फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Women on the driving seat... more than 13 thousand licenses issued in three years

Prayagraj : ड्राइविंग सीट पर महिलाएं... तीन साल में 13 हजार से अधिक लाइसेंस जारी

Wed, 21 May 2025 12:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 21 May 2025 12:54 PM IST
सार

घर के काम हों या दफ्तर के, पढ़ाई-लिखाई हो या खेलकूद, देश की आधी आबादी ने हर कदम पर अपना परचम बुलंद किया है। अब वह दूसरों पर निर्भरता भी कम कर रही हैं। पहले दफ्तर या किसी भी जगह पर आने-जाने के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर होना पड़ता था।

विज्ञापन
Women on the driving seat... more than 13 thousand licenses issued in three years
महिला चालक। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

घर के काम हों या दफ्तर के, पढ़ाई-लिखाई हो या खेलकूद, देश की आधी आबादी ने हर कदम पर अपना परचम बुलंद किया है। अब वह दूसरों पर निर्भरता भी कम कर रही हैं। पहले दफ्तर या किसी भी जगह पर आने-जाने के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर होना पड़ता था। लेकिन, अब वह इसे भी कम कर रही हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले तीन सालों में जिले में 13,417 महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए गए हैं। जबकि करीब 15 हजार से ज्यादा आवेदन आए थे। वह घर और दफ्तर की स्टेयरिंग संग अब वाहनों की स्टेयरिंग भी संभाल रही हैं।

विज्ञापन


आज के समय में महिलाएं बच्चों को स्कूल छोड़ने से लेकर ऑफिस जाने और खरीदारी करने के लिए किसी का इंतजार नहीं करती हैं। बल्कि खुद ही कार और बाइक-स्कूटी से सारे काम निपटा देती हैं। सड़कों पर भी उनकी धमक है। वहीं, साल दर साल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में महिलाओं की संख्या बढ़ रही है। वर्ष 2022-23 में 4185, 2023-24 में 4426 और वर्ष 2024-25 में 4806 महिलाओं का ड्राइविंग लाइसेंस बना है।
विज्ञापन


करीब 50 महिलाएं सड़कों पर दौड़ा रहीं ई-रिक्शा

महिलाएं सिर्फ शौक के लिए वाहन नहीं चला रहीं, बल्कि रोजगार के तौर पर भी वह वाहनों को सड़कों पर दौड़ा रही हैं। वर्तमान में लगभग 50 महिलाएं ऐसी हैं जो कि ई-रिक्शा चलाकर अपना परिवार चला रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाली महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वहीं, लाइट मोटर वाहन में 75 सौ किलोग्राम वजन तक के वाहन आते हैं। ऐसे में महिला दो पहिया से लेकर चार पहिया तक चला रही हैं। - राजीव चतुर्वेदी, एआरटीओ प्रशासन।


2019 से लेकर अब तक ई-रिक्शा चलाने में महिलाओं की संख्या बढ़ी है। वर्तमान में करीब 50 महिलाएं ऐसी हैं, जो कि ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का सहारा बनीं हैं। - रघुनाथ द्विवेदी, उपाध्यक्ष, टेंपो-टैक्सी, ई-रिक्शा यूनियन।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed