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देश भर के क्रिटिकल जोन में प्रयागराज के पांच ब्लॉक

Mon, 05 Aug 2019 01:00 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 05 Aug 2019 01:00 AM IST
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Water crisis
प्रयागराज। चारों ओर से नदियों से घिरे होने के बावजूद प्रयागराज में भी पानी संकट गहराने लगा है। यहां का भूजल स्तर तेजी से नीचे खिसक रहा है। देश भर में चिह्नित 1590 ब्लॉकों में पांच ब्लॉक प्रयागराज के हैं। इनमें बहादुरपुर, बहरिया, धनूपुर, प्रतापपुर एवं चाका शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है अगर, अभी से रोकथाम शुरू नहीं हुई तो आने वाले समय में पानी की समस्या का बढ़ना तय है।
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भू-जल का जिस तरह से अंधाधुंध दोहन हो रहा है, उसके अनुरूप पानी रिचार्ज नहीं हो रहा। इसका नतीजा है कि भूजल स्तर तेजी से नीचे गिरता जा रहा है। सबसे खराब स्थिति ग्रामीण इलाकों की है। बहादुरपुर, बहरिया जैसे ब्लॉकों में हैंडपंप फेल हो रहे हैं। नई बोरिंग भी नहीं हो रही। स्थानीय लोगों की मानें तो पहले जितनी गहराई में पानी मिलता था, अब उससे दोगुनी नीचे बोरिंग करनी पड़ती है। इसके बाद भी पानी मिलने की गारंटी नहीं है। यही हाल गंगापार के धनूपुर एवं प्रतापपुर ब्लॉक में भी दिखता है। यहां भी भूगर्भ जलस्तर लाल निशान के नीचे पहुंच चुका है। हैंडपंप और पुराने कुओं से पानी मिलना मुश्किल हो चला है। यमुनापार के चाका ब्लॉक की भी कुछ ऐसी ही हालत है। यहां भी पहले की बोरिंग फेल हो रही है। जबकि नई बोरिंग कराना अब आसान नहीं रहा। अभी यह पांच ब्लॉक ही देशभर के क्रिटिकल ब्लॉक में शुमार हैं लेकिन यमुनापार एवं गंगापार के दूसरे ब्लॉकों में भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। भूगर्भ विशेषज्ञों के मुताबिक गांवों में भी तालाब, कुएं जैसे पानी एकत्रित करके उसका संरक्षण करने वाले स्थान खत्म हो रहे हैं। इससे भूजल रिचार्ज नहीं हो रहा, जबकि हाल के वर्षों में दोहन कई गुना बढ़ गया है। शहरों में भी भूजल स्तर तेजी से गिरता जा रहा है। पिछले चौदह वर्ष में जलस्तर करीब तेरह मीटर नीचे पहुंच चुका है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर भूजल रिचार्ज के उपाय जल्द शुरू नहीं हुए तब आसपास के इलाकों के लिए संकट बहुत दूर नहीं।
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जन जागरूकता अभियान में अमर उजाला भी साझेदार
प्रयागराज। गिरते भूजल स्तर को लेकर जन जागरूकता लाने के लिए अमर उजाला न सिर्फ प्रचार अभियान में सहायक होगा बल्कि, उन नदियों, तालाबों, पोखरों की भी खोज करेगा, जो कभी पानी संरक्षण का स्रोत हुआ करते थे। इन पांचों ब्लाकों में कई ऐसे स्थान हैं, जहां जल स्रोत विलुप्त हो चुके हैं। ऐसे स्थलों को फिर से अस्तित्व में लाने का प्रयास किया जाएगा। जलशक्ति अभियान के नोडल अधिकारी डा.निरंजन सिंह के मुताबिक सोमवार को विकास खंड बहादुरपुर सभागार में बैठक होगी। इसमें ग्राम प्रधान समेत स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
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