यूपीटीईटी 2021 : उत्तरमाला जारी, एक फरवरी तक ली जाएंगी ऑनलाइन आपत्तियां
सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी के मुताबिक जारी उत्तर माला पर आपत्ति के लिए अभ्यर्थियों को प्रति प्रश्न के लिए पांच सौ रुपये शुल्क ऑनलाइन माध्यम से देना होगा।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2021 की उत्तर माला बृहस्पतिवार को सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से जारी कर दी गई है। अभ्यर्थी वेबसाइट- http//updeled.gov.in पर जाकर उत्तरमाला देख सकते हैं। शुक्रवार दोपहर बाद से अभ्यर्थी ऑनलाइन माध्यम से उत्तरकुंजी के प्रश्नों पर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। आपत्ति एक फरवरी तक ही सिर्फ ऑनलाइन माध्यम से ली जाएगी।
सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी के मुताबिक जारी उत्तर माला पर आपत्ति के लिए अभ्यर्थियों को प्रति प्रश्न के लिए पांच सौ रुपये शुल्क ऑनलाइन माध्यम से देना होगा। शुल्क जमा न करने पर आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। अभ्यर्थी की आपत्ति विषय विशेषज्ञों की ओर से सही पाए जाने पर भुगतान किया गया शुल्क परीक्षा फल घोषित होने के बाद ऑनलाइन खाते में वापस कर दिया जाएगा।
आपत्ति सही न पाए जाने पर शुल्क वापस नहीं होगा। अभ्यर्थियों की ओर से दर्ज कराई आपत्तियों पर विषय विशेषज्ञों से जांच कराकर अंतिम उत्तरमाला जारी होगी। अंतिम उत्तर माला पर किसी प्रकार की आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। ऑनलाइन आपत्ति के समय अभ्यर्थियों को साक्ष्य/ अभिलेख वेबसाइट पर अपलोड नहीं करना है।
आपत्ति के साक्ष्य के रूप में अभ्यर्थियों को सिर्फ किताब का नाम, पृष्ठ संख्या, प्रश्न के सामने रिमार्क विकल्प पर अंकित कर सकते हैं। नियत तिथि एक फरवरी के बाद किसी प्रकार की आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। ऑनलाइन माध्यम के अलावा दूसरों माध्यम से की जाने वाली आपत्तियों पर भी विचार नहीं होगा।
उत्तर कुंजी में भी नहीं सुधारी गई पिछली गलतियां
अभ्यर्थियों का आरोप है कि सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से 2017 का लगभग 70 प्रतिशत प्रश्न रिपीट किया गया था। वहीं उत्तरकुंजी में भी वही गलती दोहराई गई है, जो 2017 में जारी उत्तरकुंजी के प्रश्नों पर थी।
अभ्यर्थी पंकज मिश्र का कहना है कि 2017 प्राथमिक स्तर की परीक्षा में पूछे गए प्रश्न आंख की किरकिरी होने का अर्थ- में एक विकल्प सही दिया गया है। जबकि इसके दो विकल्प सही हैं। पहला अप्रिय लगना और दूसरा कष्टदायक होना। जबकि पीएनपी ने एक ही को सही माना है। 2017 में भी इस प्रश्न पर विवाद हुआ था।
बाद में कोर्ट ने दोनों विकल्प सही माना था। इसके अलावा भी अभ्यर्थियों ने मानसिक उद्वेलन प्रतिमान का प्रयोग निमभन में से किसके शिक्षण हेतु किया जाता है, अधिगम हेतु निमभन में क्या सर्वाधिक आवश्यक है आदि प्रश्नों के उत्तर पर आपत्ति की है।