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पांचवीं डुबकी के साथ पूरा होगा कल्पवास

Sun, 21 Feb 2016 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद Updated Sun, 21 Feb 2016 11:17 PM IST
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Will meet with fifth dive Kalpwas

माघी पूर्णिमा के स्नानपर्व के साथ रेती पर माह भर के कल्पवास का संकल्प सोमवार को पूरा होगा। माह भर से गंगा की रेती पर बसे कल्पवासी रेणुका प्रसाद (संगम की रेती) लेकर आस्था की नगरी से विदा होंगे। सिर पर गठरी, हाथ में झोला लिए माघी पूर्णिमा का स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं का आना रविवार की सुबह से ही शुरू हो गया था। वहीं मेला क्षेत्र में कल्पवास कर रहे श्रद्धालुओं ने अपने सभी अनुष्ठान पूरे करके शिविर का सामान सहेजा। दान पुण्य करने और मेला क्षेत्र में सत्य नारायण व्रत कथा सुनने, कन्या खिलाने का सिलसिला देर शाम तक जारी रह्रा।

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दंडीबाड़ा, आचार्य बाड़ा, काली सड़क, त्रिवेणी मार्ग, महावीर मार्ग, खाक चौक स्थित संतों महंतों के शिविरों में प्रसाद बंटता रहा। शिविर प्रभारी समान को एकत्र कराने में व्यस्त रहे। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिविर में कल्पवास कर रहे बरेली के केके गुप्ता ने कहा, कल्पवास करने के दौरान कई आत्मीय रिश्ते बने हैं। मां गंगा से यही प्रार्थना है कि अगले वर्ष फिर आने का मौका मिले। त्रिवेणी मार्ग स्थित अंतरराष्ट्रीय सनातन धर्म संस्थान के संस्थापक महंत स्वामी विद्याचैतन्य के शिविर में कल्पवास कर रही 84वर्षीया भगवती देवी खेतान ने कहा, कामना है कि संगम तट पर आने का सिलसिला बना रहे। 

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सोमवार को माघी पूर्णिमा स्नान पर्व का पुण्यकाल पूरे दिन रहेगा। अखिल भारतीय ज्योतिष परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री अविनाश राय के अनुसार पूर्णिमा तिथि का संचरण रविवार रात 10:11 बजे से आरंभ होकर सोमवार की रात 10:58 तक रहेगा। ऐसे में माघी पूर्णिमा स्नान का पुण्यकाल पूरे दिन रहेगा। इस अवसर प र गंगा स्नान कर भगवान विष्णु का पूजन और हवन, पितरों की प्रसन्नता के लिए दान किया जाएगा।

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शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य एवं गंगा सेवा अभियानम के संयोजक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती माघी पूर्णिमा पर यमुना में डुबकी लगाएंगे। कहा, पौष पूर्णिमा पर गंगा में स्नान, मौनी अमावस्या पर संगम स्नान और माघी पूर्णिमा पर यमुना स्नान का महात्म्य है। कल्पवास की पूर्णता के लिए यमुना में डुबकी जरूरी है।

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