टीजीटी-पीजीटी में हर विषय के सवाल गलत, दोबारा परीक्षा की मांग
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की टीजीटी-पीजीटी परीक्षा-2016 में बडे़ पैमाने पर प्रश्नों के गलत होने के बाद नाराज परीक्षार्थियों ने परीक्षा निरस्त कर दोबारा कराने की मांग की है। परीक्षार्थियों का कहना है कि लगभग सभी विषयों बड़ी संख्या में सवाल गलत हैं। परीक्षार्थियों ने साक्ष्य सहित अपनी आपत्तियां चयन बोर्ड के पास भेज दी हैं। उनका कहना है कि ऐसे विशेषज्ञों से चयन बोर्ड क्यों प्रश्नपत्र तैयार करवाता है, जिसको यह पता नहीं कि सही सवाल कौन से हैं। परीक्षार्थियों ने इस मामले को लेकर न्यायालय में याचिका दाखिल करने का फैसला किया है।
प्रतियोगी छात्र उमा शंकर सिंह का कहना है कि चयन बोर्ड युवाओ के भविष्य को लेकर लापरवाह है। प्रतियोगियों के सवाल पर यही जबाव दिया जाता है कि मानवीय भूल है। अनिल सिंह ने चयन बोर्ड की कार्य प्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करने के साथ दोबारा परीक्षा कराने की मांग की। आपत्ति करने वालों में राहुल सिंह, विपिन सिंह, जलज पंकज सिंह, बलजीत पटेल, जितेन्द्र तिवारी, मदन सिंह शामिल रहे।
पदों का सत्यापन नहीं होने से कम हो रहे शिक्षकों के पद
जिला विद्यालय निरीक्षक एवं प्रबंधन के स्तर से स्कूलों में खाली होने वाले टीजीटी-पीजीटी के पदों का सत्यापन नहीं होने से लगातार उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से घोषित होने वाले परिणाम में पदों की संख्या कम हो रही है। पद कम किए जाने से नाराज अभ्यर्थियों ने इस मामले में कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है।