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विजयादशमी उत्सव :  बिछड़े भू-भाग देश की सीमा से फिर जुड़ेंगे, होगा अखंड भारत का निर्माण - आरएसएस

Thu, 14 Oct 2021 08:52 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 14 Oct 2021 08:52 PM IST
सार

विजयदशमी उत्सव में सह शारीरिक शिक्षण प्रमुख ने भारतीयता संग आरएसएस के इतिहास पर डाला प्रकाश, कार्यकर्ताओं ने शारीरिक दक्षता का प्रदर्शन कर दिखाई ताकत, हिंदुत्व को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प।

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Vijayadashami festival: The separated land will be reunited with the country's border, will be the creation of a united India - RSS
Prayagraj News : विजयादशमी उत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद आरएसएस के पदाधिकारी। - फोटो : प्रयागराज

विस्तार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह शारीरिक शिक्षण प्रमुख जगदीश ने अखंड भारत के संकल्प को फिर दोहराया। संघ की स्थापना दिवस के रूप में एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज परिसर में बृहस्पतिवार को आयोजित विजयदशमी उत्सव में उन्होंने कहा, बिछड़े भूभाग देश की सीमाओं से फिर जुड़ेंगे।

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जगदीश ने कहा, श्रीराम मंदिर के निर्माण और धारा 370 समाप्त होने का भी किसी को विश्वास नहीं हो रहा था लेकिन आज यह संभव हो चुका है। देश की सेना तथा देशवासियों में पूर्ण विश्वास का उदय हुआ है। इसलिए एक बार फिर अखंड भारत का निर्माण होकर रहेगा। उन्होंने कहा कि आज हिंदुत्व का डंका पूरे विश्व में बज रहा है। हिंदुत्व से डरने वाले कुछ लोगों ने विश्व स्तर पर अमेरिका में एक ऑनलाइन सेमिनार आयोजित किया था लेकिन वहीं के लोगों ने इसका विरोध किया।

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Prayagraj News : एबीआईसी मैदान पर राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ की ओर से विजयदशमी उत्सव मनाया गया। - फोटो : प्रयागराज

उन्होंने संघ के विस्तार पर भी चर्चा की। कहा कि संघ आज दुनिया के 60 देशों में किसी न किसी रूप में अपने कार्य को संचालित कर रहा है। उन्होंने विजयदशमी के महत्व पर भी प्रकाश डाला। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने भी संघ के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का निर्माण चरित्रवान लोग करते हैं। संघ ऐसे ही लोगों का निर्माण कर रहा है। देश को आज पुष्ट शरीर, बुद्धि एवं निर्मल आत्मा वाले नागरिकों की जरूरत है।

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Prayagraj News : एबीआईसी मैदान पर राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ की ओर से विजयदशमी उत्सव मनाया गया। - फोटो : प्रयागराज
इससे पहले मुख्य शिक्षक अवधेश के निर्देशन में स्वयंसेवकों ने पद विन्यास, व्यायाम, योग, आसन दंड, सामूहिक समता आदि का प्रदर्शन किया। स्वयंसेवक पूरे गणवेश में थे और प्रदर्शन के दौरान माहौल रोमांच से भरा रहा। विभाग कार्यवाह संजीव ने अतिथियों का परिचय कराया। बौद्धिक प्रमुख विक्रम बहादुर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर सह विभाग संघचालक शिवकुमार, सह प्रांत प्रचारक मुनीष, विद्या भारती के संगठन मंत्री राम मनोहर, विभाग प्रचारक डॉ.पीयूष, प्रांत प्रचार प्रमुख डॉॅ. मुरारजी त्रिपाठी, नागेंद्र, डॉ.सत्यपाल, डॉ.संजय सिंह, बालमुकुंद आदि मौजूद रहे।

विजयदशमी के दिन नया शस्त्र खरीदें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह शारीरिक शिक्षण प्रमुख जगदीश ने विजयदशमी के दिन कम से कम एक  शस्त्र खरीदनें की परंपरा शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि परंपरागत रूप से विजयदशमी पर हिंदू समाज के लोग शस्त्र पूजन करते हैं। आज आवश्यकता है सभी लोग पुराने शस्त्रों की साफ सफाई करने के साथ इस पर्व पर एक नए शस्त्र को जरूर खरीदें। इस परंपरा को भूल गए हों तो दोबारा शुरू करें।
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