फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Working with renowned artists for seven days was like an acting internship: Asgar Ali

बड़े कलाकारों के साथ सात दिन काम करना अभिनय की इंटर्नशिप जैसा था : असगर अली

Wed, 07 Oct 2026 02:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज Updated Wed, 07 Oct 2026 02:58 AM IST
विज्ञापन
Working with renowned artists for seven days was like an acting internship: Asgar Ali
अभिनेता असगर अली
राजापुर की गलियों से थिएटर का सफर शुरू करने वाले 35 वर्षीय अभिनेता असगर अली अब बड़े पर्दे पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं। दो अक्तूबर को रिलीज हुई अजय देवगन की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘दृश्यम 3’ में असगर अजय देवगन के पैनल में शामिल एडवोकेट के किरदार में हैं।
विज्ञापन

प्रयागराज आए अभिनेता असगर अली ने अमर उजाला के लिए संवाद न्यूज एजेंसी से खास बातचीत में फिल्म में काम करने से लेकर थिएटर के सफर और अभिनय के अनुभव साझा करते हुए कहा कि इतने बड़े कलाकारों के साथ काम करना मेरे लिए अभिनय की इंटर्नशिप जैसा था। संवाद
विज्ञापन

सवाल - ‘दृश्यम 3’ तक पहुंचने का मौका कैसे मिला?
जवाब - मुंबई जाने के करीब दो महीने बाद मुझे एडवोकेट के किरदार के लिए ऑडिशन मिला। उस समय मुझे पता ही नहीं था कि यह ऑडिशन ‘दृश्यम 3’ के लिए है। संयोग से मेरे पास वकील की पोशाक थी। उसी में ऑडिशन रिकॉर्ड करके भेज दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


सवाल - फिल्म में आपका किरदार क्या है?
जवाब - मैं अजय देवगन के पैनल में शामिल एडवोकेट के रूप में हूं। कोर्ट रूम के कई सीक्वेंस में मेरी मौजूदगी है। कोर्ट से जुड़े सीक्वेंस करीब 20 मिनट के हैं।

सवाल - अजय देवगन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
जवाब - अजय देवगन, तब्बू, प्रकाश राज, रजत कपूर, श्रेया शरण और इशिता दत्ता जैसे कलाकारों को करीब से देखना अपने आप में बड़ी सीख थी। अजय से सेट पर रोज सामान्य ग्रीटिंग होती थी। रजत कपूर और दूसरे कलाकारों से भी बातचीत हुई।

सवाल - अभिनय की शुरुआत कब हुई?
जवाब - वर्ष 2008 में थिएटर से शुरुआत की। 2012-13 में पहली फिल्म ‘इश्क समंदर’ में काम किया। इसके बाद नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के त्रिपुरा सेंटर में चयन हुआ। ‘सावधान इंडिया’ और दूसरे छोटे प्रोजेक्ट्स में भी काम किया। वर्ष 2015 में अपना थिएटर ग्रुप ‘बुनियाद फाउंडेशन’ शुरू किया।


सवाल - नए कलाकारों को क्या संदेश देंगे?
जवाब - रील्स और एक्टिंग में बहुत फर्क है। सिर्फ दो-चार शो या रील करने से अभिनय में पहचान बनाना मुश्किल है। प्रशिक्षण और लगातार मेहनत जरूरी है। थिएटर कलाकार को लंबे समय तक खुद को तराशने का मौका देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed