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बच्चा पासी गिरोह के सदस्यों की संपत्तियों का भी सत्यापन
Mon, 10 Aug 2020 01:18 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 10 Aug 2020 01:18 AM IST
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Crime
- फोटो : Twitter
चिह्नित माफिया पर चल रही कार्रवाई के क्रम में पुलिस बच्चा पासी गिरोह के सदस्यों पर भी लगाम कसने जा रही है। इसके तहत गिरोह के सदस्य के तौर पर चिह्नित किए गए लोगों की संपत्तियों का सत्यापन भी कराए जाने की तैयारी है। पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने कैसे व किस माध्यम से संपत्ति खड़ी की। अनियमितता मिलने पर प्रशासन को जानकारी देकर उनकी जब्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी।
कानपुर के बिकरू कांड के बाद शासन ने प्रदेश भर में माफिया के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अन्य जिलों की तरह प्रयागराज में भी चिह्नित माफिया पर शिकंजा कसा गया। अतीक अहमद, दिलीप मिश्रा व राजेश यादव के साथ ही बच्चा पासी गिरोह पर भी कार्रवाई शुरू हुई। पुलिस ने डी 46 नाम से उसका गैंग पंजीकृत किया साथ ही गिरोह के सदस्यों के तौर पर इसमें 15 नाम भी शामिल किए।
इनमें से कई ऐसे भी हैं जिनका लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास तो नहीं है लेकिन उनके बारे में जानकारी मिली है कि वह पर्दे के पीछे रहकर गिरोह को मदद पहुंचाते हैं। इनमेें से कुछ ऐसे भी हैं, जो गिरोह की काली कमाई को अपने व्यापार के माध्यम से सफेद करने का काम करते हैं। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने गैंग लीडर बच्चा पासी के साथ ही इन सदस्यों की संपत्तियों का सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। जिसके तहत कइ बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है।
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मसलन संपत्ति कब और कैसे जुटाई गई, किसके नाम खरीदी गई, किससे खरीदी गई व संपत्ति को खरीदते वक्त संबंधित की आय व उसका स्रोत क्या था। अनयिमिता मिली तो प्रशासन को रिपोर्ट देकर जब्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। मामले में पुलिस अफसर कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं लेकिन उनका कहना है कि माफिया के मददगारों पर भी पुलिस की भी पूरी नजर है। उनकी हर गतिविधि की निगरानी की जा रही है।
सीओ वृजनारायण सिंह ने बताया कि गिरोह के सदस्यों के बारे में तमाम बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है। जिनमें से एक अर्जित संपत्ति का भी है। जमानत निरस्तीकरण व अन्य विधिक कार्रवाई भी की जा रही है।
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कानपुर के बिकरू कांड के बाद शासन ने प्रदेश भर में माफिया के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अन्य जिलों की तरह प्रयागराज में भी चिह्नित माफिया पर शिकंजा कसा गया। अतीक अहमद, दिलीप मिश्रा व राजेश यादव के साथ ही बच्चा पासी गिरोह पर भी कार्रवाई शुरू हुई। पुलिस ने डी 46 नाम से उसका गैंग पंजीकृत किया साथ ही गिरोह के सदस्यों के तौर पर इसमें 15 नाम भी शामिल किए।
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इनमें से कई ऐसे भी हैं जिनका लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास तो नहीं है लेकिन उनके बारे में जानकारी मिली है कि वह पर्दे के पीछे रहकर गिरोह को मदद पहुंचाते हैं। इनमेें से कुछ ऐसे भी हैं, जो गिरोह की काली कमाई को अपने व्यापार के माध्यम से सफेद करने का काम करते हैं। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने गैंग लीडर बच्चा पासी के साथ ही इन सदस्यों की संपत्तियों का सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। जिसके तहत कइ बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है।
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मसलन संपत्ति कब और कैसे जुटाई गई, किसके नाम खरीदी गई, किससे खरीदी गई व संपत्ति को खरीदते वक्त संबंधित की आय व उसका स्रोत क्या था। अनयिमिता मिली तो प्रशासन को रिपोर्ट देकर जब्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। मामले में पुलिस अफसर कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं लेकिन उनका कहना है कि माफिया के मददगारों पर भी पुलिस की भी पूरी नजर है। उनकी हर गतिविधि की निगरानी की जा रही है।
सीओ वृजनारायण सिंह ने बताया कि गिरोह के सदस्यों के बारे में तमाम बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है। जिनमें से एक अर्जित संपत्ति का भी है। जमानत निरस्तीकरण व अन्य विधिक कार्रवाई भी की जा रही है।