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Uppsc : प्रतीक्षा सूची से भरे जाएं आरओ/एआरओ के रिक्त पद
Mon, 17 May 2021 01:11 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 17 May 2021 01:11 AM IST
सार
- प्रतियोगियों ने की मांग, आयोग के नए अध्यक्ष के समक्ष उठाएंगे मुद्दा
- पांच साल पुरानी भर्ती पूरी होने के इंतजार में ओवरएज हो गए कई अभ्यर्थी
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ)-2016 के दर्जनों पद योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण खाली रह गए। यह परीक्षा पांच साल में पूरी हुई। कई अभ्यर्थी अब ओवरएज हो चुके हैं। अगली परीक्षा में शामिल होने का उनके पास मौका नहीं है, सो मांग कर रहे हैं कि प्रतीक्षा सूची जारी कर आरओ/एआरओ के रिक्त पदों को भरा जाए। प्रतियोगी छत्रों का दावा भी है कि खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) परीक्षा-2019 के तहत आयोग ने भले ही बीईओ के सभी 309 पदों का परिणाम जारी किया हो, लेकिन कई चयनित अभ्यर्थियों के ज्वाइन न करने से बड़ी संख्या में पद खाली रह गए। ऐसे में बीईओ के रिक्त पद भी प्रतीक्षा सूची से भरे जाएं। प्रतियोगियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के नए अध्यक्ष के ज्वाइन करने पर उनसे मिलकर यह मांग रखी जाएगी।
आयोग ने आरओ/एआरओ-2016 का अंतिम चयन परिणाम इस साल पांच अप्रैल को जारी किया था, जबकि इसका विज्ञापन पांच साल पूर्व जारी किया गया था। उस वक्त 261 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे, जिनमें 303 पद आरओ/एआरओ के थे और बाकी 58 पद राजकीय बचत में स्टेटिकल असिस्टेंट, महिला एवं बाल कल्याण में इन्वेस्टिगेटर कम कंप्यूटर, बाट माप विभाग में इन्वेस्टिगेटर कम कंट्रोलर, असिस्टेंट मलेरिया अफसर, जूनियर ऑडिटर जैसे विशेष योग्यता वाले थे। आयोग ने विशेष योग्यता वाले 58 पदों का रिजल्ट नहीं जारी किया। पांच साल के दौरान विशेष योग्यता वाले कई पदों पर भर्ती की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पास चली गई तो कई पद विभागों में समाप्त हो गए। ऐसे ही विभिन्न कारणों से 58 पद भर्ती परीक्षा से बाहर कर दिए गए।
इसके बाद आरओ/एआरओ के 303 पद बचे, लेकिन ये पद पूरी तरह से नहीं भरे जा सके। आयोग ने आरओ/एआरओ के आठ प्रकार के 260 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया, जबकि 43 पद योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण खाली रह गए। प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि परीक्षा पांच साल पुरानी है और तमाम अभ्यर्थी रिजल्ट के इंतजार में ओवरएज हो गए। अब उनके पास कोई अवसर नहीं बचा है। ऐसे में आयोग को प्रतीक्षा सूची जारी कर ऐसे अभ्यर्थियों को अवसर प्रदान करना चाहिए। प्रतियोगी यह दावा भी कर रहे हैं कि बीईओ-2019 की परीक्षा में चयनित कई अभ्यर्थी अन्य परीक्षाओं के माध्यम से उच्च पदों पर चयनित हो चुके हैं। उन्होंने ज्वाइन नहीं किया है। बीईओ के भी कई पद खाली पड़े हैं, सो बीईओ के रिक्त पदों को भी प्रतीक्षा सूची से भरा जाए। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय का कहना है कि समिति काफी समय से सभी भर्ती परीक्षाओं की प्रतीक्षा सूची जारी करने की मांग कर रही है। आयोग के नए अध्यक्ष के ज्वाइन करने पर उनके समक्ष यह मुद्दा रखा जाएगा।
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आयोग ने आरओ/एआरओ-2016 का अंतिम चयन परिणाम इस साल पांच अप्रैल को जारी किया था, जबकि इसका विज्ञापन पांच साल पूर्व जारी किया गया था। उस वक्त 261 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे, जिनमें 303 पद आरओ/एआरओ के थे और बाकी 58 पद राजकीय बचत में स्टेटिकल असिस्टेंट, महिला एवं बाल कल्याण में इन्वेस्टिगेटर कम कंप्यूटर, बाट माप विभाग में इन्वेस्टिगेटर कम कंट्रोलर, असिस्टेंट मलेरिया अफसर, जूनियर ऑडिटर जैसे विशेष योग्यता वाले थे। आयोग ने विशेष योग्यता वाले 58 पदों का रिजल्ट नहीं जारी किया। पांच साल के दौरान विशेष योग्यता वाले कई पदों पर भर्ती की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पास चली गई तो कई पद विभागों में समाप्त हो गए। ऐसे ही विभिन्न कारणों से 58 पद भर्ती परीक्षा से बाहर कर दिए गए।
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इसके बाद आरओ/एआरओ के 303 पद बचे, लेकिन ये पद पूरी तरह से नहीं भरे जा सके। आयोग ने आरओ/एआरओ के आठ प्रकार के 260 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया, जबकि 43 पद योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण खाली रह गए। प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि परीक्षा पांच साल पुरानी है और तमाम अभ्यर्थी रिजल्ट के इंतजार में ओवरएज हो गए। अब उनके पास कोई अवसर नहीं बचा है। ऐसे में आयोग को प्रतीक्षा सूची जारी कर ऐसे अभ्यर्थियों को अवसर प्रदान करना चाहिए। प्रतियोगी यह दावा भी कर रहे हैं कि बीईओ-2019 की परीक्षा में चयनित कई अभ्यर्थी अन्य परीक्षाओं के माध्यम से उच्च पदों पर चयनित हो चुके हैं। उन्होंने ज्वाइन नहीं किया है। बीईओ के भी कई पद खाली पड़े हैं, सो बीईओ के रिक्त पदों को भी प्रतीक्षा सूची से भरा जाए। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय का कहना है कि समिति काफी समय से सभी भर्ती परीक्षाओं की प्रतीक्षा सूची जारी करने की मांग कर रही है। आयोग के नए अध्यक्ष के ज्वाइन करने पर उनके समक्ष यह मुद्दा रखा जाएगा।
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