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दुआओं के बीच खुदा की बारगाह में सजदा

Sun, 03 Sep 2017 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 03 Sep 2017 12:39 AM IST
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Worshiped between Gods
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
बकरीद पर शनिवार को खुदा की बारगाह में अकीदतमंदों ने खास नमाज अदा की। नमाजियों की लंबी कतारें लगीं। इस दौरान उन्हें कुर्बानी के मायने, मकसद बताए गए, फिर मुल्क की सलामती, तरक्की, खुशहाली आदि के लिए दुआएं मांगी गई। नमाज के बाद लोगों ने एक दूसरे को बकरीद की मुबारकबाद भी दी। बच्चों में खासा उत्साह दिखा।
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तमाम इबादतगाहों में ईद-उल-अजहा की नमाज का वक्त सुबह ही रखा गया था सो शहर के तमाम रास्ते इबादतगाहों की ओर मुड़े। ईदगाह में नमाज पढ़ना सुन्नत है सो यहां बड़ी जमात जुटी। ईदगाह भरी तो गेट के पास भी जानमाज बिछाकर लोगों ने नमाज पढ़ी। यहां मौलाना वजाहत हुसैन ने खास नमाज पढ़वाई। नमाज के आखिर में हज पर गए लोगों का हज कुबूल करने और खैरियत से उनकी घर वापसी के लिए दुआ मांगी गई। मुतवल्ली एमएस फारुकी की देखरेख में ईदगाह के भीतर और बाहर नमाजियों के लिए इंतजाम कराए गए थे।
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जामा मस्जिद चौक में सबसे बड़ी जमात जुटी। जामा मस्जिद भरी तो बाहर ठठेरी बाजार, चड्ढा रोड पर मजार के पास तथा कोतवाली के सामने तक सीधी सफ में बैठकर लोगों ने नमाज अदा की। यहां मुफ्ती व पेश इमाम मौलाना रईस अख्तर ने नमाज पढ़वाई। अंत में मुल्क की सलामती, तरक्की आदि के लिए दुआ मांगी गई।
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इससे पहले सरपरस्त कारी मकबूल अहमद हबीबी ने तमाम नमाजियों को बकरीद का मकसद बताया। कहा, हमें इस तरह से बकरीद मनानी चाहिए कि किसी भी तरह की बदअमनी न होने पाए। कुर्बानी का बिना इस्तेमाल गोश्त भी निर्धारित जगह पर ही फेंके। इसी तरह जामा मस्जिद शाह वसीउल्लाह में कारी मुहम्मद अमीन और जामा मस्जिद वसीयाबाद में मुफ्ती सैफुर्रहमान ने बकरीद की नमाज पढ़वाई और लोगों से अमन के साथ बकरीद मनाने की अपील की। शहर की तमाम मस्जिदों में भी अकीदत और अमन के साथ नमाज अदा की गई। पुलिस के साथ नागरिक सुरक्षा कोर के स्वयंसेवकों ने भी पूरी मुुस्तैदी से मस्जिदों के पास ड्यूटी दी।

शिया जामा मस्जिद चक में इमाम जुमा व जमात मौलाना सैयद हसन रजा ने बकरीद की नमाज पढ़वाई। कहा, यह अल्लाह की राह में कुर्बानी है, ऐसे में अपनी सबसे बेशकीमती चीजों की कुर्बानी भी करें। इसका मतलब सिर्फ दुंबे की कुर्बानी से ही नहीं बल्कि अल्लाह की राह में उसके जरूरतमंद बंदे के लिए पैसा, ताकत, वक्त की कुर्बानी भी शामिल है। अंत में मुल्क की सलामती, तरक्की के लिए भी दुआ मांगी गई।


वहीं गौसनगर, वीआईपी कॉलोनी स्थित हौजा-ए-इल्मिया जमीअतुल अब्बास अरबी कॉलेज में धर्मगुरु मौलाना कल्बे अब्बास ने खास नमाज पढ़वाई और कुर्बानी के मायने बताए। बक्शी बाजार स्थित काजीजी की मस्जिद में मौलाना जव्वादुल हैदर जव्वादी की देखरेख में नमाज अदा की गई। उन्होंने कुर्बानी का मकसद बयां किया। कहा, कुर्बानी के हिस्से तो तीन भागों में बांटना चाहिए। नमाज में उम्मुल बनीन सोसाइटी के महासचिव सैयद मोहम्मद अस्करी, मुख्तार रिजवी, मुतवल्ली शाहरुख, आसिफ रिजवी आदि मौजूद थे। इस दौरान मस्जिद के पास गंदा पानी भरा होने से नमाजियों को आने-जाने में दिक्कतें हुईं और उन्होंने नाराजगी जताई।
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