UPPSC RO/ARO EXAM : प्री के परिणाम के साथ अंतिम उत्तरकुंजी के लिए अड़े अभ्यर्थी
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समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ)-2021 की प्रारंभिक परीक्षा के साथ संशोधित एवं अंतिम उत्तरकुंजी जारी की जाए। इस मांग को लेकर अभ्यर्थी अड़े हुए हैं और उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सचिव को भी पत्र लिखा है। इसके साथ ही अंनतिम उत्तरकुंजी पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए निर्धारित समय सीमा बढ़ाए जाने की मांग भी की गई है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पिछले दिनों पीसीएस, आरओ/एआरओ जैसी बड़ी भर्ती परीक्षाओं के अंतिम चयन परिणाम तो घोषित कर दिए, लेकिन अंतिम उत्तरकुंजी, प्राप्तांक और कटऑफ अंक अब तक जारी नहीं किए गए। आयोग की ओर से पांच दिसंबर को आरओ/एआरओ-2021 की प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई थी।
आयोग ने आठ दिसंबर को अनंतिम उत्तरकुंजी जारी कर अभ्यर्थियों से 14 दिसंबर तक उत्तरकुंजी पर आपत्तियां मागीं थीं। अभ्यर्थियों ने आयोग के अध्यक्ष एवं सचिव को पत्र लिखकर मांग की है कि प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के साथ संशोधित एवं अंतिम उत्तरकुंजी जारी की जाए। साथ ही प्रारंभिक परीक्षा के प्राप्तांक एवं कटऑफ अंक जारी किए जाएं।
अभ्यर्थियों ने आयोग के ही निर्णय का हवाला देते हुए प्री के परिणाम के साथ उत्तरकुंजी जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के साथ संशोधित उत्तरकुंजी जारी होने पर अभ्यर्थी स्वयं का मूल्यांकन कर सकेंगे। साथ ही यह जान सकेंगे कि उन्होंने कहां गलती की और जो अपत्ति दर्ज कराई, आयोग ने उसका निस्तारण किया या नहीं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आरओ/एआरओ परीक्षा-2021 की उत्तरकुंजी पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं हैं।
इसके साथ ही अभ्यर्थियों ने उत्तरकुंजी पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए निर्धारित समय सीमा 14 दिसंबर से 10 दिन आगे बढ़ाने की मांग की है। अभ्यर्थी देवेंद्र प्रताप गौतम ने आयोग के परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखकर कहा है कि आपत्ति दर्ज कराने के लिए सात दिन दिए गए हैं। इनमें से एक दिन रविवार को अवकाश था और चार दिन भारतीय डाक नियमानुसार लेता है। ऐसे में सिर्फ तीन दिन बचते हैं। इतने कम समय में साक्ष्य जुटाना एवं अन्य औपचारिकताएं पूरी करने में दिक्कत होती है। ऐसे में आपत्ति दर्ज कराने की समय सीमा बढ़ाई जाए।