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पेपर आउट के विरोध में उग्र प्रदर्शन, फूंकी बस
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Tue, 31 Mar 2015 12:11 AM IST
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पीसीएस-2015 प्रारंभिक परीक्षा का पेपर आउट होने के विरोध में प्रतियोगियों और छात्रों ने सोमवार को उग्र प्रदर्शन किया। नाराज प्रतियोगियों ने पहले एक बस में तोड़फोड़ की और फिर आग लगा दी। अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के दफ्तर, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, लक्ष्मी टाकीज चौराहा समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने आयोग अध्यक्ष का पुतला भी दहन किया। साथ ही आंदोलनकारियों ने कटरा में लक्ष्मी टाकीज चौराहे पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह का भी पुतला फूंका। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने आयोग अध्यक्ष के पुतले की शव यात्रा भी निकाली। प्रतियोगियों ने मंगलवार को विवि छात्रसंघ भवन और बुधवार को दोबारा आयोग दफ्तर पर जुटने की घोषणा की है।
पहले से ही प्रतियोगियों के विरोध की आशंका के मद्देनजर आयोग और विश्वविद्यालय समेत हर संवेदनशील स्थान पर भारी संख्या में फोर्स मौजूद रही। प्रतियोगियों में आयोग अध्यक्ष के खिलाफ सबसे अधिक गुस्सा था। आंदोलनरत प्रतियोगी दोनों पाली की परीक्षा निरस्त करने और इसकी सीबीआई जांच की मांग के सथा अध्यक्ष को हटाए जाने की मांग पर अड़े थे।
विभिन्न मांगों को लेकर विश्वविद्यालय के डायमंड जुबली हॉस्टल के सामने सुबह 10.30 बजे ही छात्रों और प्रतियोगियों का जमावड़ा था। प्रदर्शन कर रहे छात्र अचानक उग्र हो गए और जेएनएनयूआरएम की बस रोक दी। पहले उन्होंने उसमें से यात्रियों को उतारा और फिर जमकर तोड़फोड़ की। उनका यह उग्र रूप देखकर यात्री सामान बस में ही छोड़कर भाग खड़े हुए। इसके बाद भी छात्र शांत नहीं हुए। इसी बीच एक छात्र ने कहीं से पेट्रोल लाकर बस पर छिड़ककर आग लगा दी। भारी संख्या में फोर्स पहुंचने पर कुछ देर में ही आग बुझा दी गई, लेकिन तब तक बस की सीटें जल चुकी थीं। पुलिस के पहुंचने से पहले छात्र और प्रतियोगी भी भाग गए थे। कंडक्टर अनिल कुमार पाल की तहरीर पर डेढ़ सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है।
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अध्यक्ष को हटाने, परीक्षा निरस्त करने तथा सीबीआई जांच की मांग को लेकर आयोग दफ्तर पर भी प्रतियोगियों का जमावड़ा हुआ। आयोग के सभी गेट पर सुबह से ही भारी संख्या में फोर्स मौजूद रही। इसकी वजह से प्रतियोगियों का आंदोलन सिर्फ प्रदर्शन तक सीमित रहा। प्रतियोगी जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर वापस हो गए लेकिन इस बीच दो घंटे से अधिक समय तक गतिरोध बना रहा।
वहीं सैकड़ों प्रतियोगियों ने शाम को लक्ष्मी टाकीज चौराहे पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह व आयोग अध्यक्ष का पुतला दहन करने के बाद प्रदर्शन किया। इस दौरान आयोग अफसरों के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। प्रदर्शनी, आंदोलन में अवनीश पांडेय, कौशल सिंह, इलाहाबद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप सिंह केडी, राणा यशवंत प्रताप सिंह, अमरेंदू सिंह, रजनीश सिंह, अयोध्या सिंह, दीपक मिश्रा आदि शामिल रहे।
एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदेश सरकार के पुतले की शव यात्रा निकाली और छात्रसंघ भवन पर उसका दहन किया। शवयात्रा में शैलेंद्र मौर्या, भास्कर मिश्र, सनत मिश्र, सूरज दुबे आदि शामिल रहे। विश्वविद्यालय में आइसा से जुड़े छात्रों की हुई बैठक में प्रदेश सचिव सुनील मौर्या, अंतस सर्वानंद आदि ने आयोग अध्यक्ष को बर्खास्त करने की मांग की। एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने भी छात्रसंघ भवन पर आयोग अध्यक्ष का पुतला दहन किया। उन्होंने प्रदेश सरकार तथा आयोग के अफसरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। पुतला दहन करने वालों में जिलाध्यक्ष गौरव त्रिपाठी, राजीव यादव, अनुराग राय आदि शामिल रहे।
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पहले से ही प्रतियोगियों के विरोध की आशंका के मद्देनजर आयोग और विश्वविद्यालय समेत हर संवेदनशील स्थान पर भारी संख्या में फोर्स मौजूद रही। प्रतियोगियों में आयोग अध्यक्ष के खिलाफ सबसे अधिक गुस्सा था। आंदोलनरत प्रतियोगी दोनों पाली की परीक्षा निरस्त करने और इसकी सीबीआई जांच की मांग के सथा अध्यक्ष को हटाए जाने की मांग पर अड़े थे।
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विभिन्न मांगों को लेकर विश्वविद्यालय के डायमंड जुबली हॉस्टल के सामने सुबह 10.30 बजे ही छात्रों और प्रतियोगियों का जमावड़ा था। प्रदर्शन कर रहे छात्र अचानक उग्र हो गए और जेएनएनयूआरएम की बस रोक दी। पहले उन्होंने उसमें से यात्रियों को उतारा और फिर जमकर तोड़फोड़ की। उनका यह उग्र रूप देखकर यात्री सामान बस में ही छोड़कर भाग खड़े हुए। इसके बाद भी छात्र शांत नहीं हुए। इसी बीच एक छात्र ने कहीं से पेट्रोल लाकर बस पर छिड़ककर आग लगा दी। भारी संख्या में फोर्स पहुंचने पर कुछ देर में ही आग बुझा दी गई, लेकिन तब तक बस की सीटें जल चुकी थीं। पुलिस के पहुंचने से पहले छात्र और प्रतियोगी भी भाग गए थे। कंडक्टर अनिल कुमार पाल की तहरीर पर डेढ़ सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है।
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अध्यक्ष को हटाने, परीक्षा निरस्त करने तथा सीबीआई जांच की मांग को लेकर आयोग दफ्तर पर भी प्रतियोगियों का जमावड़ा हुआ। आयोग के सभी गेट पर सुबह से ही भारी संख्या में फोर्स मौजूद रही। इसकी वजह से प्रतियोगियों का आंदोलन सिर्फ प्रदर्शन तक सीमित रहा। प्रतियोगी जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर वापस हो गए लेकिन इस बीच दो घंटे से अधिक समय तक गतिरोध बना रहा।
वहीं सैकड़ों प्रतियोगियों ने शाम को लक्ष्मी टाकीज चौराहे पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह व आयोग अध्यक्ष का पुतला दहन करने के बाद प्रदर्शन किया। इस दौरान आयोग अफसरों के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। प्रदर्शनी, आंदोलन में अवनीश पांडेय, कौशल सिंह, इलाहाबद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप सिंह केडी, राणा यशवंत प्रताप सिंह, अमरेंदू सिंह, रजनीश सिंह, अयोध्या सिंह, दीपक मिश्रा आदि शामिल रहे।
एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदेश सरकार के पुतले की शव यात्रा निकाली और छात्रसंघ भवन पर उसका दहन किया। शवयात्रा में शैलेंद्र मौर्या, भास्कर मिश्र, सनत मिश्र, सूरज दुबे आदि शामिल रहे। विश्वविद्यालय में आइसा से जुड़े छात्रों की हुई बैठक में प्रदेश सचिव सुनील मौर्या, अंतस सर्वानंद आदि ने आयोग अध्यक्ष को बर्खास्त करने की मांग की। एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने भी छात्रसंघ भवन पर आयोग अध्यक्ष का पुतला दहन किया। उन्होंने प्रदेश सरकार तथा आयोग के अफसरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। पुतला दहन करने वालों में जिलाध्यक्ष गौरव त्रिपाठी, राजीव यादव, अनुराग राय आदि शामिल रहे।