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कैंपस में आने से बचते रहे कुलपति

Sun, 12 Feb 2017 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 12 Feb 2017 01:58 AM IST
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VC avoided coming to campus
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शनिवार को आयोजित भारतीय विज्ञान कांग्रेस के सेमिनार में कुलपति के आने की संभावना को देखते हुए छात्रों ने पूरी घेराबंदी की मगर कुलपति कैंपस नहीं आए। परिसर में यह चर्चा रही कि कुलपति शहर में होने के बाद भी विवाद से बचने के लिए कैंपस नहीं आए। छात्रों ने अब कुलपति को घेरने की खातिर सोमवार के लिए पूरी तैयारी कर रखी है।
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इविवि में पिछले वर्ष बॉटनी डिपार्टमेंट में आयोजित समारोह में कुलपति के विरोध के कार्यक्रम की पुनरावृत्ति न हो इस बात को ध्यान में रखकर विवि के शिक्षक एवं अधिकारी भी चाह रहे थे कि कुलपति भारतीय विज्ञान कांग्रेस के कार्यक्रम में न पहुंचे तो बेहतर होगा। छात्रों के विरोध की आशंका को देखते हुए कुलपति कार्यक्रम की अध्यक्षता करने नहीं पहुंचे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यवाहक कुलपति प्रो. केएस मिश्रा ने की।
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दोपहर बाद छात्रों को पता चला कि कुलपति अर्थशास्त्र विभाग में एक कार्यक्रम में आने वाले हैं, इस बात की जानकारी जैसे ही छात्रों को मिली वे विभाग पहुंचकर शिक्षकों से जानकारी लेने लगे। छात्रों ने धमकी दी कि कुलपति को किसी कार्यक्रम में बुलाया गया तो विभाग के लिए सही नहीं होगा। विवि के अधिकारी कुलपति के बारे में सुरक्षा कारणों से कुछ भी बोलने से बचते रहे। छात्रों का कहना था कि कुलपति का हर हाल में विरोध होगा।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने कुलपति को हटाने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया है। शनिवार को छात्रसंघ भवन पर रणनीतिक बैठक में छात्रसंघ पदाधिकारियों एवं विभिन्न संगठनों से जुड़े छात्रों ने कुलपति भगाओ-विश्वविद्यालय बचाओ के संकल्प के साथ नया नारा दिया। छात्रों ने कुलपति का पुतला फूंकने के साथ ही अर्द्घ नग्न होकर प्रदर्शन किया। इस बीच छात्रों का क्रमिक अनशन भी जारी रहा।

छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने कहा कि अब कुलपति को इविवि में कदम नहीं रखने दिया जाएगा। छात्रसंघ उपाध्यक्ष आदिल हमजा ने कहा कि अब किसी जाबिर को कुर्बान नहीं होने दिया जाएगा। छात्र हित केसभी मुद्दों पर अब हम आर-पार की लड़ाई लड़ने का काम करेंगे। छात्रों ने कहा है कि इविवि के कुलपति प्रो.आरएल हांगलू ही नहीं चीफ प्रॉक्टर प्रो. हर्ष कुमार, मुख्य सलाहकार प्रो. माता अम्बर तिवारी को हटाने के बाद ही आंदोलन खत्म होगा।

छात्रों ने विवि प्रशासन की मनमानी के खिलाफ छात्रावासों में कैंपेन चलाने का फैसला किया। शनिवार शाम से गर्ल्स हॉस्टल समेत सभी छात्रावासों में संपर्क अभियान शुरू हो गया। छात्रों ने रविवार को 11 बजे छात्रसंघ भवन पर एक बैठक बुलाई है। इसके बाद डेलीगेसी में माइक मीटिंग के जरिए छात्रों एवं शहर के प्रबुद्घ जनों का सहयोग मांगा जाएगा। छात्रों ने कहा कि माइक मीटिंग के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी जाएगी। सर्वदलीय बैठक में अनुभव उपाध्याय, सूर्य प्रकाश मिश्र, विजय द्विवेदी, विकास स्वरूप, भीम चंदेल, विक्रांत सिंह, आनंद सिंह निक्कू, रजनीश रिशु, अवनीश राय मानस सहित बड़ी संख्या में छात्र शामिल रहे।

 इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों की समस्याओं और कैंपस में लोकतंत्र के सवाल पर आंदोलन कर रहे फोरम फॉर डेमोक्रेसी ने निरंकुश फासीवादी ताकतों से लड़ने का संकल्प व्यक्त किया गया। छात्रों ने जाबिर को न्याय दिलाने और पुलिस की ओर से कार्यकर्ताओं पर फर्जी एफआईआर दर्ज करने की निंदा की। छात्रों ने छोटा बघाड़ा, अल्लापुर, दारागंज सहित कई इलाकों में पुलिसिया दमन के खिलाफ अभियान चलाया।


दिशा छात्र संगठन के प्रसेन ने कहा कि इविवि प्रशासन और पुलिस प्रशासन मिलकर छात्रों का दमन कर रहा है। छात्रों ने लाठीचार्ज कराने और जाबिर को आत्मदाह करने पर मजबूर करने के लिए प्रॉक्टर एवं डीएसडब्ल्यू को जिम्मेदार ठहराया। छात्रों ने कहा कि डीएसडब्ल्यू, रजिस्ट्रार, प्राक्टर को बर्खास्त करने तक आंदोलन जारी रहेगा। सभा में आइसा के शक्ति, जनवादी छात्रसभा के सुनील यादव, इंकलाबी छात्र मोर्चा के सुजीत, दिनेश चौधरी, दीपांकर, विवेक सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
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