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फागुन में सावन-भादो की रिमझिम
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Sun, 01 Mar 2015 11:26 PM IST
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हिमालयी क्षेत्र से आ रही तेज पछुवा और बंगाल की खाड़ी से आई नम पुरवइया के गठजोड़ ने एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगाड़ दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक सुबह साढ़े आठ से शाम साढ़े पांच बजे के बीच 0.8 मिमी बारिश हुई। अधिकतम और न्यूनतम तापमान का अंतर बेहद कम हो गया है। अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री और न्यूनतम 19.2 डिग्री पर पहुंच गया । जबकि एक दिन पूर्व अधिकतम तापमान 29.3 डिग्री दर्ज किया गया था। मौसम शनिवार देर रात से ही बदला हुआ था। आसमान में घने बादलों के साथ रात से ही हल्की बारिश हो रही थी। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि अगले दो दिन तक ऐसा हीमौसम रहेगा। आसमान में घने बादलों के साथ हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाएं चलेगी।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक हिमालयी क्षेत्र से आ रही भारी ठंडी पछुवा ने नम हवाओं को वायुमंडल में ऊपर ढकेल दिया है। अधिकतम आद्रता सौ फीसदी और न्यूनतम 88 प्रतिशत तक पहुंच जाने से आसमान मेें बादलों की मोटी परत बन गई है, जिसने बारिश का रूप ले लिया है। यह भी कहना है कि मार्च के पहले हफ्ते मेें ऐसा मौसम वाकई में चौंकाने वाला है। इस समय अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक होना चाहिए लेकिन पछुवा ने पूरा माहौल ही पलट कर रख दिया है।
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मौसम विज्ञानियों के मुताबिक हिमालयी क्षेत्र से आ रही भारी ठंडी पछुवा ने नम हवाओं को वायुमंडल में ऊपर ढकेल दिया है। अधिकतम आद्रता सौ फीसदी और न्यूनतम 88 प्रतिशत तक पहुंच जाने से आसमान मेें बादलों की मोटी परत बन गई है, जिसने बारिश का रूप ले लिया है। यह भी कहना है कि मार्च के पहले हफ्ते मेें ऐसा मौसम वाकई में चौंकाने वाला है। इस समय अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक होना चाहिए लेकिन पछुवा ने पूरा माहौल ही पलट कर रख दिया है।
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