Usman Encounter : मुझसे ही मेरे पति को बुलवाया गया, पुलिस ले गई और मार दिया
विजय चौधरी उर्फ उस्मान की पत्नी सुहानी ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने रविवार शाम सात बजे उसी से पति को बुलवाया। पुलिस पर विश्वास न होते हुए भी उसने विजय को बुला लिया। जिसका डर था, वही हुआ। पुलिस ने विजय को मार दिया।
विस्तार
विजय चौधरी उर्फ उस्मान की पत्नी सुहानी ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने रविवार शाम सात बजे उसी से पति को बुलवाया। पुलिस पर विश्वास न होते हुए भी उसने विजय को बुला लिया। जिसका डर था, वही हुआ। पुलिस ने विजय को मार दिया।
विजय की पत्नी सुहानी का कहना था कि विजय उसके साथ 24 फरवरी को भी था। कुछ देर के लिए वह बाहर गया था लेकिन वापस आ गया। वह 26 फरवरी को सतना गया था। वहां से दो मार्च को वापस आ गया। सुहानी का दावा था कि रविवार को शाम को सात बजे पुलिस अपने साथ विजय को ले गई। पुलिस पहले घर पहुंची थी। उसने विजय को बुलाने को कहा।
वादा किया कि विजय को कुछ नहीं किया जाएगा। पुलिस पर विश्वास नहीं था लेकिन वह बातों में आ गईं और उसने खुद ही विजय को बुलाया था। पुलिस ले गई और विजय वापस नहीं लौटा। इसके बाद पुलिस सबको पकड़ थाने लगे गई। सुबह पता चला कि उसे एनकाउंटर में मार दिया गया। उसने यह भी कहा कि विजय का नाम उस्मान नहीं था।
दो साल पहले विजय और सुहानी ने की थी लव मैरिज, भाई ने दर्ज कराया अपहरण का मुकदमा
भगोकर गांव के रहने वाले विजय चौधरी और सुहानी पांडेय पिछले कई सालों से एक दूसरे को पंसद करते थे लेकिन बिरादरी अलग होने के कारण घर वाले उनकी शादी में रोड़ा बने थे। दो साल पहले दोनों भाग निकले। इसके बाद सुहानी के भाई ने विजय पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। बाद में सुहानी वापस चली गई।
इसके बाद फिर वह विजय के साथ चली गई। इसके बाद उसके मायके वालों ने उससे संबंध खत्म कर लिए। दोनों ने शादी कर ली और गांव में न रहकर घूरपुर में रहने लगे। जब स्थिति सामान्य हुई तो वे वापस गांव आ गए थे। विजय सीमेंट एजेंसी में गाड़ी चलाता था। उसने घर के किसी सदस्य से अतीक गिरोह में शामिल होने की बात नहीं बताई थी।