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UP : सरयू एक्सप्रेस में खून से लथपथ मिली महिला सिपाही, नहीं हुआ था दुष्कर्म, अफसरों ने हाईकोर्ट को बताया

Thu, 14 Sep 2023 12:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 14 Sep 2023 12:05 PM IST
सार

एसटीएफ के सीओ ने बताया कि मजिस्ट्रेट के समक्ष उसका बयान दर्ज कराया गया है। घायल की मनःस्थिति ठीक नहीं है। उसके पुलिस की ओर से धारा 161 के तहत दर्ज बयानों और मजिस्ट्रेट के सामने धारा-164 के तहत दर्ज कलमबंद बयानों में भिन्नता है।

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Woman found soaked in blood in Saryu Express Police did not confirm rape, officers informed the High Court
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेश एसटीएफ अफसरों ने बुधवार को बताया कि सरयू एक्सप्रेस में खून से लथपथ मिली महिला हेड कांस्टेबल सुमित्रा पटेल के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। कांस्टेबल ने अपने बयानों में भी इसकी पुष्टि की है कि उसके साथ छेड़छाड़ या दुष्कर्म नहीं हुआ। एसटीएफ ने यह भी कहा कि अभी कांस्टेबल की मानसिक हालत ठीक नहीं है, इसलिए वह बार-बार बयान बदल रही है। कोर्ट को बताया गया कि मामले की जांच 26 लोगों की टीम कर रही है।

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एसटीएफ के सीओ ने बताया कि मजिस्ट्रेट के समक्ष उसका बयान दर्ज कराया गया है। घायल की मनःस्थिति ठीक नहीं है। उसके पुलिस की ओर से धारा 161 के तहत दर्ज बयानों और मजिस्ट्रेट के सामने धारा-164 के तहत दर्ज कलमबंद बयानों में भिन्नता है। मेडिकल बोर्ड की जांच या उसने बयानों में दुराचार की बात सामने नहीं आई है। सीओ ने बताया कि सरयू एक्सप्रेस ट्रेन की जिस बोगी में यह घटना घटी, वहां अंधेरा था और सीसीटीवी में कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है। पीड़िता भी हमलावरों को देख नहीं पाई, क्योंकि वार पीछे से किया गया था।

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प्रॉपर्टी के विवाद का मामला सामने आया

सीओ ने बताया कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि प्रॉपर्टी को लेकर उसका विवाद चल रहा है। हालांकि, उसने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। अधिवक्ता राम कौशिक की ओर से तीन सितंबर को दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर एवं न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ के सवाल पर एसटीएफ अधिकारी ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए 26 लोगों की टीम लगाई गई है। शीघ्र ही घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।

शासकीय अधिवक्ता आशुतोष कुमार संड ने बताया कि अभी तक की जांच से अदालत और याची अधिवक्ता ने संतुष्टि जताई है। एसटीएफ ने जांच पूरी करने के लिए कोर्ट से तीन सप्ताह का समय और मांगा है, जिस पर सहमति जताते हुए नौ अक्तूबर को सुनवाई नियत की गई है।

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30 अगस्त को ड्यूटी पर जाते वक्त हुई थी घटना

सोरांव के भदरी गांव की रहने वाली सुमित्रा पटेल बीती 30 अगस्त को फाफामऊ से सरयू एक्सप्रेस में सवार हुई थीं। वह अयोध्या के हनुमानगढ़ी में ड्यूटी करने जा रही थीं। ट्रेन में मनकापुर से अयोध्या के बीच रात में किसी ने उनके ऊपर हमला किया। इसमें उनके चेहरा तक क्षत-विक्षत हो गया। मरणासन्न हाल में ट्रेन की सीट के नीचे उन्हें पाया गया था। यह सनसनीखेज घटना मीडिया की सुर्खियां बनी थी। इसके बाद पत्र याचिका के आधार पर कोर्ट सरकार से जवाब तलब किया था।

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