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UPPSC: पाठ्यक्रम पुराना पर परीक्षा योजना में बदलाव से रिवीजन का मौका नहीं, अभ्यर्थियों के लिए कठिन होगी तैयारी

Fri, 21 Mar 2025 12:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 21 Mar 2025 12:24 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2023 एक दिन और एक सत्र में कराने का निर्णय लिया है। पहले यह परीक्षा एक दिन व दो सत्रों में होती थी। 

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UPPSC: Syllabus is old but there is no chance of revision due to change in exam scheme
यूपीपीएससी। UPPSC - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2023 एक दिन और एक सत्र में कराने का निर्णय लिया है। पहले यह परीक्षा एक दिन व दो सत्रों में होती थी। एक सत्र में परीक्षा कराने पर पाठ्यक्रम में तो कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन अभ्यर्थियों के लिए तैयारी कठिन होगी। पहले दो सत्रों की परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को दूसरे सत्र की परीक्षा के पाठ्यक्रम के रिवीजन का मौका मिल जाता था, लेकिन अब दोनों सत्रों के प्रश्नपत्रों की परीक्षा एक साथ होगी।

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आयोग की ओर से परीक्षा योजना में परिवर्तन करते हुए पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि नई व्यवस्था में प्रारंभिक परीक्षा में अब केवल एक ही प्रश्नपत्र होगा। परीक्षा तीन घंटे की होगी और एक ही पेपर में सामान्य अध्ययन एवं सामान्य हिंदी के प्रश्न शामिल होंगे। प्रश्नपत्र का नाम ‘सामान्य अध्ययन एवं सामान्य हिंदी (सामान्य शब्द ज्ञान एवं व्याकरण)’ होगा और इसमें वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे। पेपर में 200 प्रश्न होंगे, जिनमें 140 प्रश्न सामान्य अध्ययन और 60 प्रश्न सामान्य हिंदी के होंगे।

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प्रश्नपत्र 200 अंकों का होगा और हर प्रश्न के लिए एक अंक निर्धारित होगा। अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए तीन घंटे का वक्त मिलेगा।बदलाव से पहले भी परीक्षा 200 अंकों की होती थी, लेकिन लेकिन दो सत्रों में दो अलग-अलग प्रश्नपत्रों की परीक्षा होती थी। दोनों ही प्रश्नपत्र वस्तुनिष्ठ प्रकार के थे। पहला पेपर सामान्य अध्ययन का 140 अंकों का था, जिसे हल करने के लिए दो घंटे का वक्त मिलता था। इसमें 140 प्रश्न शामिल होते थे। दूसरा पेपर सामान्य हिंदी का होता था, जिसमें सामान्य शब्द ज्ञान एवं व्याकरण से संबंधित 60 प्रश्न पूछे जाते थे।

दूसरा प्रश्नपत्र 60 अंकों का होता था और इसे हल करने के लिए एक घंटे का वक्त मिलता था। पहले यह परीक्षा दो सत्रों में परीक्षा सुबह 9:30 से 11:30 बजे और अपराह्न 2:30 से 3:30 बजे तक होती थी। ऐसे में अभ्यर्थियों को दूसरे सत्र की परीक्षा के विषय सामान्य हिंदी के रिवीजन के लिए तीन घंटे का वक्त मिल जाता था, लेकिन अब दोनों प्रश्नपत्रों की परीक्षा एक साथ होने से रिवीजन का मौका नहीं मिल सकेगा।

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प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व निगरानी होगी आसान

आरओ/एआरओ के 411 पदों पर भर्ती के लिए रिकाॅर्ड संख्या में 10,76,004 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। इन सभी की एक ही पाली में परीक्षा कराने से अब प्रश्नपत्रों की सुरक्षा भी आसान होगी। आयोग और प्रशासनिक तंत्र को प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व निगरानी के लिए दो की जगह केवल एक सत्र में आवश्यक व्यवस्थाएं करनी होंगी। 11 फरवरी 2024 को हुई आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2023 में दोनों पालियों की परीक्षा में सामान्य अध्ययन एवं हिंदी के पेपर लीक होने के मामले सामने आए थे।

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