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UPPSC : सीबीआई जांच पूरी होने तक न हो स्थायीकरण, प्रतियोगियों ने उठाई मांग

Mon, 23 May 2022 08:01 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 23 May 2022 08:01 PM IST
सार

अचयनित अभ्यर्थियों का दावा है कि सीबीआई को शुरुआती जांच में ही एपीएस भर्ती-2010 में गड़बड़ी मिल गई थी। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि सीबीआई ने इसके इनपुट उत्तर प्रदेश शासन के अधिकारियों से साझा किए थे।

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UPPSC News Today Updates No confirmation till the completion of CBI investigation, contestants raised their demand
UPPSC - फोटो : Social media

विस्तार

अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती-2010 एक बार फिर विवादों के घेरे में है। भर्ती में धांधली के खिलाफ सीबीआई की ओर से पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। इस बीच तमाम अचयनित अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र भेजकर दावा किया है कि एपीएस भर्ती-2010 के तहत नियुक्ति पा चुके संदिग्ध अभ्यर्थियों के स्थायीकरण की तैयारी की जा रही है। अचयनित अभ्यर्थियों ने मांग की है कि इस प्रक्रिया तो तत्काल रोका जाए और सीबीआई जांच पूरी होने के बाद ही इसे आगे बढ़ाया जाए।

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अचयनित अभ्यर्थियों का दावा है कि सीबीआई को शुरुआती जांच में ही एपीएस भर्ती-2010 में गड़बड़ी मिल गई थी। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि सीबीआई ने इसके इनपुट उत्तर प्रदेश शासन के अधिकारियों से साझा किए थे, लेकिन सचिवालय प्रशासन विभाग के तत्कालीन अधिकारियों की मिलीभगत से मार्च 2018 में चयनित अभ्यर्थियों को कंडीशनल ज्वाइन करा दिया गया।
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सीबीआई ने लंबी जांच के बाद चार अगस्त 2021 को भर्ती में फर्जीवाड़ा करने के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्व परीक्षा नियंत्रक प्रभुनाथ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी। सीबीआई की विवेचना के दौरान ही उत्तर प्रदेश सचिवालय में तैनाती पा चुके 221 अपर निजी सचिवों ने सचिवालय प्रशासन विभाग के कुछ अधिकारियों से सांठगांठ करके अपने स्थायीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ करा ली थी। 

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अचयनित अभ्यर्थियों आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल


हालांकि बाद में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक में निर्णय लिया गया कि सीबीआई जांच पूरी होने के बाद ही नियमितीकरण पर विचार किया जाएगा।  अब अचयनित अभ्यर्थी आरोप लगा रहे हैं कि अपर निजी सचिवों ने सचिवालय प्रशासन विभाग के अफसरों से सांठगांठ करके कार्मिक विभाग और वित्त विभाग की सहमति को आधार बनाकर न्याय विभाग को नियमतीकरण के प्रस्ताव पर सहमति के लिए पत्रावली पुन: भेजवा दी है।


प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय एवं मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने अभ्यर्थियों की बात रखते हुए मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मांग की है कि स्थायीकरण की प्रक्रिया पुन: शुरू करने वाले सचिवालय प्रशासन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराई जाए और सीबीआई जांच पूरी होने तक स्थायीकरण की प्रक्रिया को स्थगित करने के आदेश निर्गत किए जाएं।

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