यूपीटीईटी : कोरोना का खौफ दरकिनार, टीईटी में 18 लाख अभ्यर्थी शामिल, पहली पाली में 83 और दूसरी पाली में 86 फीसदी रही उपस्थिति
पिछली बार पेपर आउट होने के कारण परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। अफसरों के सामने पुनर्परीक्षा का शुचिता को बनाए रखने के साथ कोविड प्रोटोकाल को पालन कराना भी किसी चुनौती से कम नहीं था।
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तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के खौफ को दरकिनार करते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2021 में रविवार को 18 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। परीक्षा के सफल आयोजन के बाद परीक्षा नियामक प्रधिकारी कार्यालय और शासन के अफसरों ने राहत की सांस ली। इस बार परीक्षा के आयोजन को लेकर दोहरी चुनौती थी।
पिछली बार पेपर आउट होने के कारण परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। अफसरों के सामने पुनर्परीक्षा का शुचिता को बनाए रखने के साथ कोविड प्रोटोकाल को पालन कराना भी किसी चुनौती से कम नहीं था।
शिक्षक पात्रता परीक्षा दो पालियों में सुबह 10 से अपराह्न 12.30 बजे और अपराह्न 2.30 से शाम पांच बजे तक प्रदेश के 4265 केंद्रों में आयोजित की गई। दोनों पालियों की परीक्षा के लिए कुल 2165179 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 1822112 परीक्षार्थियों (84.15 फीसदी) ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
पहली पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 2532 केंद्र बनाए गए थे। प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए पंजीकृत 1291627 अभ्यर्थियों में से 1073302 अभ्यर्थी (83.09 फीसदी) परीक्षा में शामिल हुए। वहीं, दूसरी पाली में हुई उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए पंजीकृत 873552 अभ्यर्थियों में से 748810 परीक्षार्थियों (85.72 फीसदी) ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
परीक्षा के लिए प्रदेश भर के केंद्रों में 162511 कक्ष निरीक्षक, 8530 पर्यवेक्षक, 1423 सचल दल और सहयोग के लिए 5814 तृतीय श्रेणी एवं 14059 चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
पेपर में दोहराव, ज्यादातर सवाल पुराने
यूपीटीईटी-2021 के पेपर में ज्यादातर सवाल पूर्व में आयोजित परीक्षाओं में भी पूछे जा चुके हैं। हालांकि सवाल चुनिंदा और स्तरीय थे, लेकिन अभ्यर्थियों का मानना है कि जिसने भी पुराने पेपर ठीक से पढ़े होंगे, उसके लिए पेपर आसान था। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा निरस्त होने के बाद जल्दबाजी में कराई गई पुनर्परीक्षा के कारण पेपर सेटिंग के लिए वक्त कम बचा होगा, इसी वजह से पेपर में दोहराव नजर आ रहा है।
नैनी स्थित बाल शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज केंद्र में प्राथमिक स्तर की परीक्षा देने आईं आरजू खान ने बताया कि शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रश्नपत्र को पिछले तीन वर्षों के प्रश्नपत्रों को दोहराव कहना उचित रहेगा।
आर्य कन्या इंटर कॉलेज केंद्र मं परीक्षा देने पहुंचे आनंद कुमार मिश्र का कहना है कि टीईटी-2016, 2017 एवं 2018 में पूछे गए ज्यादातर सवाल टीईटी-2021 में भी पूछे गए हैं। अभ्यर्थियों ने बताया कि पर्यावरण से जुड़े कई प्रश्न टीईटी-2017 के पेपर से पूछे गए थे। इसी तरह बाल विकास के प्रश्न टीईटी-2016 और गणित के कुछ सवाल टीईटी-2017 के पेपर से आए थे। बाल विकास के ज्यादातर प्रश्न टीईटी-2016 से लिए गए थे।
तीन जिलों में पकड़े गए ‘मुन्नाभाई’
यूपीटीईटी के दौरान तीन जिलों प्रयागराज, प्रतापगढ़ और जौनपुर में ‘मुन्नाभाई’ पकड़े गए, जो दूसरे की जगह परीक्षा दे रहे थे। प्रतापगढ़ में पकड़ा गया ‘मुन्नभाई’ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ दूसरे की जगह परीक्षा देने पकड़ा गया, जिसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
प्रयागराज में साल्वर विजय बहादुर को गिरफ्तार किया गया। वहीं, जौनपुर में दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ी गई महिला अभ्यर्थी अन्नू कुमारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। सिद्धार्थनगर और चंदौली में दो-दो अभ्यर्थी अपने साथ उत्तर पत्रक की दोनों कार्बन कॉपी अपने साथ ले गए।
पेपर लीक की अफवाह से मचा हड़कंप
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा शुरू होने से कुछ देर पहले सोशल मीडिया पर कई जनपदों में पेपर लीक होने की पोस्ट वायरल कर दी गई। इससे हड़कंप मच गया। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी ने तत्काल इसकी जांच शुरू कराई।
वायर पोस्ट पर लिखे प्रश्नों का मिलान मूल प्रश्न पुस्तिका के सवालों से कराए जाने पर वायरल पोस्ट पूरी तरह से गलत एवं भ्रामक पाई गई। सचिव के अनुसार इस मामले में पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
परीक्षा केंद्रों, बसों में सोशल डिस्टेंसिंग ध्वस्त
तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के बीच परीक्षा केंद्रों और रोडवेज की बसों में सोशल डिस्टेंसिंग पूरी तरह से ध्वस्त दिखी। वैसे तो कोरोना से बचाव के लिए डेढ़ घंटे पहले परीक्षा केंद्रों के दरवाजे खोलने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कुछ केंद्रों के दरवाजे एक घंटा पहले खुले। अभ्यर्थी भी काफी पहले ही केंद्रों पर पहुंच गए थे, सो केंद्रों के बाहर काफी भीड़ इकट्ठा रही।
कई परीक्षा केंद्र शहर की संकरी गलियों में स्थित हैं। ऐसे में वहां भीड़ कुछ अधिक दिखी। परीक्षा केंद्र के बाहर ज्यादातर लोग बिना मास्क के नजर आए। वहीं, रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलने के कारण बसों में भी परीक्षार्थियों की अतिरिक्त भीड़ थी। कुछ बसों में तो चढ़ने के लिए परीक्षार्थी धक्कामुक्की करते भी नजर आए।