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तकनीक से कम होगा दुनिया का आकार
Fri, 03 May 2019 12:43 AM IST
विनोद सिंह
Prayagraj
Prayagraj
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 03 May 2019 12:43 AM IST
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सेमिनार
- फोटो : प्रयागराज
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एयर लिक्विड इलेक्ट्रॉनिक्स यूएसए के चीफ टेक्नोलॉजी आफिसर डॉ आशुतोष मिश्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि आने वाली समय तकनीक का होगा। इंटरनेट आफ थिंग्स, बिग डॉटा, आटोमोटिव, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वर्चुअल रियलिटी और स्मार्ट कम्युनिकेशन में 5जी तकनीकों का प्रयोग बढ़ने वाला है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में प्रत्येक व्यक्ति के पास सात से 26 स्मार्ट उपकरण होंगे। यह बातें उन्होंने विज्ञान परिषद के तत्वावधान में आयोजित प्रो सालिगराम भार्गव स्मृति व्याख्यानमाला में कही।
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टेक्नोक्रेट ने बताया कि मौजूदा समय विश्व की कुल ऊर्जा का तीन प्रतिशत डाटा स्टोरेज के लिए उपयोग किया जा रहा है। अर्धचालक उद्योग में आवृत्ति बढ़ाने, ऊर्जा की खपत कम करने, आकार कम करने और मूल्य कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। भविष्य में न्यूरोमार्फिक कंप्यूटर, क्वांटम कंप्यूटर और बायोलॉजिकल कंप्यूटर प्रचलन में आएंगे। अध्यक्षता कर रहे प्रो केके भूटानी ने कहा कि मानव की क्षमता सीमित है, लेकिन विज्ञान इस दिशा में विस्तार के निरंतर प्रयासरत है। इससे पहले शुभारंभ सालिगराम भार्गव के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। डॉ राजेंद्र प्रसाद मिश्र ने रूपरेखा प्रस्तुत की। धन्यवाद ज्ञापन डॉ अर्चना पांडेय ने और संचालन देवव्रत द्विवेदी ने किया। डॉ केबी पांडेय, डॉ शिवगोपाल मिश्र, डॉ दिनेश मणि, प्रेम चंद्र श्रीवास्तव, विजय चितौरी, डॉ शांति चौधरी, डॉ एम गोविंद राजन सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
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