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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Varanasi Central Jail Superintendent should reply within two weeks or appear in the court, High Court orders

High Court : वाराणसी के सेंट्रल जेल अधीक्षक दो हफ्ते में जवाब दें या कोर्ट में हाजिर हों, हाईकोर्ट का आदेश

Fri, 30 Aug 2024 01:25 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 30 Aug 2024 01:25 PM IST
सार

वकील आदर्श शुक्ल व राजीव शुक्ल ने दलील दी कि याची 22 साल से जेल में बंद हैं। जेल नियमों व सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के आधार पर उनकी रिहाई की जानी चाहिए। इसके बाद भी जेल प्रशासन ने अभी तक सरकार को कोई संस्तुति नहीं भेजी है।

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विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि वाराणसी के सेंट्रल जेल अधीक्षक दो सप्ताह में जवाब दें या कोर्ट में हाजिर हों। कोर्ट ने यह आदेश 22 साल से उम्रकैद की सजा काट रहे दो भाइयों की रिहाई की संस्तुति भेजने की मांग में दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया है। न्यायमूर्ति एके सांगवान, न्यायमूर्ति एमएएच इदरीसी की खंडपीठ ने शालू उर्फ मंजीत पांडेय व लिटिल पांडेय की याचिका पर सुनवाई की।

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वकील आदर्श शुक्ल व राजीव शुक्ल ने दलील दी कि याची 22 साल से जेल में बंद हैं। जेल नियमों व सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के आधार पर उनकी रिहाई की जानी चाहिए। इसके बाद भी जेल प्रशासन ने अभी तक सरकार को कोई संस्तुति नहीं भेजी है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार व जेल अधीक्षक से इस संबंध में जवाब मांगा था, लेकिन जवाब दाखिल नहीं किया गया।
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वहीं, सरकारी वकील ने एक बार फिर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। इस पर कोर्ट ने दो सप्ताह का समय देते हुए कहा कि जवाब न देने पर 12 सितंबर को जेल अधीक्षक कोर्ट में हाजिर होंगे।

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जेल वार्डरों को भोजन भत्ता न देने पर हाईकोर्ट ने सचिव व जेल प्रशासन से मांगा जवाब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सचिव व डीजीपी/आईजी जेल प्रशासन एवं रिफॉर्म उप्र.लखनऊ से जेल वार्डरों को भोजन भत्ता का भुगतान नहीं करने पर तीन हफ्ते में जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने यशदीप व अन्य की याचिका पर दिया है।

लखनऊ में याची वार्डर के पद पर कार्यरत हैं। भोजन भत्ता देने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की। याची वकील जयशंकर मिश्र व शरदेंदु मिश्र ने दलील दी कि सरकार पुलिस विभाग को खाद्य भत्ता दे रही है। इसके बाद भी जेल कर्मचारियों को भोजन भत्ता नहीं दिया जा रहा है। इस संबंध में अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद यह याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने निबंधक अनुपालन को सीजेएम लखनऊ के माध्यम से आदेश की प्रति दोनों अधिकारियों को प्रेषित करने का निर्देश दिया है। याचिका पर अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी।

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