 जुलाई 2017 को प्राथमिकी दर्ज हुई थी। 31 मई 2017 को सीबीआई ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की। याची पर आपराधिक षड्यंत्र, न्यासभंग, छल एवं कूट रचना का आरोप है। याची ने चार्जशीट दाखिल करने से पहले सरकार की सहमति न लेने के आधार पर 29 जनवरी 2019 को आरोप मुक्त करने की अर्जी विशेष न्यायालय सीबीआई में दाखिल की, जिसे सीबीआई कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
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प्रयागराज। करोड़ों रुपये के नोएडा भूमि आवंटन घोटाले के आरोपी चीफ इंजीनियर यादव सिंह के सहयोगी सहायक प्रोजेक्ट इंजीनियर सुनील कुमार अग्रवाल को हाईकोर्ट ने आरोप मुक्त करने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने सीबीआई अदालत को चुनौती देने वाली उनकी याचिका भी खारिज कर दी है। नोएडा भूमि आवंटन घोटाले में याची का कहना था कि चार्जशीट दाखिल करने से पहले सीबीआई ने धारा 197 (लोक सेवक के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति) के तहत सरकार से अनुमति नहीं ली है। याचिका पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने सुनवाई की।
सीबीआई के अधिवक्ता का कहना था कि याची सेवानिवृत्त हो चुका है। राज्य सरकार से चार्जशीट दाखिल करने के लिए अनुमति लेना बाध्यकारी नहीं है। कोर्ट ने याचिका पर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है। नोएडा में 954.38 करोड़ के भूमि आवंटन घोटाले के आरोप में चीफ इंजीनियर यादव सिंह सहित कई अधिकारियों के खिलाफ 16 जुलाई 2017 को प्राथमिकी दर्ज हुई थी। 31 मई 2017 को सीबीआई ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की। याची पर आपराधिक षड्यंत्र, न्यासभंग, छल एवं कूट रचना का आरोप है। याची ने चार्जशीट दाखिल करने से पहले सरकार की सहमति न लेने के आधार पर 29 जनवरी 2019 को आरोप मुक्त करने की अर्जी विशेष न्यायालय सीबीआई में दाखिल की, जिसे सीबीआई कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
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