verdict : 16 साल पहले काशी में हुए बम धमाके में वलीउल्लाह दोषी करार, सोमवार को सुनाई जाएगी सजा
सात मार्च 2006 को वाराणसी के संकट मोचन मंदिर में शाम के समय दर्शन पूजन चल रहा था। मंदिर के पास में एक वैवाहिक कार्यक्रम चल रहा था। तभी वैवाहिक स्थल के पास से एक तेज धमाके की आवाज आई।
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वाराणसी बम धमाके में 16 साल बाद अदालत ने वली उल्लाह को दोषी माना है। सजा पर फैसला सोमवार को होगा। दोषी वली उल्लाह डासना जेल में बंद है। जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा ने बताया कि दोपहर 3:30 बजे जितेंद्र सिन्हा ने दोषी करार दिया आरोपी वलीउल्लाह प्रयागराज में फूलपुर इलाके का रहने वाला है।
सात मार्च 2006 की घटना
सात मार्च 2006 को वाराणसी के संकट मोचन मंदिर में शाम के समय दर्शन पूजन चल रहा था। मंदिर के पास में एक वैवाहिक कार्यक्रम चल रहा था। तभी वैवाहिक स्थल के पास से एक तेज धमाके की आवाज आयी । इस धमाके में कई लोगों की मौत हो गई जबकि 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे। ब्लास्ट की गूंज इतनी तेज थी कि आधा शहर किसी बड़ी घटना से सहम उठा। ठीक उसी वक्त एक और धमाका कैंट रेलवे स्टेशन के पर्यटक रूम के बगल हुआ था।
27 लोगों की मौत, दो कुकर बम बरामद
धमाका इतना शक्तिशाली था कि जमीन में दो फिट के गड्ढे बन गए थे।. संकट मोचन और कैंट रेलवे स्टेशन के सीरियल ब्लास्ट में 27 लोगों की मौत हुई थी। हादसे में 160 के ऊपर लोग घायल हो गए थे।. इस दौरान वाराणसी के गोदलिया दूध मंडी के पास दो कुकर बम बलास्ट होने से पहले बरामद हुए थे। बरामद कुकर बम को बम स्काइव्ड ने ब्लास्ट होने से पहले डिफ्यूज कर दिया था।
फूलपुर का रहने वाला दोषी वलीउल्लाह
इस मामले में सीबीसीआईडी ने कुछ दिन बाद इलाहाबाद के फूलपुर निवासी वलीउल्लाह को गिरफ्तार किया था। इसमें अन्य आरोपियों में शामिल कुछ और नाम भी सामने आये थे, इनमें मुस्तकीम, जकारिया और चंदौली के लौंदा झांसी गांव का शमीम भी शामिल था। मगर वलीउल्लाह के अलावा एजेंसियों के हाथ दूसरा कोई आरोपी नहीं आया।
गाजियाबाद जेल में बंद है वलीउल्लाह
वलीउल्लाह इस समय गाजियाबाद जेल में है। वाराणसी और इलाहाबाद में वकीलों द्वारा मुकदमा न लड़ने के कारण विस्फोट से संबंधित वलीउल्लाह का केस गाजियाबाद ट्रांसफर हुआ था।