{"_id":"5d20fdd18ebc3e6cc5782936","slug":"wild-life-meerganj-news-bly367572058","type":"story","status":"publish","title_hn":"भीड़ ने गुस्सा दिलाया तो हाथियों ने फिर दौड़ाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भीड़ ने गुस्सा दिलाया तो हाथियों ने फिर दौड़ाया
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बरेली/दुनका। तीन दिन से शाही के इलाकों में दहशत की वजह बने दोनों हाथी शुक्रवार रात खानपुर से उत्तर की ओर चलकर सुबह तीन किमी दूर गांव नरखेड़ा की गौंटियां पहुंच गए जहां गांव के किनारे बाग और गन्ने के खेतों में उन्होंने पूरा दिन बिताया। वनकर्मियों की टीम के साथ आरआरएफ, पुलिस और तहसील का स्टाफ भी उनकी निगरानी में जुटा रहा। इससे पहले वीडियो बनाने के लिए नजदीक पहुंचे कुछ लोगों पर हाथी फिर हमलावर हुए तो भगदड़ मच गई और इस दौरान चार-पांच लोग गिरकर चुटैल भी हो गए।
शाही के गांव खानपुर से तीन किमी उत्तर में नरखेड़ा की गौंटिया में पहुंचे हाथियों को गांव के लोगों ने तब देखा जब वे सुबह खेतों में काम करने पहुंचे। गांव के उत्तर में रईस अहमद और जमील अहमद के खेत में हाथियों को टहलते देख दहशत में आए लोगों की सूचना पर डायल-100 की टीम वहां पहुंच गई। इस बीच अच्छी-खासी भीड़ मौके पर जुट गई। कुछ लोग हाथियों का वीडियो बनाने उनके नजदीक पहुंचे तो हाथी भड़क गए और उनके पीछे दौड़ पड़े। इस पर लोग जान बचाने के लिए गिरते-पड़ते भाग निकले। इस भगदड़ में अमर पाल, राजू, विक्की, रामवीर, ऋषिपाल गौतम समेत कई लोग चुटैल भी हो गए।
इसके बाद शाही पुलिस के साथ एक सेक्शन आरआरएफ, वनकर्मी, राजस्व विभाग का स्टाफ और वन विभाग के अधिकारियों के साथ एक्सपर्ट भी मौके पर पहुंच गए। एंबुलेंस भी मौके पर भेज दी गई। इसके बाद लोगों को हाथियों से दूर हटा दिया गया। मुख्य वन संरक्षक झांसी पीपी सिंह, देहरादून से पहुंचे वाइल्ड लाइफ के डॉ. सजल शर्मा, डॉ. सनद, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के डॉ. परीक्षित, मुख्य वन संरक्षक गोंडा सुजाय बनर्जी, अनिल पटेल, सुरेश यादव, डीएफओ भरत लाल समेत तमाम वनाधिकारी शाम तक हाथियों की गतिविधियों का जायजा लेते रहे।
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हाथियों ने बर्बाद की फसल, किसानों ने मांगा मुआवजा
दोपहर में तहसीलदार मीरगंज राजस्व टीम के साथ गांव में पहुंचे और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के राजस्व टीम को निर्देश दिए। हाथियों ने रईस अहमद और जमील के दो एकड़ धान की फसल को खाया और कुचलकर तहसनहस भी कर दिया। गांव के किनारे चार एकड़ गन्ने की फसल को भी खूब नुकसान पहुंचाया। उन्होंने तहसीलदार मीरगंज आनंद सिंह से अपनी फसल के नुकसान पर एक लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।
शुक्रवार रात दोनों हाथी खानपुर से उत्तर दिशा में चलकर सुबह नरखेड़ा की गौंटिया के खेतों में पहुंच गए। यह मूवमेंट उत्तराखंड की ओर होने के कारण अच्छा संकेत है। हाथियों की याददाश्त काफी अच्छी होती है। उन्हें यहां भरपूर भोजन और पानी मिल रहा है। इससे उन्हें उनके घर
वापस भेजने में देरी हो रही है। प्रयास है कि जल्द ही वह अपने घर चले जाएं। इसके लिए कई स्थानों से एक्सपर्ट भी बुलाए गए हैं।
- ललित कुमार शर्मा, मुख्य वन संरक्षक
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शाही के गांव खानपुर से तीन किमी उत्तर में नरखेड़ा की गौंटिया में पहुंचे हाथियों को गांव के लोगों ने तब देखा जब वे सुबह खेतों में काम करने पहुंचे। गांव के उत्तर में रईस अहमद और जमील अहमद के खेत में हाथियों को टहलते देख दहशत में आए लोगों की सूचना पर डायल-100 की टीम वहां पहुंच गई। इस बीच अच्छी-खासी भीड़ मौके पर जुट गई। कुछ लोग हाथियों का वीडियो बनाने उनके नजदीक पहुंचे तो हाथी भड़क गए और उनके पीछे दौड़ पड़े। इस पर लोग जान बचाने के लिए गिरते-पड़ते भाग निकले। इस भगदड़ में अमर पाल, राजू, विक्की, रामवीर, ऋषिपाल गौतम समेत कई लोग चुटैल भी हो गए।
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इसके बाद शाही पुलिस के साथ एक सेक्शन आरआरएफ, वनकर्मी, राजस्व विभाग का स्टाफ और वन विभाग के अधिकारियों के साथ एक्सपर्ट भी मौके पर पहुंच गए। एंबुलेंस भी मौके पर भेज दी गई। इसके बाद लोगों को हाथियों से दूर हटा दिया गया। मुख्य वन संरक्षक झांसी पीपी सिंह, देहरादून से पहुंचे वाइल्ड लाइफ के डॉ. सजल शर्मा, डॉ. सनद, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के डॉ. परीक्षित, मुख्य वन संरक्षक गोंडा सुजाय बनर्जी, अनिल पटेल, सुरेश यादव, डीएफओ भरत लाल समेत तमाम वनाधिकारी शाम तक हाथियों की गतिविधियों का जायजा लेते रहे।
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हाथियों ने बर्बाद की फसल, किसानों ने मांगा मुआवजा
दोपहर में तहसीलदार मीरगंज राजस्व टीम के साथ गांव में पहुंचे और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के राजस्व टीम को निर्देश दिए। हाथियों ने रईस अहमद और जमील के दो एकड़ धान की फसल को खाया और कुचलकर तहसनहस भी कर दिया। गांव के किनारे चार एकड़ गन्ने की फसल को भी खूब नुकसान पहुंचाया। उन्होंने तहसीलदार मीरगंज आनंद सिंह से अपनी फसल के नुकसान पर एक लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।
शुक्रवार रात दोनों हाथी खानपुर से उत्तर दिशा में चलकर सुबह नरखेड़ा की गौंटिया के खेतों में पहुंच गए। यह मूवमेंट उत्तराखंड की ओर होने के कारण अच्छा संकेत है। हाथियों की याददाश्त काफी अच्छी होती है। उन्हें यहां भरपूर भोजन और पानी मिल रहा है। इससे उन्हें उनके घर
वापस भेजने में देरी हो रही है। प्रयास है कि जल्द ही वह अपने घर चले जाएं। इसके लिए कई स्थानों से एक्सपर्ट भी बुलाए गए हैं।
- ललित कुमार शर्मा, मुख्य वन संरक्षक