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वाइस प्रिंसिपल लेसिली कुटीनो बहाल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 03 Jul 2017 02:26 AM IST
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद सेंट जोसेफ कालेज प्रबंध समिति ने छात्र क्री आंख खराब करने के आरोपी वाइस प्रिंसिपल लेसिली कुटीनो को बहाल कर दिया है। सोमवार से शुरू होने वाले शिक्षा सत्र में कुटीनो वाइस प्रिंसिपल के जिम्मेदारी संभालेंगे। कालेज के पूर्व प्रिंसिपल एके एंटोनी की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने पिछले सप्ताह अपनी रिपोर्ट प्रबंध समित को सौंप दी थी। उसी के बाद यह फैसला लिया है।
जांच कमेटी ने प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल, छात्रों तथा अध्यापकों के बयान लिए थे। पंद्रह दिन पहले हाईकोर्ट ने भी छात्र की आंख खराब होने की घटना को हादसा माना है। पीड़ित छात्र की आंख के इलाज के लिए पर्याप्त धनराशि प्रदान करने के आदेश कालेज प्रबंधतंत्र को दिए थे। उसी के साथ-साथ पुलिस की विवेचना पर रोक लगा दी थी। जांच कमेटी ने हाईकोर्ट के इस अहम आदेश को ध्यान में रखते हुए प्रबंध समिति को रिपोर्ट सौंप दी थी। प्रबंध समिति के सदस्य फादर ईजी डोर ने बताया कि जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर प्रबंध समिति ने वाइस प्रिंसिपल को बहाल कर दिया है।
पीड़ित छात्र भी सोमवार को कालेज में पढ़ने के लिए पहुंचेगा। परिजनों का कहना है कि लखनऊ में छात्र की आंख का पहला आपरेशन हो गया है। अभी उसे धुंधला दिखाई देता है। 24 जून को पट्टी खोलने और आंख का परीक्षण करने के लिए बुलाया है। परिजन छात्र को चेन्नई के शंकर अस्पताल में परीक्षण के लिए ले जाने पर विचार कर रहे हैं।
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अधिकांश कालेजों ने स्कूल कालेज परिसर में शिक्षकों के छड़ी रखने पर रोक लगा दी है। कालेज प्रबंधन और प्रिंसिपल की ओर से आदेश जारी कर किए गए हैं कि वह छड़ी नहीं रखेंगे। यदि किसी शिक्षक के पास छड़ी पाई गई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश अधिकांश कान्वेंट और पब्लिक स्कूलों में जारी किए गए हैं। दो सप्ताह पहले हाईकोर्ट ने सेंट जोसेफ कालेज के प्रकरण में आदेश जारी किए थे कि स्कूल कालेज के शिक्षकों को छड़ी रखना ठीक नहीं है।
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जांच कमेटी ने प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल, छात्रों तथा अध्यापकों के बयान लिए थे। पंद्रह दिन पहले हाईकोर्ट ने भी छात्र की आंख खराब होने की घटना को हादसा माना है। पीड़ित छात्र की आंख के इलाज के लिए पर्याप्त धनराशि प्रदान करने के आदेश कालेज प्रबंधतंत्र को दिए थे। उसी के साथ-साथ पुलिस की विवेचना पर रोक लगा दी थी। जांच कमेटी ने हाईकोर्ट के इस अहम आदेश को ध्यान में रखते हुए प्रबंध समिति को रिपोर्ट सौंप दी थी। प्रबंध समिति के सदस्य फादर ईजी डोर ने बताया कि जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर प्रबंध समिति ने वाइस प्रिंसिपल को बहाल कर दिया है।
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पीड़ित छात्र भी सोमवार को कालेज में पढ़ने के लिए पहुंचेगा। परिजनों का कहना है कि लखनऊ में छात्र की आंख का पहला आपरेशन हो गया है। अभी उसे धुंधला दिखाई देता है। 24 जून को पट्टी खोलने और आंख का परीक्षण करने के लिए बुलाया है। परिजन छात्र को चेन्नई के शंकर अस्पताल में परीक्षण के लिए ले जाने पर विचार कर रहे हैं।
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अधिकांश कालेजों ने स्कूल कालेज परिसर में शिक्षकों के छड़ी रखने पर रोक लगा दी है। कालेज प्रबंधन और प्रिंसिपल की ओर से आदेश जारी कर किए गए हैं कि वह छड़ी नहीं रखेंगे। यदि किसी शिक्षक के पास छड़ी पाई गई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश अधिकांश कान्वेंट और पब्लिक स्कूलों में जारी किए गए हैं। दो सप्ताह पहले हाईकोर्ट ने सेंट जोसेफ कालेज के प्रकरण में आदेश जारी किए थे कि स्कूल कालेज के शिक्षकों को छड़ी रखना ठीक नहीं है।