अतीक अहमद : नैनी जेल पहुंचते ही गायब हो गईं काफिले के पीछे लगीं गाड़ियां, रास्ते भर साथ चलते रहे सैकड़ों वाहन
गुजरात के साबरमती जेल से प्रयागराज के 1300 किलोमीटर के सफर को भले ही पुलिस टीम ने 24 घंटे में पूरा कर लिया, लेकिन इस दौरान पुलिस टीम के पीछे कई गाड़ियों को काफिला लगा रहा।
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गुजरात के साबरमती जेल से प्रयागराज के 1300 किलोमीटर के सफर को भले ही पुलिस टीम ने 24 घंटे में पूरा कर लिया, लेकिन इस दौरान पुलिस टीम के पीछे कई गाड़ियों को काफिला लगा रहा। रास्ते में कहीं कोई अप्रिय घटना न हो जाए इसे लेकर गाड़ियों को काफिला पूरे रास्ते पीछे-पीछे लगा रहा। केंद्रीय कारागार नैनी पहुंचते ही गाड़ियों को काफिला कहीं गायब हो गया। कुछ गाड़िया तो जेल से कुछ दूर खड़ी रहीं और उसमें मौजूद लोग जेल के माहौल को लेते रहे तो कुछ गाड़ियां अतीक के नैनी जेल पहुंचते ही वहां से चली गईं।
यूपी बार्डर में प्रवेश करते ही अतीक को ला रही पुलिस टीम की गाड़ियों के पीछे दर्जनों की संख्या में उसके समर्थक, परिजन, अधिवक्ता के साथ मीडिया कर्मियों की गाड़ियां लगी रहीं। इन गाड़ियों का काफिला नए यमुनापुल चौराहे तक साथ रहा। इसके बाद साथ चल रहीं गाड़ियां एक-एक करके साथ छोड़ने लगीं। मिर्जापुर मार्ग स्थित जेल गेट पर पुलिस की दो कार के पीछे दो वैन में जिसमें अतीक व सुरक्षा कर्मी मौजूद थे वही प्रवेश की।
साथ चल रहीं गाड़िया कुछ तो खरकौनी की ओर धूम गईं और कुछ आगे बढ़कर लौट गईं, लेकिन अतीक के जेल पहुंचने के बाद भी कई गाड़ियां जेल से दूर खड़ी रहीं और उसमें मौजूद लोग जेल के माहौल व पुलिस की सक्रियता को देखते रहे। जसरा रेलवे क्रासिंग पर माफिया अतीक के गुजरने के दौरान उसके पीछे सैकड़ों गाड़ियों को काफिला भी लगा रहा। इसके कारण जसरा रेलवे क्रासिंग पंद्रह मिनट तक इन गाड़ियों के गुजरने के कारण बंद नहीं हो सकी।