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Prayagraj News: रात में कटौती से जूझ रहे ग्रामीण, आठ घंटे भी नहीं मिल रही बिजली
Mon, 28 Apr 2025 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Mon, 28 Apr 2025 12:54 AM IST
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फूलपुर। भीषण गर्मी में बिजली ने भी दगा दे दिया है। यहां कटौती का आलम यह है कि बिजली कब आएगी और कब जाएगी, इसका कोई पता नहीं है। दिन में गर्मी और रात में मच्छरों के प्रकोप से ग्रामीण उपभोक्ता परेशान हैं। आरोप है कि समस्या के समाधान की बात तो दूर, बिजली विभाग के अधिकारी उपभोक्ताओं का फोन तक नहीं उठाते। इसे लेकर ग्रामीणों में विभाग के प्रति गहरी नाराजगी है।
फूलपुर के बरेस्ता- प्रतापपुर स्थित 33/11 विद्युत उपकेंद्र से बसना, सोरों और प्रतापपुर फीडर संचालित होते हैं। इन फीडरों से करूआड़ीह, पूरे ठकुराइन, उग्रसेनपुर, लोढीडीह, बसना, बसनेहटा, उदगी, भोगवारा समेत 120 गांवों में विद्युत आपूर्ति होती है। इसी प्रकार खंसार गांव में स्थापित विद्युत केंद्र के अंतर्गत आने वाले करीब 30 से अधिक गांव में आपूर्ति होती है। यही नहीं, फूलपुर विद्युत उपकेंद्र से ग्रामीण, कस्बा एवं इंडस्ट्रियल स्टेट इलाका सहित करीब 250 से अधिक गांव में विद्युत आपूर्ति की जाती है।
कस्बे में 22 घंटे एवं ग्रामीण इलाके में 18 घंटे निर्वाध रूप से विद्युत आपूर्ति का सरकारी दिशा निर्देश है, लेकिन बिजली कटौती का आलम यह है कि कभी भी 8 से 10 घंटे भी बिजली उपभोक्ताओं को नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां बिजली आने और जाने की कोई समय नहीं है। सरकारी आंकड़ों में रोस्टर जरूर निर्धारित कर दिया गया है।
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क्षेत्र के सराय हरीराम गांव के रहने वाले उपभोक्ता जितेंद्र कुमार, बसनेहटा गांव निवासी मनोज कुमार, राम निरंजन यादव, करूआड़ीह के रमेश कुमार, प्रतापपुर के डॉ. साधु चरण तिवारी, जमुआ के फूल चन्द्र, बसना गांव के जियाउद्दीन अहमद का कहना है कि बिजली कटौती के चलते रात में मच्छरों के प्रकोप से जहां ग्रामीणों को जूझना पड़ता है। आरोप है कि जेई विद्युत प्रतापपुर एवं खंसार कभी कभार ही उपकेंद्र पर पहुंचते हैं।
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फूलपुर के बरेस्ता- प्रतापपुर स्थित 33/11 विद्युत उपकेंद्र से बसना, सोरों और प्रतापपुर फीडर संचालित होते हैं। इन फीडरों से करूआड़ीह, पूरे ठकुराइन, उग्रसेनपुर, लोढीडीह, बसना, बसनेहटा, उदगी, भोगवारा समेत 120 गांवों में विद्युत आपूर्ति होती है। इसी प्रकार खंसार गांव में स्थापित विद्युत केंद्र के अंतर्गत आने वाले करीब 30 से अधिक गांव में आपूर्ति होती है। यही नहीं, फूलपुर विद्युत उपकेंद्र से ग्रामीण, कस्बा एवं इंडस्ट्रियल स्टेट इलाका सहित करीब 250 से अधिक गांव में विद्युत आपूर्ति की जाती है।
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कस्बे में 22 घंटे एवं ग्रामीण इलाके में 18 घंटे निर्वाध रूप से विद्युत आपूर्ति का सरकारी दिशा निर्देश है, लेकिन बिजली कटौती का आलम यह है कि कभी भी 8 से 10 घंटे भी बिजली उपभोक्ताओं को नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां बिजली आने और जाने की कोई समय नहीं है। सरकारी आंकड़ों में रोस्टर जरूर निर्धारित कर दिया गया है।
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क्षेत्र के सराय हरीराम गांव के रहने वाले उपभोक्ता जितेंद्र कुमार, बसनेहटा गांव निवासी मनोज कुमार, राम निरंजन यादव, करूआड़ीह के रमेश कुमार, प्रतापपुर के डॉ. साधु चरण तिवारी, जमुआ के फूल चन्द्र, बसना गांव के जियाउद्दीन अहमद का कहना है कि बिजली कटौती के चलते रात में मच्छरों के प्रकोप से जहां ग्रामीणों को जूझना पड़ता है। आरोप है कि जेई विद्युत प्रतापपुर एवं खंसार कभी कभार ही उपकेंद्र पर पहुंचते हैं।