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High Court : मेडिकल व पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्यों नहीं हो रही कंप्यूटरीकृत टाइप, सरकार से मांगा हलफनामा
Fri, 08 Nov 2024 03:45 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 08 Nov 2024 03:45 PM IST
सार
न्यायालय ने कहा कि वसीम केस में सरकार ने आश्वासन दिया था कि रिपोर्ट कंप्यूटर से टाइप होंगी। इसके बाद भी इसका पालन नहीं किया जा रहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह ने एक दुष्कर्म मामले में दाखिल आपराधिक पुनरीक्षण याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी।
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हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
हाईकोर्ट ने चोट और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट कम्प्यूटरीकृत टाइप करने के आश्वासन का पालन न करने को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव गृह उत्तर प्रदेश लखनऊ, डीजीपी लखनऊ, डायरेक्टर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उत्तर प्रदेश को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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न्यायालय ने कहा कि वसीम केस में सरकार ने आश्वासन दिया था कि रिपोर्ट कंप्यूटर से टाइप होंगी। इसके बाद भी इसका पालन नहीं किया जा रहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह ने एक दुष्कर्म मामले में दाखिल आपराधिक पुनरीक्षण याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी।
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याचिका में कहा गया कि पीड़िता से दुष्कर्म के आरोप की मेडिकल रिपोर्ट से समर्थन नहीं मिला है। जब कोर्ट ने रिपोर्ट देखी तो वह डॉक्टर के हस्तलेख में थी और पठनीय नहीं थी। कोर्ट ने अपर शासकीय अधिवक्ता से पढ़ने को कहा वह भी पढ़ने में असमर्थ रहे। इसपर न्यायालय ने अधिकारियों से सफाई मांगी है।
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