फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   When the petitioner reached the High Court, the Municipal Corporation and the Public Works Department

UP News : याची पहुंचा हाईकोर्ट तो नगर निगम, लोक निर्माण विभाग ने कहा-न जमीन मेरी न हमने की पैमाइश

Fri, 13 Sep 2024 01:09 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 13 Sep 2024 01:09 PM IST
सार

याची के अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी ने कोर्ट को बताया कि राम अवतार ने 1984 में गांव में दो दुकान व घर का निर्माण किया था। 1995-96 में याची का गांव नगर निगम के क्षेत्र में शामिल कर लिया गया। इस समय तक किसी ने अतिक्रमण की शिकायत नहीं की।

विज्ञापन
When the petitioner reached the High Court, the Municipal Corporation and the Public Works Department
अदालत। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट में अजीबो-गरीब मामला आया है। मुरादाबाद में एक मकान के कुछ हिस्से को अतिक्रमण बता कर स्वयं तोड़ने के लिए कहा गया। मामला जब हाईकोर्ट पहुंचा तो नगर निगम मुरादाबाद और लोक निर्माण विभाग ने जमीन को अपना मानने से ही इन्कार कर दिया। साथ ही बताया कि उनकी ओर से कोई पैमाइश ही नहीं की गई। यह जमीन तो सीलिंग विभाग की है।

विज्ञापन

इस पर कोर्ट ने अधिकारियों से तीन हफ्ते में जवाबी हलफनामा मांगा है। न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र तथा न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने यह आदेश याची रामअवतार की याचिका पर दिया है।

विज्ञापन

याची के अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी ने कोर्ट को बताया कि राम अवतार ने 1984 में गांव में दो दुकान व घर का निर्माण किया था। 1995-96 में याची का गांव नगर निगम के क्षेत्र में शामिल कर लिया गया। इस समय तक किसी ने अतिक्रमण की शिकायत नहीं की। जुलाई 2024 में अधिकारियों की टीम पहुंची और घरों पर निशान लगाकर अतिक्रमण हटा लेने का आदेश दिया। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

याची वकील ने दलील दी कि नगर निगम की टीम ने पैमाइश करके मकान का एक फीट 15 सेंटीमीटर का हिस्सा स्वयं हटाने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने तीनों विभागों के अधिकारियों से तीन हफ्ते में जवाबी हलफनामा मांगा है। कोर्ट ने याचिका को सुनवाई के लिए पांच हफ्ते बाद पेश करने का आदेश दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed