Prayagraj : बच्चों का पुरस्कार मां-बाप को मिला तो खुशी से छलके आंसू, बोले धन्यवाद अमर उजाला
अमर उजाला टीम सबसे पहले सोरांव के कजियानी गांव में स्थित अजय कुमार सरोज के घर पर पहुंची। अजय ने एशियाई खेल में 1500 मी.की स्पर्धा में रजत पदक जीता था। यहां अजय के पिता धर्मराज व मां रानी देवी को प्रशस्ति पत्र दिया गया।
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चीन के हांगझोऊ में आयोजित एशियाई खेल में प्रतिभाग करने व मेडल जीतने वाली शहर की प्रतिभाओं को अमर उजाला ने सम्मानित किया। इन खिलाड़ियों को अखबार की ओर से प्रशस्ति पत्र दिया गया और एक साल तक अमर उजाला मुफ्त में प्रदान करने का कूपन दिया गया।
शनिवार को अमर उजाला टीम सबसे पहले सोरांव के कजियानी गांव में स्थित अजय कुमार सरोज के घर पर पहुंची। अजय ने एशियाई खेल में 1500 मी.की स्पर्धा में रजत पदक जीता था। यहां अजय के पिता धर्मराज व मां रानी देवी को प्रशस्ति पत्र दिया गया। अखबार से सम्मान पाते हुए पिता की आंख से खुशी के आंसू छलक आए। बोले-प्लंबर पिता को बच्चों ने बड़ी खुशियां प्रदान की हैं। इस मुकाम पर पहुंचने के लिए उनके बेटे ने कड़ी मेहनत की है। जिस उम्र में बच्चे पिता के खर्च पर जीवन गुजारते हैं उस उम्र में ही उनका बेटा संघर्ष की सीढि़या चढ़ रहा था। मां रानी देवी ने भी अमर उजाला का आभार जताया।
इसके बाद टीम छोटा बघाड़ा मोहल्ले में बास्केटबॉल खिलाड़ी वैष्णवी यादव के घर पर पहुंची। वैष्णवी ने एशियाई खेल में बास्केटबॉल की भारतीय टीम की ओर से अच्छा प्रदर्शन किया था। सुपर फारवर्ड पोजिशन की इस खिलाड़ी के पिता सुजीत यादव और मां शिमला देवी को अखबार ने सम्मानित किया। पिता सुजीत ने बताया कि वह दूध के डेरी चलाते थे।
बेटी वैष्णवी सानिया मिर्जा की तरह टेनिस की खिलाड़ी बनना चाहती थी। टेनिस में दाखिला नहीं मिला तो मजबूरी में बास्केटबॉल में दाखिला कराया, जहां वह धीरे-धीरे रम गई। अपने दादा स्व. अर्जुन प्रसाद की प्रेरणा से वह लगातार अच्छा प्रदर्शन करती रही। दादा सचिन तेंदुलकर के प्रशंसक थे। बिटिया के इस सम्मान को दादा देखते तो और भी अधिक खुश होते। यह कहते हुए उन्होंने अखबार को धन्यवाद कहा।