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मॉडल पेपर जारी न करने से संदेह के घेरे में यूपीपीएससी
Sat, 01 Jun 2019 01:17 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 01 Jun 2019 01:17 AM IST
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- फोटो : प्रयागराज
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अभ्यर्थी लगातार मांग कर रहे कि पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा का मॉडल पेपर जारी किया जाएगा लेकिन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) इससे कतराता रहा और अफसरों ने अभ्यर्थियों की मांग पूरी तरह से अनसुनी कर दी। अब परीक्षा स्थगित होने और पीसीएस मेंस का पेपर आउट होने के बाद अभ्यर्थी इस मुद्दे पर आयोग पर तमाम तरह के आरोप लगा रहे हैं।
पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा पहली बार नए पैटर्न पर आयोजित होने जा रही है। अभ्यर्थी संघ लोक सेवा आयोग का हवाला देकर यूपीपीएससी के अफसरों से लगातार मांग कर रहे थे कि पैर्टन बदलने पर मॉडल पेपर जारी किया जाए लेकिन आयोग ने मॉडल पेपर जारी नहीं किया और 17 से 21 जून तक मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के मुख्य आरोपी के बाद पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा का पेपर मिलने के बाद अभ्यर्थी अब आरोप लगा रहे हैं कि आयोग ने जानबूझकर मॉडल पेपर जारी किया ताकि अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा के पेपर का महत्व और बढ़ जाए। इन परिस्थितियों में अगर प्रिंटर की ओर से पेपर आउट किया जाता तो उसकी कीमत काफी अधिक होती और इससे करोड़ों रुपये की कमाई हो जाती।
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पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा पहली बार नए पैटर्न पर आयोजित होने जा रही है। अभ्यर्थी संघ लोक सेवा आयोग का हवाला देकर यूपीपीएससी के अफसरों से लगातार मांग कर रहे थे कि पैर्टन बदलने पर मॉडल पेपर जारी किया जाए लेकिन आयोग ने मॉडल पेपर जारी नहीं किया और 17 से 21 जून तक मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के मुख्य आरोपी के बाद पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा का पेपर मिलने के बाद अभ्यर्थी अब आरोप लगा रहे हैं कि आयोग ने जानबूझकर मॉडल पेपर जारी किया ताकि अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा के पेपर का महत्व और बढ़ जाए। इन परिस्थितियों में अगर प्रिंटर की ओर से पेपर आउट किया जाता तो उसकी कीमत काफी अधिक होती और इससे करोड़ों रुपये की कमाई हो जाती।
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