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प्रयागराज नगर निगम में हंगामा, मारपीट, पार्षद समेत तीन हिरासत में
Fri, 12 Feb 2021 08:49 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 12 Feb 2021 08:49 PM IST
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prayagraj news : नगर निगम
- फोटो : prayagraj
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नगर निगम कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान शुक्रवार को जमकर हंगामा हो गया। भाजपा से बगावत कर नामांकन करने जा रहे कार्यकारिणी सदस्य दीपू जायसवाल को लोगों के नगर आयुक्त कक्ष के सामाने घेर कर उनके साथ मारपीट की गई। नामांकन के दौरान हुई मारपीट और प्रत्याशी को रोके जाने के कारण विधिक राय लेकर महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने उपाध्यक्ष चुनाव निरस्त करने की घोषणा कर दी। एक पार्षद समेत तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। एफआईआर न होने के कारण उन्हें दो घंटे बाद छोड़ दिया गया। बाद में महापौर कार्यालय में हुई बैठक के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
नगर निगम में कार्यकारिणी उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा के अखिलेश सिंह ने नामांकन किया। इसके लिए 11 से 11.45 तक का समय निश्चित था। करीब 11.42 बजे हो हल्ला मचा। कुछ ही सेकेंड में पार्षद और कार्यकारिणी सदस्य दिलीप जायसवाल दीपू कार्यकारिणी कक्ष में बदहवास पहुंचे। प्रत्यक्ष दर्शियों ने बताया कि मारपीट करने वालों ने धक्का देकर वहां भेजा था। थोड़ी देर बाद खुद को संयत कर दीपू ने बताया कि वह नामांकन करने आ रहे थे। नगर आयुक्त कक्ष के सामने लोगों ने उन्हें रोककर नामांकन न करने को कहा।। मना करने पर लोग मारपीट करने लगे।
कार्यकारिणी उपाध्यक्ष के चुनाव में पहली बार हुई इस तरह की घटना से कार्यकारिणी सदस्य ही नहीं पार्षद भी हैरत में थे। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने बताया कि विधिक राय लेने और चुनाव अधिकारी अपर नगर आयुक्त मुशीर अहमद और सचिव परिषद पीके मिश्रा से वार्ता के बाद उपाध्यक्ष चुनाव स्थगित किया गया। इससे पहले उन्होंने इस बात की घोषणा कर दी थी सिर्फ अखिलेश सिंह ने ही पर्चा भरा है। इसी समय वहां पहुंचे दिलीप जायसवाल ने लिखकर दिया था कि वह नामांकन करने आ रहे थे। तभी परिस्थितियां बदल गईं।
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मारपीट और चुनाव स्थगन के बाद कार्यकारिणी सदस्यों के साथ महापौर अभिलाषा गुप्ता ने बैठक की। इस बीच वहां भाजपा महानगर अध्यक्ष गणेश केससवानी भी पहुंचे। भाजपा प्रवक्ता पवन श्रीवास्तव आदि के साथ बैठक में तीखी बहस हुई। आरोप लगाया कि दीपू ने मंत्री गालियां दीं, जबकि दीपू ने इससे इनकार किया। दो घंटे की बैठक के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। इसलिए मारपीट करने वालों के खिलाफ एफआईआर नहीं हो सकी। पुलिस ने भी पार्षद सहित जिन दो लोगों को पकड़ा था उन्हें छोड़ दिया।
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नगर निगम में कार्यकारिणी उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा के अखिलेश सिंह ने नामांकन किया। इसके लिए 11 से 11.45 तक का समय निश्चित था। करीब 11.42 बजे हो हल्ला मचा। कुछ ही सेकेंड में पार्षद और कार्यकारिणी सदस्य दिलीप जायसवाल दीपू कार्यकारिणी कक्ष में बदहवास पहुंचे। प्रत्यक्ष दर्शियों ने बताया कि मारपीट करने वालों ने धक्का देकर वहां भेजा था। थोड़ी देर बाद खुद को संयत कर दीपू ने बताया कि वह नामांकन करने आ रहे थे। नगर आयुक्त कक्ष के सामने लोगों ने उन्हें रोककर नामांकन न करने को कहा।। मना करने पर लोग मारपीट करने लगे।
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कार्यकारिणी उपाध्यक्ष के चुनाव में पहली बार हुई इस तरह की घटना से कार्यकारिणी सदस्य ही नहीं पार्षद भी हैरत में थे। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने बताया कि विधिक राय लेने और चुनाव अधिकारी अपर नगर आयुक्त मुशीर अहमद और सचिव परिषद पीके मिश्रा से वार्ता के बाद उपाध्यक्ष चुनाव स्थगित किया गया। इससे पहले उन्होंने इस बात की घोषणा कर दी थी सिर्फ अखिलेश सिंह ने ही पर्चा भरा है। इसी समय वहां पहुंचे दिलीप जायसवाल ने लिखकर दिया था कि वह नामांकन करने आ रहे थे। तभी परिस्थितियां बदल गईं।
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कार्यकारिणी सदस्यों में एका नहीं, सचेतक समेत तीन का त्यागपत्र
नगर निगम में उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान हुई मारपीट को शर्मनाक बताते हुए कार्यकारिणी सदस्य भाजपा पार्षद कमलेश तिवारी और रोहित मालवीय ने महापौर को त्यागपत्र दिया। वह सदन में भाजपा की सचेतक किरन जायसवाल ने भी इस्तीफा दे दिया। महापौर अभिलाषा गुप्ता ने बताया कि इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है।मिनी सदन के सबसे बड़े दल भाजपा में फूट, बाद में हुआ समझौता
भाजपा की ओर से काफी जद्दोजहद के बाद दो दिन पहले पार्षद अखिलेश सिंह को उपाध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी घोषित किया था। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अखिलेश सिंह मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के करीबी माने जाते हैं। वहीं दिलीप जायसवाल दीपू को मंत्री नंद गोपाल नंदी का खास बताया जाता है। दोनों गुटों में उपाध्यक्ष पद को लेकर काफी दिनों से तनातनी चल रही थी। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ बगावत करते हुए दिलीप जायसवाल दीपू नामांकन करने पहुंच गए।मारपीट और चुनाव स्थगन के बाद कार्यकारिणी सदस्यों के साथ महापौर अभिलाषा गुप्ता ने बैठक की। इस बीच वहां भाजपा महानगर अध्यक्ष गणेश केससवानी भी पहुंचे। भाजपा प्रवक्ता पवन श्रीवास्तव आदि के साथ बैठक में तीखी बहस हुई। आरोप लगाया कि दीपू ने मंत्री गालियां दीं, जबकि दीपू ने इससे इनकार किया। दो घंटे की बैठक के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। इसलिए मारपीट करने वालों के खिलाफ एफआईआर नहीं हो सकी। पुलिस ने भी पार्षद सहित जिन दो लोगों को पकड़ा था उन्हें छोड़ दिया।